शराब लाइसेंस कैसे मिलता है? नियम, जरुरी डाक्यूमेंट्स, खर्चा और आवेदन प्रक्रिया



शराब लाइसेंस के नियम, खर्च और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी

शराब की दुकान (ठेका) का लाइसेंस  प्राप्त करने के लिए, आपको अपने राज्य के आबकारी विभाग (Excise Department) में आवेदन करना होगा। यह प्रक्रिया ऑनलाइन या ऑफलाइन हो सकती है। आवेदन करते समय आपको सभी जरुरी डाक्यूमेंट्स और आवेदन फीस जमा करनी होगी। लाइसेंस विभाग में आवेदन जमा होने के बाद, आपका आवेदन सत्यापित किया जाएगा, और यदि सब कुछ ठीक रहा, तो आपको लाइसेंस मिल जाएगा।

आज हम इस आर्टिकल में शराब के ठेके का लाइसेंस कैसे मिलता है, वाइन शॉप लाइसेंस लेने के लिए आबकारी नीति, नियम, खर्चा, जरुरी डॉक्यूमेंट और आवेदन प्रक्रिया के बारे में सरल भाषा में बताएँगे।

भारत में शराब बेचने के लिए राज्य सरकार द्वारा शराब लाइसेंस लेना आवश्यक है। इसके बिना शराब बेचने एक दंडनीय अपराध है। दारु बेचने के लिए हर राज्य की अपनी अलग आबकारी नीति होती है जिसके अनुसार शराब के ठेके का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए हर राज्य में नियम और लाइसेंसिंग प्रक्रियाएं भी अलग-अलग होती हैं।

आप उत्तर प्रदेश (यूपी), बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा या भारत के किसी भी राज्य के निवासी हो, आपको शराब की दुकान खोलने या शराब से संबधित अन्य लाइसेंस लेने के लिए आपको अपने राज्य की एक्साइज पॉलिसी पता होना जरुरी है।


विषयसूची

  1. शराब लाइसेंस क्या है?
  2. भारत में शराब लाइसेंस के लिए आवेदन कैसे करें?
  3. भारत में शराब लाइसेंस कितने में बनता है - फीस और अन्य खर्चा
  4. शराब लाइसेंस की वैधता और नवीनीकरण
  5. शराब लाइसेंस के लिए कोन आवेदन कर सकता है
  6. लाइसेंस देने का उद्देश्य
  7. शराब लाइसेंस की विभिन्न श्रेणियां
  8. शराब लाइसेंस के प्रकार
  9. शराब लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज
  10. शराब की दुकान खोलने या बेचने के लिए लाइसेंस लेना क्यों जरुरी है?
  11. शराब के ठेके का लाइसेंस कब रद्द हो सकता है
  12. भारत में शराब की बिक्री के लिए कानून
  13. आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित आवश्यक दिशा-निर्देश
  14. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Property Dispute



शराब लाइसेंस क्या है?

शराब लाइसेंस सरकार द्वारा प्रदान की गई एक लिखित अनुमती है जिसमे सरकार शराब बेचने के नियम और मापदंड तय करती है जिसके अनुसार ही कानूनी रूप से शराब बेची जा सकती है।

भारत में शराब विक्रेताओं को शराब बेचने के लिए राज्य आबकारी विभाग द्वारा शराब लाइसेंस प्राप्त करना आवश्यक है, लाइसेंस के बिना किसी भी तरह की शराब (व्हिस्की, रम, वोडका, वाइन, देसी दारु इत्यादि) दुकान पर बेचना गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है।



शराब लाइसेंस के लिए कोन आवेदन कर सकता है

शराब लाइसेंस के लिए वह व्यक्ति आवेदन कर सकता हो जो शराब के उत्पादन, आयात, निर्यात, ट्रान्सपोर्ट, खरीद और बिक्री में शामिल होना चाहता है।
 



लाइसेंस देने का उद्देश्य

शराब लाइसेंस का उद्देश्य निम्नलिखित का नियंत्रण करना है:

