धोखाधड़ी से बचने के लिए प्रॉपर्टी खरीदते समय कौन से डाक्यूमेंट्स की जांच करे



घर या जमीन खरीदना हर व्यक्ति का सपना होता है। लेकिन, यही सपना अगर धोखाधड़ी का शिकार हो जाए तो यह जीवनभर के लिए एक बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। क्योंकि आजकल प्रॉपर्टी खरीदने में धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिनमें नकली दस्तावेज बनाना और एक ही प्रॉपर्टी को कई बार बेचना जैसी समस्याएं आम हो चुकी हैं। इसलिए हर व्यक्ति को यह जानकारी होना आवश्यक है कि किस तरह प्रॉपर्टी से जुड़े सही दस्तावेजों की पहचान या जांच की जाए। इस लेख में हम आपको प्रॉपर्टी लेते समय चेक किए जाने वाले सभी आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देंगे कि, प्रॉपर्टी खरीदते समय कागजों की जांच करना क्यों जरूरी है? मकान, दुकान, प्लॉट या जमीन खरीदने से पहले  डाक्यूमेंट्स की जाँच कैसे करें? क्या प्रॉपटी के दस्तावेज ऑनलाइन जांच करने का आसान तरीका?


विषयसूची

  1. प्रॉपर्टी खरीदते समय सभी दस्तावेजों की जांच करना क्यों जरूरी है?
  2. प्रॉपर्टी खरीदने से पहले चेक किए जाने वाले दस्तावेज व उनकी जांच
  3. मकान, दुकान, प्लाट या जमीन के दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच कैसे करें?
  4. 1. बिक्री विलेख (Title Deed)
  5. 2. विक्रय विलेख (Sale Deed)
  6. 3. बाधा प्रमाण पत्र या भार प्रमाण पत्र (Encumbrance Certificate)
  7. 4. संपत्ति कर रसीद (Property Tax Receipt)
  8. 5. योजना स्वीकृति और नक्शा (Plan Approval & Map)
  9. 6. एनओसी (No Objection Certificate)
  10. 7. पावर ऑफ अटॉर्नी
  11. प्रॉपर्टी खरीदते समय दस्तावेजों की जांच में वकील कैसे करते हैं आपकी मदद?
  12. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


प्रॉपर्टी खरीदते समय सभी दस्तावेजों की जांच करना क्यों जरूरी है?

आज के समय में घर या जमीन लेते वक्त बहुत ही समझदारी से फैसले लेने चाहिए, क्योंकि एक छोटी सी गलती भी हमारे मेहनत से कमाए गए पैसों को हमसे दूर कर सकती है। इसलिए कोई भी प्रोपर्टी लेने से पहले सभी कागजात चेक करना क्यों जरुरी है, इसके कारणों को समझते है:-
 

  • प्रॉपर्टी के नकली कागज: कई बार लोग नकली दस्तावेजों (Fake Documents) के जरिए प्रोपर्टी बेचकर आपको धोखा दे सकते हैं, जैसे कि वो आपको किसी और की जमीन बेच सकते हैं।
  • कानूनी समस्याएं: अगर प्रोपर्टी के सभी दस्तावेज ठीक नहीं होंगे तो आपको बाद में कई तरह की कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे कि कोई और व्यक्ति आकर दावा कर सकता है कि जमीन उसकी है।
  • सही जानकारी: प्रोपर्टी या घर खरीदते समय उनके सभी कागजों की जांच करने से आपको उससे जुड़ी सभी जरुरी जानकारियाँ मिल जाएगी। जैसे कि, जमीन किसके नाम पर है, उस पर कोई कर्ज तो नहीं है, जमीन का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जा सकता है, आदि।


प्रॉपर्टी खरीदने से पहले चेक किए जाने वाले दस्तावेज व उनकी जांच

किसी भी घर या प्रोपर्टी को खरीदते समय उससे संबंधित सभी जरुरी कागजों को अच्छे से देखना व उनकी जांच करना बहुत ही जरुरी कदम होता है। आइये आसान भाषा में जानते है कि प्रॉपर्टी व घर खरीदते समय कैसे वे किन डाक्यूमेंट्स की जाँच करनी चाहिए।



