IPC धारा 48अ04ब2065111 अंतर्गत आरोपपत्र खारिज


सवाल

IPC की धारा 498अ,304ब,323,306,511,313 के अंतर्गत आरोपपत्र खारिज करने की मेरी अपील इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 6 फरवरी 2012 को dismiss कर दिया। उसके बाद सत्र न्यायालय से हम दो आरोपियों के लिए ₹ 10000 का जमानती वारंट जारी हो गया है। अब मुझे जेल जाने से बचने के लिए क्या करना चाहिए? यहाँ यह बताना आवश्यक है कि पीड़िता का मृत्यु पूर्व दिया बयान हमारे विरोध में नहीं है।

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नमस्कार जैसा कि आपने कहा पत्र आरोप पत्र इलाहाबाद हाई कोर्ट के द्वारा जो पेटीशन आपने डाली थी इसके तहत आरोप पत्र को खारिज कर दिया जाए 6 फरवरी 2012 को खारिज कर दी उसके बाद आप को जमानत दे दी गई हजार के मुचलके पर पर अब आपको मिल जाने से बचने के लिए नए सिरे से मशक्कत करनी पड़ेगी आप फाइनल स्टेज में होगा या फिर फाइनल हो चुका होगा इन परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की तरफ रुख करना होगा या फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दोबारा से जाने के लिए कोशिश करनी पड़ेगी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट जाना इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने के मुकाबले है विकल्प है क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट से याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है इसलिए सुप्रीम कोर्ट जाना बेहतर विकल्प जहां से करता हूं राहत मिल जाएगी


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