  • शराब बेचने के लिए अधिकृत व्यवसाय।
  • राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त शराब के ठेके खोलना।
  • कब और कहां शराब बेची जा सकती है।
  • बिक्री के लिए वैध शराब की मात्रा।
  • शराब की बिक्री पर टैक्स।
  • शराब के प्रकार जो बेचे जा सकते हैं।
  • शराब कौन बेच सकता है।
  • शराब का उत्पादन, बिक्री, वितरण और रखने की अनुमति।


शराब लाइसेंस की विभिन्न श्रेणियां

जबकि कई भारतीय राज्य विभिन्न प्रकार और शराब के वर्गों के लिए एक ही शराब लाइसेंस प्रदान करते हैं, कुछ राज्यों में, एक विशिष्ट वर्ग के लाइसेंस के अनुदान के लिए एक आवेदन की आवश्यकता होती है। इसलिए उन राज्यों में जहां शराब के विभिन्न वर्गों के लिए परमिट की आवश्यकता होती है, भारत में उपलब्ध सामान्य शराब लाइसेंस के विभिन्न सेट निम्नलिखित हैं :

  • बीयर और वाइन लाइसेंस (Beer & Bar License) - बीयर और वाइन लाइसेंस उन लोगों के लिए होता है जो कम अल्कोहल मात्रा वाली शराब बेचना के लिए दारू के ठेके खोलना चाहते हैं। यह उन उद्यमों के लिए उपयुक्त है जो व्हिस्की (डिस्टिल्ड स्पिरिट) नहीं बेचते हैं।
  • खुदरा शराब लाइसेंस (Retail Liquor License): यह लाइसेंस शराब के ठेके या दुकान के लिए होता है इसमे लाइसेंस धारक को शराब बेचने की अनुमति प्रदान की जाती है लेकिन दुकान के परिसर के भीतर शराब पिलाने की अनुमति नहीं होती है।
  • थोक शराब लाइसेंस (Wholesale Liquor License): यह लाइसेंस निर्माताओं से शराब खरीदने और खुदरा विक्रेताओं को बेचने की अनुमति प्रदान करता है।
  • रेस्तरां शराब लाइसेंस (Restaurant Liquor License)– यह लाइसेंस रेस्तरां को अपने उपभोक्ताओं को शराब बेचने की अनुमति प्रदान करता है, इसे "सब प्रकार की शराब वाले लाइसेंस" के रूप में भी जाना जाता है।
 

हालाँकि, इस प्रकार का लाइसेंस केवल उन रेस्तरां को दिया जाता है, जिनका व्यवसाय मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की बिक्री से उत्पन्न होता है, और बिक्री का केवल एक प्रतिशत (40% से अधिक नहीं) शराब से आता है।
 

  • मधुशाला लाइसेंस (Bar License) - इस प्रकार का लाइसेंस व्यवसायों को दिया जाता है, जो खाद्य पदार्थों की पेशकश के बावजूद शराब की बिक्री से अपने मुनाफे का आधा हिस्सा बनाते हैं।
  • ब्रूपब शराब लाइसेंस (Brew Pub Liquor License) - जैसा कि नाम से पता चलता है, इस प्रकार का लाइसेंस उन लोगों को दिया जाता है जो अपनी वाइन और बीयर बनाते हैं।
  • अस्थाई लाइसेंस (Temporary Liquor License) - यह लाइसेंस त्यौहारों, शादियों या प्रदर्शनियों जैसे विशेष अवसरों पर शराब की अस्थायी बिक्री और वितरण के लिए जारी किया जाता है।  
  • आयात और निर्यात लाइसेंस (Import-Export License): यह लाइसेंस शराब के आयात-निर्यात की अनुमति प्रदान करता है।
  • आर्मी कैंटीन के लिए शराब लाइसेंस (Liquor License For Army Canteen): यह लाइसेंस अधिकृत कैंटीन को सैन्य कर्मियों को रियायती दरों पर शराब उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान करता है।


