BNS 295 in Hindi - बच्चों को अश्लील वस्तुएँ बेचने की धारा में सजा और जमानत


BNS Section 295 in Hindi

आजकल अश्लील फिल्में या अश्लील पुस्तकें मिलना इतना आसान हो गया है, जिसके संपर्क में छोटे बच्चे भी आ जाते है। जिनके कारण उन के दिमागी विकास पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है। ऐसे माहौल से अपने बच्चों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। इसके साथ ही बच्चों तक ऐसी गंदी चीजे पहुँचाने वाले लोगों पर कार्यवाही करने के लिए भी सख्त कानून बनाए गए है। जिसकी जानकारी हम सभी को होना बहुत ही जरुरी है, ताकि ऐसे अपराध करने वाले लोगों पर कार्यवाही की जा सके। इसलिए आज हम भारतीय न्याय संहिता में बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाई गई धारा 295 के बारे में जानेंगे की, बीएनएस की धारा 295 क्या है और यह कब लागू होती है? BNS Section 295 में सज़ा और जमानत का प्रावधान क्या है?

बच्चों से जुड़े मामलों को बहुत ही गंभीरता से लिया जाता है, जिनमें आवश्यकता पड़ने पर बदलाव भी किए जाते है। इसलिए भारतीय दंड संहिता की धारा (IPC) 293 को नए कानून यानी भारतीय न्याय संहिता की धारा 295 से बदल दिया गया है। अब इस प्रकार के सभी मामलों में BNS Section 295 के तहत ही कार्यवाही की जाएगी। आज का यह लेख इस अपराध के पीड़ित व आरोपी दोनों प्रकार के व्यक्तियों को आगे की कार्यवाही से जुड़ी सारी जानकारी प्रदान करता है। इसलिए कम से कम समय में इस अपराध की सारी जानकारी प्राप्त करने के लिए इस लेख को खुद भी पढ़े व अन्य लोगों को भी जरुर शेयर करें।


बीएनएस धारा 295 क्या है - कब लगती है?

भारतीय न्याय संहिता की धारा 295 बच्चों को अश्लील वस्तुएँ (Pornographic Content) बेचने के अपराध से संबंधित है। जिसमें बताया गया है कि जो कोई भी व्यक्ति 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को किसी भी प्रकार की अश्लील सामग्री बेचता है, किराए पर देता है, या प्रदर्शित करने का अपराध करता है। उस व्यक्ति पर बीएनएस धारा 295 का उल्लंघन करने के लिए कार्यवाही की जाती है।

"अश्लील वस्तु" या अश्लील सामग्री के बारे में बीएनएस की धारा 294 में परिभाषा दी गई है। जिसमें ऐसी वस्तु शामिल होती है जो यौन-संबंधी (Sexual) बातों को दर्शाती है, और जिनको सार्वजनिक रूप से बेचना, प्रदर्शित करना या वितरित करना गैर-कानूनी (Illegal) माना जाता है। जैसे:- अश्लील तस्वीरें, फिल्में, किताबें, पत्रिकाएं आदि।

बीएनएस सेक्शन 295 की मुख्य बातें।

  • किसी बच्चे को अश्लील वस्तु बेचना, दिखाना, या उनको संभाल कर रखने के लिए देना।
  • किसी भी बच्चे को गंदी फिल्में दिखाने के लिए मजबूर करना।
  • इसमें Online और Offline दोनों तरीके से बच्चे को अश्लील वस्तु भेजना अपराध माना जाता है।
  • जो भी व्यक्ति इस प्रकार का गंभीर अपराध करता है, उस व्यक्ति को धारा 295 के तहत कारावास व जुर्माने की सजा का प्रावधान (Provision) दिया गया है।

बीएनएस की धारा 295 का उदाहरण:-

सुरेश नाम का एक व्यक्ति मोबाईल की दुकान चलाता था, रोजाना उसके पास बहुत सारे ग्राहक अपना फोन रिपेयर कराने आते थे। उसी दुकान में सुरेश कुछ गैर-कानूनी काम भी करता था। सुरेश अपनी दुकान पर आने वाले लोगों से पैसे लेकर उनके फोन में अश्लील फिल्में डालता था। उसकी दुकान पर स्कूल में पढ़ने वाले छात्र भी आते थे, और सुरेश उन्हें गंदी लत लगाने के लिए ऐसी फिल्में दे देता था।

एक दिन किसी व्यक्ति को सुरेश के इन गैर-कानूनी कार्यों की जानकारी हो जाती है, जिसकी शिकायत वो व्यक्ति पुलिस को कर देता है। कुछ ही समय बाद पुलिस वहाँ आ जाती है, और सुरेश को BNS 295 के आरोप के तहत गिरफ्तार कर लेती है।


भारतीय न्याय संहिता की धारा 295 के अपराध की सज़ा

बीएनएस की धारा 295 के तहत किसी बच्चे को अश्लील सामग्री बेचने के अपराध में दोषी (Guilty) पाये जाने वाले व्यक्ति को 2 प्रकार की सजा से दंडित किया जा सकता है।

