भारत की नागरिकता कैसे लें: नागरिकता कानून, नियम और आवेदन प्रक्रिया



​भारत विभिन्न संस्कृतियों वाला एक बहुत बड़ा देश है, जहाँ हर साल बहुत से लोग इस देश की नागरिकता पाने के लिए आवेदन करते हैं। लेकिन आज भी कई लोग इस बात को लेकर भ्रम में रहते हैं कि वे भारतीय नागरिक हैं या नहीं, और अगर नहीं हैं, तो उन्हें नागरिकता कैसे मिलेगी? कुछ लोग तो जन्म से ही भारतीय होते हैं, लेकिन कुछ को भारत की नागरिकता (Indian Citizenship) पाने के लिए कानून के तहत एक पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। हाल ही के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहाँ विदेशों से आए लोग, प्रवासी या भारत में रहने वाले कुछ लोगों को नागरिकता लेने में मुश्किलें आई हैं। इसलिए भारत की नागरिकता से जुड़े नियमों को समझना हर किसी के लिए जरूरी हो गया है। आज के इस लेख में हम इंडियन सिटीजनशिप के बारे में बताएंगे कि, नागरिकता कानून (Indian Citizenship Law) क्या है? भारत की नागरिकता लेने के नियम, आवेदन, योग्यता और पूरी प्रक्रिया?

भारत में जन्म लेने का मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति भारतीय नागरिक बन सकता है। इसके लिए कुछ कानूनी शर्तें होती हैं। इसी तरह, विदेशी नागरिकों, प्रवासियों और भारतीय मूल के विदेशियों के लिए भी नागरिकता प्राप्त करने की एक प्रक्रिया होती है। इसलिए इस विषय को समझना हर नागरिक के लिए जरूरी है, ताकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को सही तरीके से जान सकें।


विषयसूची

  1. नागरिकता कानून (Citizenship Law) क्या है?
  2. भारतीय नागरिकता (Indian Citizenship) कैसे मिलती है - नियम और शर्ते
  3. भारत की नागरिकता कैसे लेते है - ऑनलाइन आवेदन और पूरी प्रक्रिया
  4. भारत की नागरिकता मिलने के फायदे और अधिकार
  5. भारतीय नागरिकता कानून के नियम (Rules of Citizenship Law in India)
  6. 1. जन्म से नागरिकता: (पैदा होते ही नागरिक)
  7. 2. वंश के आधार पर नागरिकता: (खानदानी नागरिकता)
  8. 3. पंजीकरण द्वारा नागरिकता: (लिखा-पढ़ी करके नागरिक बनना)
  9. 4. देशीयकरण द्वारा नागरिकता: (लंबे समय तक रहने के बाद नागरिक बनना)
  10. 5. क्षेत्र को भारत में मिलाने पर नागरिकता: (इलाके के साथ नागरिकता)
  11. भारतीय नागरिकता छोड़ने और समाप्त करने के नियम
  12. नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 के नियम
  13. दोहरी भारतीय नागरिकता (Dual Indian Citizenship) के नियम
  14. OCI कार्ड क्या है?
  15. भारत में नागरिकता लेने की प्रक्रिया किन व्यक्तियों के लिए आवश्यक होती है?
  16. भारत की नागरिकता मिलने में कितना समय लगता है?
  17. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


नागरिकता कानून (Citizenship Law) क्या है?

नागरिकता कानून (Citizenship law) के द्वारा ही पता चलता है कि कोई व्यक्ति कानूनी रूप से किस देश का सदस्य है और उसे देश के संविधान (Constitution) द्वारा क्या-क्या अधिकार दिए गए हैं। सरल भाषा में कहे तो, नागरिकता (Citizenship) किसी भी व्यक्ति की वह कानूनी पहचान (Legal Identity) होती है जो उसे एक विशेष देश का सदस्य बनाती है। नागरिकता के माध्यम से ही किसी व्यक्ति को उस देश में रहने और अपने सभी अधिकार और कर्तव्य (Rights & Duties) प्राप्त होते हैं।