1. बिक्री विलेख (Title Deed)

बिक्री विलेख एक ऐसा कानूनी दस्तावेज़ (Legal Document) होता है, जो यह साबित करता है कि जिस संपत्ति को आप खरीदना चाहते है वह किसके नाम पर है और उस पर किसी और व्यक्ति का कोई हक तो नहीं है। यह दस्तावेज़ कानूनी रूप से मान्य (Valid) होता है और यह साबित करता है कि आप किसी प्रोपर्टी या घर को कानूनी तरीके से खरीद रहे हैं।

टाइटल डीड में क्या लिखा होता है?

  • संपत्ति की जानकारी: घर का पता, आकार, और अन्य जानकारी।
  • मालिक की जानकारी: मालिक का नाम, पता, और अन्य जानकारी।
 

टाइटल डीड की जांच कैसे करें?

आप रजिस्ट्रार ऑफिस जाकर इस दस्तावेज़ की जांच कर सकते हैं। इसके अलावा आप किसी अनुभवी वकील (Experienced lawyer) से भी इसकी जांच करवा सकते है।



2. विक्रय विलेख (Sale Deed)

इसे समझने के लिए मान लीजिए आप एक घर खरीद रहे हैं। इस घर को खरीदने के बाद आपको एक कागज़ मिलता है, जिसे विक्रय विलेख कहते हैं। यह कागज़ एक तरह का सबूत (Proof) है जो यह दिखाता है कि अब यह घर आपका हो गया है। यह एक कानूनी दस्तावेज़ होता है जो यह साबित करता है कि घर का मालिकाना हक (Ownership Rights) अब आपके पास आ गया है।

क्यों है विक्रय विलेख इतना जरूरी?

जब कोई व्यक्ति किसी संपत्ति को बेच रहा होता है, तो खरीददार (Buyer) को उस जमीन या घर के असली मालिक के बारे में पता करने के लिए इस दस्तावेज की आवश्यकता पड़ती है।

विक्रय विलेख में क्या लिखा होता है?

  • घर का पता: जिस घर को आप खरीद रहे हैं उसका पूरा पता।
  • खरीददार और बेचने वाले मालिक का नाम: आपका नाम और उस व्यक्ति का नाम जिससे आप घर खरीद रहे हैं।
  • घर की कीमत: जिस कीमत पर घर को खरीदा गया है।
 

विक्रय विलेख की जांच कैसे करें?

पता और सीमाएं:

विक्रय विलेख (Sale Deed) में दिए गए पते (Address) और संपत्ति की सीमाओं (Boundaries of Property) को नक्शे से मिलाकर देखें।

इसके अलावा यह भी देखें कि जो प्रोपर्टी या घर आप ले रहे है वो किस प्रकार की भूमि (Land) है जैसे, आवासीय (Residential), वाणिज्यिक या कृषि (Commercial Or Agricultural) भूमि है।
 

खरीदार और विक्रेता का नाम:

इसके साथ ही खरीदार और बेचने वाले का पूरा नाम भी इसमें सही तरीके से लिखा होना चाहिए।

पहचान: जमीन बेचने वाले की पहचान के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों की जांच करें, जैसे कि आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि।
 

बिक्री की कीमत:

सही राशि: बिक्री की कीमत बिक्री समझौते (Sale Agreement) में दी गई राशि (Amount) के बराबर है या नहीं इस बात को भी अच्छे से चेक करें।
 

भुगतान की शर्तें:

यह देखें कि पैसों का भुगतान (Payment) कैसे किया जाएगा जैसे नकद, चेक, या बैंक ट्रांसफर या किश्तों में।
 

  • इसके अलावा यह भी देखें कि संपत्ति पर कोई पुराना बिल या लोन तो नहीं है।

  • यह देखें कि संपत्ति के साथ क्या-क्या चीजें शामिल हैं, जैसे कि फर्नीचर, उपकरण आदि।

  • यह देखें कि आप कब संपत्ति पर कब्जा (Possession of Property) ले सकते हैं।



3. बाधा प्रमाण पत्र या भार प्रमाण पत्र (Encumbrance Certificate)

जब आप कोई घर या जमीन खरीदते हैं, और यह जानना चाहते हैं कि उस संपत्ति पर कोई कर्ज, टैक्स बकाया या कोई अन्य कानूनी समस्या तो नहीं है। यह सब जानकारी आपको इस दस्तावेज़ से मिलती है, जिसे बाधा प्रमाण पत्र कहते हैं।

क्यों है एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट ज़रूरी?