  1. यदि कोई व्यक्ति पहली बार इस अपराध को करने का दोषी पाया जाता है, तो उसे 3 साल तक की कैद व 2000 रुपये के जुर्माने से दंडित (Punished) किया जाता है।
  2. परन्तु अगर कोई व्यक्ति एक से ज्यादा बार या बार-बार इस अपराध को करता है, तो दोषी पाये जाने पर उसे 7 साल तक की कैद व 5000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।

भारतीय न्याय संहिता की धारा 295 में जमानत कब व कैसे मिलती है

यह धारा अपराध बच्चों के साथ होने वाले अपराध से जुड़ा हुआ है, इसलिए यह एक संज्ञेय (Cognizable) यानी गंभीर अपराध होता है। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार का अपराध करते हुए पाया जाता है तो पुलिस उस व्यक्ति को तुरन्त गिरफ्तार कर सकती है। इसके साथ ही यह अपराध गैर-जमानती (Non-Bailable) है, जिसमें गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अधिकार के तौर पर जमानत (Bail) नहीं दी जाती है।

जमानत के लिए कुछ आवश्यक बाते:-

वैसे तो BNS 295 गैर-जमानती है, लेकिन कुछ ऐसी बाते है जिनके आधार पर आरोपी व्यक्ति जमानत के लिए अदालत में आवेदन कर सकता है।

  • यदि आरोपी के खिलाफ कम सबूत या गलत सबूत पाये जाते है।
  • आरोपी का पुराना कोई भी आपराधिक इतिहास (Criminal History) नहीं होना चाहिए।
  • किसी भी प्रकार की मेडिकल समस्या होने पर। जैसे:- कोई गंभीर बीमारी होने पर।

ऐसी किसी भी स्थिति में आप अपने वकील की सहायता से जमानत के लिए आवेदन दायर कर सकते है, जिसके बाद आपको जमानत देने का फैसला अदालत के उपर ही निर्भर करता है।


बीएनएस​ धारा 295 के आरोपी व्यक्ति के लिए बचाव के कुछ उपाय:-

यहां कुछ बचाव के उपाय दिए गए हैं जिन पर आपका वकील विचार कर सकता है:-

  1. धारा 295 के अपराध के लिए यदि आप पर आरोप (Blame) लगाए जाते है, तो सबसे पहले आपको किसी वकील के पास जाकर सारी घटना के बारे में बताना चाहिए।
  2. यदि आपके पास खुद को निर्दोष (innocent) साबित करने वाले कोई भी सबूत मौजूद है, तो उन्हें अपने वकील को जरुर दिखाए।
  3. यदि आपके पास अश्लील सामग्री रखने या वितरित करने का कोई सही कारण था, तो आप न्यायालय में इस बात को जरुर बताए। जैसे कोई शिक्षक कक्षा में बच्चों को पढ़ाने के लिए यौन शोषण से जुड़े मामलों को सिखाने के लिए इस्तेमाल करता हो।
  4. यदि आप किसी भी प्रकार की मानसिक समस्या (Mental Problem) से पीड़ित थे, जिसके कारण आपसे ये अपराध हुआ है। तो आपका वकील आपकी मेडिकल रिपोर्ट को भी आपके बचाव के लिए इस्तेमाल कर सकता है।
  5. कोर्ट में हमेशा अपने वकील के निर्देशों का पालन करें, यदि आपने कोई अपराध नहीं किया होगा तो अदालत सबूतों के आधार पर आप पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर सकती है।

BNS Section 295 के तहत अपराध माने जाने वाले कुछ कार्य:-

  • किसी बच्चे को इंटरनेट, फोन, या किसी अन्य माध्यम से अश्लील फोटो या वीडियो दिखाना।
  • किसी बच्चे को अश्लील किताबें या पत्रिकाएं देना, इसमें ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों प्रकार की सामग्री शामिल है।
  • किसी बच्चे को अश्लील चीजें बनाने के मजबूर करना इसमें उन्हें फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री बनाने के लिए कहना शामिल है।
  • किसी बच्चे को ऐसे जगह पर ले जाना जहां उन्हें गंदी चीजें दिखाई दे।
  • बच्चों को अश्लीलता के बारे में सिखाना या उन्हें इसके प्रति रुचि पैदा करना शामिल है।

इनसे अलग भी ऐसे बहुत सारे कार्य हो सकते है जिनको करने वाले व्यक्ति पर इस धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जा सकती है।

निष्कर्ष :- निष्कर्ष BNS की धारा 295 भारत में बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा के रूप में कार्य करती है। अश्लील सामग्री की बिक्री और वितरण पर रोक लगाकर, यह उनके बढ़ने और विकसित होने के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाता है। इसके साथ ही अगर आप किसी भी कानूनी समस्या से जुझ रहे है, तो आज ही घर बैठे हमारे वकील से बात करके सहायता प्राप्त कर सकते है।




BNS धारा 295 के लिए अनुभवी वकील खोजें