भारत की नागरिकता मिलने के फायदे और अधिकार

  • भारतीय नागरिकों को मतदान (Voting) का अधिकार होता है।
  • वे सरकारी नौकरियों (Government Jobs) में आवेदन कर सकते हैं।
  • उन्हें रक्षा सेवाओं (Defence Services) में भर्ती होने का अधिकार होता है।
  • नागरिकों को पासपोर्ट (Passport) और अन्य सरकारी दस्तावेज प्राप्त करने की सुविधा होती है।
  • वे किसी भी राज्य में जाकर रह सकते हैं और व्यापार कर सकते हैं।
 

इसके साथ ही नागरिकता आपको कुछ जिम्मेदारियाँ भी देती है, जैसे देश के कानूनों का पालन करना, जरूरत पड़ने पर देश की रक्षा में मदद करना और देश के विकास में योगदान देना।



भारतीय नागरिकता कानून के नियम (Rules of Citizenship Law in India)

भारत में नागरिकता से जुड़े कानून "भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955" (Citizenship Act, 1955) के तहत बनाए गए हैं। इस अधिनियम के तहत सरकार ने कुछ नियम बनाए हैं जिनका पालन करके व्यक्ति भारतीय नागरिक (Indian Citizen) बन सकता है या अपनी नागरिकता बनाए रख सकता है। इसके अलावा, नागरिकता छोड़ने,खत्म होने और छिनने से जुड़े नियम भी तय किए गए हैं। यहाँ पर हम नागरिकता कानून के नियमों को सरल भाषा में विस्तार से समझेंगे।



भारतीय नागरिकता (Indian Citizenship) कैसे मिलती है - नियम और शर्ते



1. जन्म से नागरिकता: (पैदा होते ही नागरिक)

अगर आपका जन्म (Birth) भारत में हुआ है, तो आप ज्यादातर मामलों में भारतीय नागरिक माने जाएंगे। लेकिन, इसके लिए भी कुछ नियम हैं:
 

  • 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच पैदा हुए सभी लोग भारत के नागरिक माने गए।
  • 1 जुलाई 1987 से 3 दिसंबर 2004 के बीच पैदा हुए लोगों को तभी नागरिकता मिलेगी, जब उनके माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक हो।
  • 3 दिसंबर 2004 के बाद पैदा हुए लोगों को नागरिकता तभी मिलेगी, जब उनके माता-पिता में से एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा गैरकानूनी (Illegal) तरीके से भारत में न आया हो।


2. वंश के आधार पर नागरिकता: (खानदानी नागरिकता)

अगर आपके माता-पिता भारतीय नागरिक हैं, लेकिन आपका जन्म भारत के बाहर हुआ है, तो भी आप भारतीय नागरिक बन सकते हैं। इसके लिए आपके माता-पिता को भारतीय दूतावास (Indian Embassy) में आपका नाम दर्ज (Name Register) कराना होगा। अगर आपके माता-पिता में से कोई भी भारतीय नागरिक नहीं है, तो आपको भारतीय नागरिकता नहीं मिलेगी।



3. पंजीकरण द्वारा नागरिकता: (लिखा-पढ़ी करके नागरिक बनना)

अगर आप भारतीय मूल (जिसके पूर्वज भारत से संबंधित रहे हैं, लेकिन वह वर्तमान में किसी अन्य देश का नागरिक है) के हैं और कुछ सालों से भारत में रह रहे हैं, तो आप कानूनी प्रक्रिया द्वारा आवेदन (Application) देकर नागरिकता पा सकते हैं। इसके लिए कुछ शर्तें हैं,आप इस प्रक्रिया के तहत इन शर्तों के पूरा होने पर ही आवेदन कर सकते है।

  • अगर आप किसी भारतीय नागरिक के परिवार के सदस्य हैं।
  • अगर आपने किसी भारतीय नागरिक से शादी की है और आप कम से कम 7 साल से भारत में रह रहे हैं।
  • अगर आप पहले भारतीय नागरिक थे, लेकिन किसी वजह से आपकी नागरिकता चली गई और आप वापस भारत में बसना चाहते हैं।


4. देशीयकरण द्वारा नागरिकता: (लंबे समय तक रहने के बाद नागरिक बनना)