अगर आप कोई ऐसी संपत्ति खरीद लेते हैं जिस पर पहले से ही कोई कर्ज है, तो आपको वह कर्ज भी चुकाना होगा। एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट आपको इस तरह की समस्या से बचाता है।

बाधा प्रमाण पत्र की जांच कैसे करें?

आप बाधा प्रमाण पत्र को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय (Sub Registrar Office) से प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लग सकता है, क्योंकि इसमें बहुत पुराने रिकार्ड को देखना होता है।



4. संपत्ति कर रसीद (Property Tax Receipt)

जब आप कोई घर या जमीन खरीदते हैं, तो आपको हर साल सरकार को कुछ पैसे टैक्स के रूप में देने होते है। इस टैक्स को संपत्ति कर (Property Tax) कहते हैं। जब आप यह टैक्स चुकाते हैं, तो आपको एक रसीद (Receipt) मिलती है। इस रसीद को संपत्ति कर रसीद कहते हैं। यह रसीद इस बात का सबूत है कि आपने अपनी संपत्ति का टैक्स समय पर चुका दिया है।

संपत्ति खरीदते समय यह क्यों ज़रूरी है?

अगर आप कोई ऐसी संपत्ति खरीद लेते हैं जिसके मालिक ने टैक्स नहीं भरा होगा, तो उस घर या जमीन का बचा हुआ टैक्स भी आपको ही भरना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी घर को खरीदते समय उसके मालिक द्वारा भरे गए टैक्स की रसीद लेना जरुरी होता है।

संपत्ति कर रसीद की जांच कैसे करें?

सबसे पहले आपको घर या जमीन के मालिक से पिछले कुछ सालों के अंदर भरे गए घर के टैक्स की रसीदें मांगनी चाहिए। इसके अलावा आप नगर निगम में जाकर भी जांच कर सकते है कि जिस संपत्ति को आप खरीद रहे है उसका टैक्स समय पर चुकाया गया है या नहीं।



5. योजना स्वीकृति और नक्शा (Plan Approval & Map)

जब आप कोई घर या इमारत बनाते हैं, तो आपको नगर निगम से अनुमति (Permission) लेनी होती है। इस अनुमति के लिए आपको एक नक्शा (Map) बनाना होता है जिसमें दिखाया जाता है कि आप किस तरह की इमारत या घर बनाना चाहते हैं। जब अधिकारी इस नक्शे को मंजूर (Approve) कर देते हैं, तो उसे योजना स्वीकृति या नक्शा मंजूरी भी कहते हैं।

संपत्ति खरीदते समय यह क्यों ज़रूरी है?

अगर कोई इमारत (Building) बिना नक्शे या अनुमति (Permission) के बनाई गई है, तो उसे गिराया जा सकता है। प्लान अप्रूवल के द्वारा यह देखा जाता है कि इमारत का निर्माण कानूनी रूप से व सही तरीके से किया गया है।

प्लान अप्रूवल और नक्शे की जांच कैसे करें?

सबसे पहले आपको संपत्ति के मालिक से प्लान अप्रूवल की कॉपी मांगनी चाहिए। इसके अलावा आप नगर निगम में जाकर भी इसकी जांच कर सकते हैं



6. एनओसी (No Objection Certificate)

अगर आप किसी नए घर को खरीदने की सोच रहे है, और आप यह जानना चाहते हैं कि इस घर को बनाने के लिए सभी नियमों का पालन किया गया है या नहीं। इसके लिए आपको इस दस्तावेज़ की आवश्यकता होती है जिसे NOC (No Objection Certificate) कहते हैं। यह एक तरह का प्रमाण पत्र (Certificate) होता है जो यह बताता है कि सभी सरकारी विभागों (Govt. Departments) ने इस घर को बनाने की अनुमति दे दी है।

क्यों है यह ज़रूरी?