शराब लाइसेंस के प्रकार

प्रत्येक राज्य के प्रचलित शराब कानूनों के अनुसार विभिन्न प्रकार के शराब लाइसेंस प्राप्त किए जा सकते हैं। कुछ सामान्य प्रकार के लाइसेंस जिनके लिए कोई व्यक्ति या कंपनी आवेदन कर सकती है, उन्हें निम्न तालिका में दर्शाया गया है:

  • एल1 लाइसेंस: देशी शराब की थोक सप्लाई के लिए आवश्यक।
  • एल3 लाइसेंस: एल3 एक शराब लाइसेंस है जो होटलों को दिया जाता है जो होटल के कमरों में रहने वाले निवासियों को विदेशी शराब प्रदान करने की अनुमति देता है, जबकि
  • एल5 लाइसेंस: एल5 लाइसेंस होटल परिसर में स्थित बार या रेस्तरां में शराब प्रदान करने की अनुमति देता है।
  • एल6 लाइसेंस: एल6 बियर और देशी शराब के खुदरा विक्रेताओं को जारी किया जाता है।
  • एल19 लाइसेंस: यह क्लब को अपने ग्राहकों को विदेशी शराब बेचने की अनुमति प्रदान करता है।
  • एल49 लाइसेंस: एल49 किसी भी व्यक्ति को किसी भी पार्टी या राज्य में कहीं भी विशिष्ट परिसर में समारोह में शराब प्रदान करने के लिए दिया जाता है।
  • एफएल4 लाइसेंस: यह उन लोगों के लिए है जो एक किसी रिसॉर्ट या अपार्टमेंट के भीतर एक निजी पार्टी के लिए शराब प्रदान करना चाहते हैं।
 

भारत में शराब लाइसेंस के लिए आवेदन कैसे करें?

चूंकि भारत में प्रत्येक राज्य में अलग-अलग शराब कानून और नियम है, इसलिए शराब लाइसेंस के लिए आवेदन करने से पहले आपको अपने राज्य के शराब कानून का संपूर्ण ज्ञान होना महत्वपूर्ण है।

चूंकि राज्य के शराब कानून राज्य के आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित किए जाते हैं, इसलिए कोई भी व्यक्ति जो शराब लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहता है, उसके बारे में निम्नलिखित विकल्पों से जानकारी कर सकता है:
 

  • राज्य आबकारी विभाग की वेबसाइट पर जाकर।
  • लाइसेंसिंग प्राधिकारी के दफ्तर जाकर।
  • शराब की दुकानों का दौरा करके।


एक बार जब आप अपने राज्य के शराब कानून और नियमों  जानकारी अच्छी तरह कर लेते हैं, तो आप यह तय कर सकते हैं कि आपको किस प्रकार के लाइसेंस के लिए आवेदन करना है। लाइसेंस के सामान्य वर्गों में शामिल हैं:
 

  • बीयर और वाइन लाइसेंस (Wine & Beer License)
  • रेस्टोरेंट शराब लाइसेंस (Restaurant Liquor License)
  • मधुशाला शराब लाइसेंस (Bar Liquor License)
  • ब्रूपब शराब लाइसेंस (Brew Pub Liquor License)


तीसरी चीज जो आपको पता लगाने की जरूरत है, वह है आपके राज्य के कानूनों के अनुसार शराब लाइसेंस की लागत। अपने राज्य में शराब लाइसेंस प्राप्त करने की लागत के बारे में अन्य प्रासंगिक जानकारी के साथ, आप अपने राज्य आबकारी विभाग की वेबसाइट पर जा सकते हैं।

आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के बाद हो, शराब लाइसेंस के लिए आवेदन करने के लिए दिए गए चरणों का पालन करें:
 