अगर आप एक विदेशी नागरिक (Foreign Nationals) हैं और आप 12 साल से कानूनी तौर पर भारत में रह रहे हैं, तो आप भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए आवेदन दे सकते हैं। इसके लिए आपको भारत के कानूनों, रीति-रिवाजों और भाषा की जानकारी होनी चाहिए। साथ ही आपको यह भी साबित करना होगा कि आप किसी भी देश-विरोधी काम में शामिल नहीं हैं।



5. क्षेत्र को भारत में मिलाने पर नागरिकता: (इलाके के साथ नागरिकता)

अगर भारत किसी नए इलाके को अपने देश में मिलाता है, तो उस इलाके में रहने वाले लोग अपने आप भारतीय नागरिक बन जाते हैं। उदाहरण के लिए 1961 में गोवा और 1975 में सिक्किम भारत का हिस्सा बने और वहां के लोगों को भारतीय नागरिकता मिल गई।



भारतीय नागरिकता छोड़ने और समाप्त करने के नियम

नागरिकता का त्याग: (खुद की मर्जी से नागरिकता छोड़ना)

अगर कोई भारतीय नागरिक अपनी मर्जी से किसी दूसरे देश का नागरिक बनना चाहता है, तो उसे भारत की नागरिकता छोड़नी होगी। उदाहरण के लिए, अगर कोई भारतीय व्यक्ति अमेरिका का नागरिक बन जाता है, तो वह भारत का नागरिक नहीं रहेगा।

नागरिकता की समाप्ति: (अपने आप नागरिकता खत्म हो जाना)

अगर कोई भारतीय नागरिक बिना बताए किसी दूसरे देश का नागरिक बन जाता है, तो उसकी भारत की नागरिकता अपने आप खत्म हो जाएगी।
उदाहरण के लिए, अगर कोई भारत का नागरिक चुपचाप कनाडा का नागरिक बन जाता है और सरकार को नहीं बताता, तो उसकी भारत की नागरिकता अपने आप खत्म हो जाएगी।

नागरिकता का निष्कासन: (सरकार द्वारा नागरिकता छीन लेना)

अगर सरकार को लगता है कि किसी ने धोखे से या गलत तरीके से भारत की नागरिकता ली है, तो सरकार उसकी नागरिकता छीन सकती है। इसके अलावा अगर कोई भारत का नागरिक भारत के संविधान या कानूनों के खिलाफ काम करता है, तो भी उसकी नागरिकता खत्म की जा सकती है।



नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 के नियम

नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019, भारतीय संसद द्वारा पारित एक कानून है, जिसका उद्देश्य 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धार्मिक अल्पसंख्यकों (Religious Minorities) को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है। यह अधिनियम नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन करता है।

सरल भाषा में कहे तो, यह अधिनियम (Act) उन लोगों को नागरिकता देने के लिए बनाया गया है जो वर्षों से भारत में रह रहे हैं लेकिन उनके पास कोई कानूनी दस्तावेज (Legal Documents) नहीं है।

CAA के मुख्य प्रावधान:

यह अधिनियम उन लोगों पर लागू होता है जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में प्रवेश कर चुके हैं।
CAA के तहत नागरिकता लेने वालों को भारत में 12 साल रहने की आवश्यकता को घटाकर 5 साल कर दिया गया है।

जाने - सामान नागरिक संहिता क्या है - Uniform Civil Code in Hindi
 



दोहरी भारतीय नागरिकता (Dual Indian Citizenship) के नियम

सीधे शब्दों में कहें तो, भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति (Permission) नहीं है। इसका मतलब है कि आप एक ही समय में भारत और किसी दूसरे देश के नागरिक नहीं हो सकते। अगर आप किसी दूसरे देश की नागरिकता लेते हैं, तो आपकी भारतीय नागरिकता अपने आप खत्म हो जाएगी।


OCI कार्ड क्या है?