घर खरीदते समय एनओसी इसलिए काम आता है कि आप जिस घर को खरीद रहे हैं, वह पूरी तरह से कानूनी है और भविष्य में आपको किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

NOC की जांच कैसे करें?

जब आप कोई घर खरीदते हैं, तो उस घर को बेचने वाले मालिक से सभी संबंधित एनओसी मांगें। आप नगर निगम, सोसाइटी या अन्य संबंधित विभागों में जाकर यह जांच कर सकते हैं कि एनओसी सही है या नहीं।

किन-किन विभागों से NOC मिलती है?

  • नगर निगम: यह सबसे महत्वपूर्ण NOC होता है। यह बताता है कि घर को नगर निगम के नियमों के अनुसार बनाया गया है।
  • सोसाइटी: अगर आप किसी सोसाइटी में घर खरीद रहे हैं, तो आपको सोसाइटी से भी एनओसी लेना होगा।
  • पानी और बिजली विभाग: इन विभागों से भी एनओसी लेना भी बहुत ही ज़रूरी होता है।
  • अन्य विभाग: कभी-कभी अन्य विभागों से भी एनओसी लेने की आवश्यकता होती है, जैसे कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।


7. पावर ऑफ अटॉर्नी

जब आप कोई घर या संपत्ति खरीदते हैं लेकिन उसका मालिक खुद वहाँ मौजूद नहीं हो, बल्कि उसके बदले कोई और व्यक्ति संपत्ति बेच रहा है, तो आपको यह जानने का अधिकार है कि उस व्यक्ति को संपत्ति बेचने का अधिकार किसने दिया है। इसके लिए आपको उस व्यक्ति के नाम पर बनवाई गई पावर ऑफ अटॉर्नी की अच्छे से जांच करनी होगी।

पावर ऑफ अटॉर्नी की जांच कैसे करें?

  • असली दस्तावेज़: सबसे पहले आपको घर बेचने वाले व्यक्ति से पावर ऑफ अटॉर्नी का असली दस्तावेज़ (Original Document) मांगना चाहिए।
  • नोटरी और रजिस्ट्री: इसके बाद यह भी जांच करें कि उस दस्तावेज़ पर नोटरी के द्वारा हस्ताक्षर (Signature) किए गए हो और इसे रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्टर भी किया गया हो।
  • अधिकारों की सीमा: पावर ऑफ अटॉर्नी में यह भी साफ तौर पर लिखा होना चाहिए कि दूसरे व्यक्ति को संपत्ति बेचने के अलावा और कौन-कौन से अधिकार दिए गए हैं।
 

क्यों है यह ज़रूरी?

धोखाधड़ी: अगर पावर ऑफ अटॉर्नी फर्जी है, तो आप धोखे का शिकार हो सकते हैं।
 



मकान, दुकान, प्लाट या जमीन के दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच कैसे करें?

ऑनलाइन दस्तावेज की जांच करने की सुविधा ने प्रॉपर्टी से संबंधित जानकारी प्राप्त करना बहुत आसान बना दिया है। अब आप अपने घर बैठे ही प्रोपर्टी से संबंधित कागजों की ऑनलाइन जांच कर सकते हैं। आइये जानते है कैसे