  • चरण 1: अपने राज्य के उत्पाद शुल्क विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और उपयुक्त लाइसेंस के प्रकार का चुनाव कर लिए आवेदन पत्र डाउनलोड करें। एक बार डाउनलोड हो जाने के बाद, सभी आवश्यक विवरणों के साथ आवेदन पत्र भरें और संबंधित प्राधिकरण को आवश्यक आवेदन शुल्क के साथ जमा करे।
  • चरण 2: आवेदन पत्र के साथ आवेदक का पहचान प्रमाण-पत्र (आधार कार्ड), निवास प्रमाण-पत्र, निगमन प्रमाण-पत्र (व्यावसायिक संस्थाओं के मामले में), आईटीआर की प्रति, आदि आवश्यक  दस्तावेज संलग्न करे। 
  • चरण 3: एक बार आवेदन पत्र जमा हो जाने के बाद, राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण आपके द्वारा जमा किए गए जानकारी को सत्यापित करेगा और आवश्यक अतिरिक्त दस्तावेजों के लिए भी कॉल कर सकता है।
  • चरण 4: सत्यापन के बाद, संबंधित राज्य प्राधिकरण द्वारा आपके व्यक्तिगत या व्यावसायिक पते पर आपके नाम और लाइसेंस विवरण की घोषणा करते हुए एक नोटिस पोस्ट किया जाएगा। इस प्रकार प्रदर्शित नोटिस स्थानीय लोगों द्वारा उठाई गई किसी भी आपत्ति के लिए खुला होगा, जिसे संबंधित विभाग को सूचित किया जाएगा।
  • चरण 5: यदि कोई आपत्ति उठाई जाती है, तो आपको अपना बचाव करने का अधिकार दिया जाएगा। यदि कोई आपत्ति नहीं की जाती है, तो प्राधिकरण आवेदन की समीक्षा करेगा और आपको शराब लाइसेंस प्रदान करेगा।


शराब लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज

प्रत्येक राज्य के पास अपने स्वयं के निर्धारित दस्तावेज होते हैं जो शराब लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक होते हैं। हालाँकि, निम्नलिखित दस्तावेज़ सामान्य रूप से शराब लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक होते है :

  • आवेदक का पहचान प्रमाण
  • आवेदक का पता प्रमाण
  • शराब परोसने/बेचने/भंडारण/निर्माण के लिए उपयोग किए जाने वाले परिसर का पता प्रमाण
  • राज्य अग्निशमन विभाग और नगर निगम से एन.ओ.सी
  • आवेदक के व्यक्तिगत और व्यावसायिक विवरण के साथ आवेदन
  • कंपनियों के मामले में मेमोरंडम ऑफ असोसीएशन और संस्था के लेख
  • नवीनतम इनकम टैक्स रिटर्न कॉपी
  • आवेदक का फोटो
  • एक हलफनामा (एफिडेविट) यह घोषित करता है कि आवेदक के नाम पर कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
  • आवेदक का गैर-डिफॉल्टर हलफनामा जो यह घोषित करता है कि पर कोई बकाया नहीं है।
 

शराब की दुकान खोलने या बेचने के लिए लाइसेंस लेना क्यों जरुरी है?

भारत में शराब बेचने के लिए राज्य सरकार द्वारा शराब लाइसेंस प्राप्त करना आवश्यक है इसके बिना शराब बेचने एक दंडनीय अपराध है।



भारत में शराब लाइसेंस कितने में बनता है - फीस और अन्य खर्चा

शराब का लाइसेंस बनवाने में लगने वाली लागत कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे कि आपका राज्य, लाइसेंस का प्रकार और शॉप खोलने की जगह। आमतौर पर, यह लागत 50,000 रुपये से लेकर ₹5 लाख या उससे भी अधिक हो सकती है। 

जैसा कि ऊपर कहा गया है, चूंकि शराब कानून अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होते हैं, इसलिए शराब लाइसेंस की लागत भी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती है।  दिए गए शराब लाइसेंस के प्रकार और जिस घटना के लिए इसे प्रदान किया गया है, उसके आधार पर, शराब लाइसेंस प्राप्त करने में होने वाली औसत लागतें निम्नलिखित हैं:

  • अस्थाई शराब लाइसेंस की लागत - बीस लाख से कम आबादी वाले एक छोटे से शहर में आयोजित किसी कार्यक्रम/पार्टी या शादी में अस्थायी शराब लाइसेंस की कीमत 100 से अधिक सदस्यों के लिए लगभग 10,000 रुपये होगी और 100 से कम सदस्यों के लिए रु.7,000 होगी।
  • एक निजी रिसॉर्ट या फ्लैट में पार्टी के लिए शराब लाइसेंस की लागत - आबकारी विभाग के अनुसार, एक रिसॉर्ट या एक निजी फ्लैट में आयोजित पार्टी में शराब  के लिए एफएल-4 लाइसेंस की आवश्यकता होती है जिसकी औसत लागत रु.13,000 है।
  • परमिट रूम में शराब लाइसेंस की लागत- परमिट रूम के लिए शराब लाइसेंस की लागत 5,44,000 रुपये है और एक रेस्तरां या बीयर की दुकान के लिए 1,50,000 रुपये है। 
  • किसी विशेष राज्य के लिए शराब लाइसेंस की लागत- किसी विशेष राज्य में शराब लाइसेंस की प्रचलित राज्य कानूनों और विनियमों के आधार पर रु.5000 से रु.15000 या इससे अधिक लागत हो सकती है।


शराब लाइसेंस की वैधता और नवीनीकरण

एक शराब लाइसेंस की वैधता जारी होने की तारीख से 1 वर्ष की होती है। इस अवधि की समाप्ति के बाद, राज्य आबकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनीकरण आवेदन पत्र भरकर और संबंधित नवीनीकरण शुल्क का भुगतान करके, शराब लाइसेंस का सालाना नवीनीकरण किया जा सकता है।

इसलिए, यदि कोई व्यक्ति अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराना चाहता है, तो उसे लाइसेंस की समाप्ति की तारीख से 30 दिनों से पहले नवीनीकरण शुल्क के भुगतान के साथ आवेदन करना होगा, जो राज्य आबकारी विभाग द्वारा लाइसेंस के प्रकार और/या वर्ग के आधार पर तय किया गया है। आवेदक के आचरण और सद्भावना के आधार पर नवीनीकरण शुल्क में भी कमी की जा सकती है।
 



शराब के ठेके का लाइसेंस कब रद्द हो सकता है

यदि आवेदक द्वारा निम्नलिखित में से कोई एक कार्य किया जाता है, तो आबकारी विभाग द्वारा शराब लाइसेंस रद्द किया जा सकता है:

  • शुष्क दिवस पर शराब बेचना
  • नाबालिगों को शराब बेचना
  • राज्य आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन
 

भारत में शराब की बिक्री के लिए कानून

शराब की बिक्री, वितरण और निर्माण संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार राज्य सूची के अंतर्गत आता है। इसलिए, राज्य सरकारों का अपने अधिकार क्षेत्र में लागू होने वाले कानूनों और दिशानिर्देशों पर नियंत्रण होता है।  नतीजतन, शराब की बिक्री और निर्माण के मामले में विभिन्न राज्यों में अलग-अलग कानून हैं। भारत में शराब की बिक्री और खपत को नियंत्रित करने वाले कानून इस प्रकार हैं:

  • लाइसेंसिंग अधिनियम 2003
  • दिल्ली आबकारी अधिनियम, 2009 और उत्पाद शुल्क नियम, 2010
  • पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914
  • उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1910
  • 1909 का बंगाल आबकारी अधिनियम
  • गोवा उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1964
  • 1949 का बॉम्बे निषेध अधिनियम
  • कर्नाटक आबकारी अधिनियम, 1965
  • तमिलनाडु शराब नियम, 1981


आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित आवश्यक दिशा-निर्देश

उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शराब उपलब्ध कराने के लिए राज्य के आबकारी विभाग समय-समय पर विभिन्न दिशा-निर्देश जारी करते हैं जो की निम्नलिखित है:
 