भारत सरकार ने भारतीय मूल के उन लोगों के लिए OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड की सुविधा शुरू की है जो विदेश में रहते हैं। OCI कार्ड का मतलब यह नहीं है कि आपको दोहरी नागरिकता मिल गई है। यह सिर्फ एक कार्ड है जो आपको भारत में कुछ खास सुविधाएं देता है। OCI कार्ड धारक को भारत आने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होती है और उन्हें भारत में रहने और काम करने के लिए कुछ खास अधिकार मिलते हैं। लेकिन, OCI कार्ड धारक को भारत में वोट देने या सरकारी नौकरी पाने का अधिकार नहीं होता है।


भारत की नागरिकता कैसे लेते है - ऑनलाइन आवेदन और पूरी प्रक्रिया

अगर आप भारत का नागरिक बनना चाहते हैं, तो आपको कुछ कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से की जा सकती है।
स्टेप 1: तय करें कि आप किस आधार पर नागरिकता चाहते हैं
  1. पंजीकरण से: अगर आप भारतीय मूल के हैं या किसी भारतीय नागरिक से शादी की है।
  2. देशीकरण से: अगर आप लंबे समय से (12 साल) भारत में रह रहे हैं।
आपको यह तय करना होगा कि आप इनमें से किस तरीके से नागरिकता के लिए आवेदन करना चाहते हैं।
स्टेप 2: ऑनलाइन आवेदन भरें - Apply Online for Indian Citizenship
  • सबसे पहले गृह मंत्रालय (MHA) की वेबसाइट (https://indiancitizenshiponline.nic.in) पर जाएं और Apply for Indian Citizenship" पर क्लिक करें।
  • अपने अनुसार सही आवेदन फॉर्म चुनें (पंजीकरण के लिए Form-II और देशीकरण के लिए Form-III)। इसमें सभी जरूरी जानकारी भरें, जैसे नाम, जन्मतिथि, माता-पिता की जानकारी, और पता।
  • सभी जानकारियों को सही तरीके से भरने के बाद Submit करें।
 
स्टेप 3: जरूरी कागजात जमा करें
नागरिकता पाने के लिए क्या दस्तावेज चाहिए?
आपको अपने आवेदन के साथ कुछ जरूरी कागजात भी जमा करने होंगे:
  • पासपोर्ट साइज फोटो।
  • पते का प्रमाण (Address Proof) (आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली बिल)।
  • जन्म प्रमाण पत्र।
  • माता-पिता का नागरिकता प्रमाण पत्र (अगर लागू हो)।
  • शादी का प्रमाण पत्र (अगर शादी के आधार पर आवेदन कर रहे हैं)।
  • पिछले 12 या 7 साल का निवास प्रमाण (अगर देशीकरण के आधार पर आवेदन कर रहे हैं)।

इसके अलावा और भी अन्य कागजात जो सरकार मांगे। इन सभी कागजात को स्कैन करके PDF में अपलोड करें।
स्टेप 4: आवेदन शुल्क जमा करें
आवेदन जमा (Application Submit) करने के लिए आपको कुछ फीस देनी होगी। फीस आवेदन के प्रकार के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर यह फीस 1,500 से 15,000 तक हो सकती है। इस फीस को आप ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
स्टेप 5: जाँच और पड़ताल
आवेदन जमा करने के बाद सरकार आपके द्वारा दी गई जानकारी की जाँच करेगी। इसके बाद पुलिस आपकी जाँच करेगी। अगर सब कुछ सही पाया जाता है, तो आपका आवेदन आगे बढ़ाया जाएगा। इस जाँच में 6 महीने से 2 साल तक लग सकते हैं।
स्टेप 6: नागरिकता प्रमाण पत्र
अगर आपका आवेदन मंजूर (Application Approved) हो जाता है, तो आपको नागरिकता प्रमाण पत्र (Citizenship Certificate) मिलेगा। यह प्रमाण पत्र आपको डाक (Post) के द्वारा भेजा जाएगा।
स्टेप 7: शपथ
प्रमाण पत्र मिलने के बाद आपको भारत के संविधान के प्रति वफादारी की शपथ (Oath) लेनी होगी। यह शपथ आप जिला कलेक्टर या नागरिकता कार्यालय में ले सकते हैं। शपथ लेने के बाद आप आधिकारिक रूप से भारत के नागरिक बन जाएंगे।


भारत में नागरिकता लेने की प्रक्रिया किन व्यक्तियों के लिए आवश्यक होती है?