  • राजस्व विभाग की वेबसाइट: हर राज्य का राजस्व विभाग (Revenue Department) प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराता है। यहां आप प्रॉपर्टी के मालिक, प्रॉपर्टी पर बने घर या मकान, और प्रॉपर्टी से जुड़े अन्य कागजात देख सकते हैं। उदाहरण: उत्तर प्रदेश के लिए http://igrsup.gov.in, महाराष्ट्र के लिए igrmaharashtra.gov.in
  • एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (EC): यह सर्टिफिकेट बताता है कि प्रॉपर्टी पर कोई कर्ज या ऋण (Debt or loan) है या नहीं। आप अपने राज्य के रजिस्ट्रार विभाग की वेबसाइट पर जाकर यह सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं।
  • भू-अभिलेख पोर्टल: यह पोर्टल प्रॉपर्टी के मालिकाना हक (Ownership rights) की जानकारी प्रदान करता है।
  • RERA पोर्टल: अगर आप बिल्डर से प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, तो RERA (Real Estate Regulatory Authority) पोर्टल पर जाकर प्रोजेक्ट और बिल्डर की वैधता (Validity) की जांच कर सकते हैं।
 

ऑनलाइन एनओसी और स्वामित्व रिकॉर्ड:

  • नगरपालिका और सोसाइटी की एनओसी: आप अपने शहर या गांव से संबंधित नगरपालिका और सोसाइटी की वेबसाइट पर जाकर प्रॉपर्टी की एनओसी की जांच कर सकते है।
  • हाउसिंग सोसाइटी की एनओसी: अगर प्रॉपर्टी किसी हाउसिंग सोसाइटी में है, तो आप सोसाइटी की वेबसाइट पर जाकर एनओसी की कॉपी देख सकते हैं।


प्रॉपर्टी खरीदते समय दस्तावेजों की जांच में वकील कैसे करते हैं आपकी मदद?

वकील आपके लिए सभी कानूनी दस्तावेजों की गहराई से जांच करते हैं। वकील यह सुनिश्चित करते हैं कि संपत्ति पर कोई कानूनी विवाद (Legal Dispute) न हो। अगर किसी जमीन पर कोई विवाद है, तो वे आपको इसके बारे में पहले ही बता देंगे।

इसके अलावा वकील सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने में आपकी मदद करेंगे, जैसे कि संपत्ति का रजिस्ट्रेशन, स्टांप ड्यूटी का भुगतान आदि। अगर आप कोई घर या जमीन खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो हमारे अनुभवी वकील दस्तावेज़ों की जाँच से लेकर घर खरीदने की पूरी प्रक्रिया में आपकी सहायता कर सकते है। इसलिए अभी घर बैठे हमारे वकीलों से बात करने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें। 



अपने कानूनी मुद्दे के लिए अनुभवी प्रॉपर्टी वकीलों से सलाह प्राप्त करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


किसी भी प्रोपर्टी को खरीदने से पहले कौन से पेपर चेक करना जरुरी होता हैं?

घर, दुकान या प्लॉट खरीदने से पहले चेक किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण कागजातों में शामिल हैं: संपत्ति का स्वामित्व दस्तावेज़, एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट, नक्शा, निर्माण अनुमति,आदि। 



घर खरीदते समय एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (Encumbrance Certificate) क्यों आवश्यक है?

यह प्रमाण पत्र दिखाता है कि प्रॉपर्टी पर कोई बकाया लोन, या अन्य कानूनी बाधा नहीं है। इसे जहाँ आप प्रोपर्टी खरीद रहे वहाँ के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।



सेल डीड (Sale Deed) क्या होती है, और इसे कैसे चेक करें?

सेल डीड संपत्ति की खरीद व बिक्री का पंजीकृत दस्तावेज़ (Registered Document) है। इसकी जांच रजिस्ट्री कार्यालय से की जा सकती है।



पॉज़ेशन लेटर और ऑलॉटमेंट लेटर क्या होते हैं?

पॉज़ेशन लेटर प्रॉपर्टी का कब्जा लेने का प्रमाण है, और ऑलॉटमेंट लेटर संपत्ति आवंटन (Property Allotment) का प्रमाण है। 



किसी घर को खरीदने से पहले मुझे नक्शा क्यों देखना चाहिए?

नक्शा यह दिखाता है कि संपत्ति का आकार और सीमाएं (Size & Boundaries) क्या हैं। नक्शा यह भी दिखाता है कि संपत्ति का निर्माण कानूनी रूप से किया गया है या नहीं।