  • राज्य द्वारा अधिकृत शराब के ठेके से शराब खरीदना।
  • एक वैध और ईमानदार करदाता को लाइसेंस प्रदान करना।
  • आर्मी कैंटीन से खरीदी जाने वाली शराब का इस्तेमाल जनता के लिए प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।
  • एक राज्य से दूसरे राज्य की यात्रा करने वाले व्यक्तियों को प्रत्येक राज्य में शराब रखने की सीमा का पालन करना होगा।
  • यदि आप शराब पीने की कानूनी उम्र से कम हैं, तो शराब न खरीदें।
  • बिना लाइसेंस के परिसर में किसी भी प्रकार की शराब की विक्रय न करें।
  • प्रत्येक लाइसेंस धारक को शराब की दुकान के मामले में प्रत्येक ब्रांड की शराब की कीमत, रेस्तरां, बार, होटल या डिस्को के मामले में मेनू रेट सूची दिखाते हुए एक बोर्ड प्रदर्शित करना चाहिए।
 

अगर आप शराब बेचने के लिए दूकान/ठेका (वाइन शॉप) खोलना चाहते है, तो सभी नियमों और दस्तावेजों को सही तरीके से पूरा करना जरूरी है। अपने राज्य के नियमानुसार  आवेदन प्रक्रिया को समझकर और जरूरी दस्तावेज जमा करके आप आसानी से लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपके कोई सवाल हैं या आप शराब लाइसेंस से जुड़ी और जानकारी चाहते हैं, तो आप हमारे विशेषज्ञ वकील से कानूनी सलाह पाने के लिए नीचे क्लिक करें।



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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


लाइसेंस की फीस कितनी होती है?

शराब की दुकान के लाइसेंस की फीस राज्य के आधार पर अलग-अलग होती है। छोटे दारू के ठेके के लिए फीस ₹10,000 से ₹50,000 तक और बार/क्लब के लिए ₹1 लाख से ₹5 लाख तक हो सकती है।



क्या शराब लाइसेंस ऑनलाइन लिया जा सकता है?

हाँ, कुछ राज्यों में आबकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।



बिना लाइसेंस के शराब बेचने पर कितने सजा होती है?

बिना लाइसेंस के शराब बेचने पर जुर्माना, दुकान या ठेका का सील होना जैसी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। कुछ मामलों में जेल की सजा भी हो सकती है।



शराब की दुकान का लाइसेंस कैसे मिलता है?

अपने राज्य के लाइसेंस नियमो का पालन करते हुए आवेदन पत्र भरें, जरुरी डाक्यूमेंट्स जमा करें, लाइसेंस फीस का भुगतान करें। इसके बाद निरीक्षण प्रक्रिया होगी, अगर सब कुछ सही पाया जाता है, तो लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।



शराब लाइसेंस के लिए आवेदन कहाँ करें?

अपने राज्य के आबकारी विभाग की वेबसाइट पर जाएँ, जैसे UP में upexciseonline.in। वहाँ ऑनलाइन फॉर्म भरें और कागजात जमा करें। अगर ऑनलाइन नहीं है, तो आबकारी ऑफिस में ऑफलाइन अप्लाई करें।लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया टेंडर या लॉटरी पर भी निर्भर करती है।



वाइन शॉप लाइसेंस लेने के लिए क्या योग्यता चाहिए?

भारत में शराब का लाइसेंस लेने के लिए कुछ नियम और योग्यता निर्धारित की है। आवेदक की उम्र आमतौर पर 21 या 25 साल से अधिक होनी चाहिए (राज्य के अनुसार)। उसके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला नहीं होना चाहिए और वह टैक्स नियमों का पालन करने वाला होना चाहिए।



क्या शराब की दुकान कहीं भी खोली जा सकती है?

नहीं। शराब का ठेका स्कूल, कॉलेज, मंदिर, अस्पताल या रिहायशी इलाके से तय दूरी पर होनी चाहिए। यह दूरी हर राज्य की नीति में तय होती है।



शराब की दुकान का लाइसेंस कौन जारी करता है?

हर राज्य का आबकारी विभाग (Excise Department) शराब लाइसेंस जारी करता है।