भारत में नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया उन लोगों के लिए आवश्यक होती है जो जन्म से भारतीय नागरिक नहीं हैं या जिनकी नागरिकता कानूनी रूप से स्पष्ट नहीं है। आइये आसान भाषा में जानते है कि किन लोगों को इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है?
विदेशी नागरिक (Foreigners):
जो व्यक्ति किसी अन्य देश में जन्मे हैं और भारत की नागरिकता लेना चाहते हैं। जो लोग भारत में लंबे समय से रह रहे हैं और प्राकृतिककरण (Naturalization) (जो व्यक्ति कम से कम 12 साल से भारत में रह रहा हो,)  के आधार पर नागरिकता लेना चाहते हैं।
भारतीय मूल के विदेशी नागरिक (Persons of Indian Origin - PIO):
जिनके माता-पिता, दादा-दादी या परदादा भारतीय थे लेकिन वे किसी अन्य देश के नागरिक बन चुके हैं। वे पंजीकरण (Registration) के आधार पर नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
एनआरआई (Non-Resident Indians) और OCI कार्ड धारक:
जो लोग भारतीय मूल के हैं लेकिन किसी अन्य देश की नागरिकता ले चुके हैं। अगर वे भारतीय नागरिकता पाना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी विदेशी नागरिकता छोड़नी होगी और इस प्रक्रिया से गुजरना होगा।
अवैध प्रवासी (Illegal Migrants):
जो लोग बिना वैध वीज़ा या पासपोर्ट (Valid Visa or Passport) के भारत में रह रहे हैं। यदि वे भारत की नागरिकता लेना चाहते हैं, तो उन्हें सरकार से विशेष अनुमति लेनी होगी।


भारत की नागरिकता मिलने में कितना समय लगता है?

भारत की नागरिकता पाने में लगने वाला समय कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे कि आप किस तरीके से नागरिकता के लिए आवेदन कर रहे हैं और आपकी जाँच-पड़ताल कितनी जल्दी पूरी होती है। आम तौर पर नागरिकता मिलने में 6 महीने से 2 साल तक का समय लग सकता है।
निष्कर्ष: नागरिकता के बारे में सही जानकारी होना हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल हमारे अधिकारों और कर्तव्यों को निर्धारित करता है, बल्कि देश की सुरक्षा और समृद्धि में भी योगदान देता है। अगर आप नागरिकता से जुड़े किसी भी कानूनी मामले में सहायता चाहते हैं या पेशेवर सलाह की जरूरत है, तो आज ही हमारे के अनुभवी और काबिल वकीलों की टीम से बात करें। वे आपको पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन देंगे और आपकी सभी कानूनी शंकाओं का समाधान करेंगे।


अपने कानूनी मुद्दे के लिए अनुभवी सिविल वकीलों से सलाह प्राप्त करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


भारत में नागरिकता मिलने में कितना समय लगता है?

नागरिकता मिलने का समय आपके आवेदन के तरीके पर निर्भर करता है। आम तौर पर, इसमें 6 महीने से 2 साल तक का समय लग सकता है।



क्या विदेशी भारत में नागरिकता ले सकते हैं?

हाँ, विदेशी नागरिक भारतीय नागरिकता ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार कुछ नियमों का पालन करना होगा।



नागरिकता कानून में CAA क्या है?

CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019) एक कानून है जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने में मदद करता है। लेकिन इसमें मुस्लिम शरणार्थियों को शामिल नहीं किया गया है।



क्या भारत में दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) मिल सकती है?

नहीं, भारत में दोहरी नागरिकता नहीं मिल सकती है। अगर आप किसी दूसरे देश की नागरिकता लेते हैं, तो आपकी भारतीय नागरिकता खत्म हो जाएगी।



नागरिकता आवेदन रद्द होने पर क्या करें?

अगर आपका आवेदन रद्द हो जाता है, तो पता करें कि रद्द क्यों हुआ। इसके बाद जो भी गलतियाँ हुई है उन्हें ठीक करके फिर से आवेदन करें।