विषयसूची
- बीएनएस धारा 189 क्या है व यह कब लागू होती है - BNS Section 189 in Hindi
- इस धारा के तहत गैरकानूनी सभा के तत्व क्या हैं?
- कुछ कार्य जिनको करना धारा 189 का अपराधी बना सकता है।
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189 के तहत सजा
- बीएनएस की धारा 189 में जमानत का प्रावधान
- बीएनएस सेक्शन 189 का उल्लंघन करने के आरोपी व्यक्ति के लिए क्या बचाव उपलब्ध हैं?
- बीएनएस धारा 189 पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अक्सर समाचारों में हम ऐसे मामलों के बारे में सुनते हैं जहां गैरकानूनी जमावड़े हिंसा, तोड़फोड़ और अराजकता में बदल जाते हैं। ये घटनाएं न केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि लोगों की जान को भी खतरे में डालती हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि गैरकानूनी जमावड़ा क्या है, इसके क्या परिणाम हो सकते हैं और हम इसे कैसे रोक सकते हैं। इस लेख में हम ऐसे अपराधों से जुडी एक ऐसे धारा भारतीय न्याय संहिता की धारा के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे, की बीएनएस की धारा 189 का अपराध क्या है (BNS Section 189 in Hindi)? गैरकानूनी जमावड़े की इस धारा में सजा जमानत और बचाव के उपाय?
BNS के लागू होने के बाद से गंभीर अपराधों के खिलाफ लड़ाई में एक नया मोड़ आया है। पहले गैर-कानूनी रुप से इकट्ठा हुई भीड़ में शामिल होने वाले लोगों के द्वारा किए जाने वाले अपराधों पर आईपीसी की धारा 141,145,150,151,157 व 158 के तहत अलग-अलग धाराओं के द्वारा कार्रवाई की जाती थी। लेकिन अब इन सभी पर बीएनएस की धारा 189 व उसकी उपधाराओं के तहत मामले दर्ज किए जाने लगे है। इसलिए इस लेख को पढ़कर आप इस धारा के बारे में पूरी तरह से जानकारी प्राप्त कर पाएंगे।
बीएनएस धारा 189 क्या है व यह कब लागू होती है - BNS Section 189 in Hindi
भारतीय न्याय संहिता की धारा 189 एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान है, जो गैरकानूनी जमावड़े (unlawful assembly) के अपराध से संबंधित है। सरल शब्दों में कहे तो, यह धारा उन परिस्थितियों को स्पष्ट करती है जब कोई सभा (Assembly) जो शुरू में कानूनी होती है, लेकिन बाद में किन्हीं कारणों व परिस्थितियों के कारण व सभा गैरकानूनी बन जाती है।
इसके अलावा अगर किसी सभा में पांच या उससे अधिक लोग शामिल होते हैं और उनकी गतिविधियों से सार्वजनिक शांति (Public Peace) भंग होने की संभावना होती है, तो उस सभा को गैर-कानूनी सभा माना जा सकता है।
धारा 189 में गैर-कानूनी सभा से संबंधित अपराध के अलग-अलग तरीकों व परिस्थितियों को सजा के साथ इसकी 9 उपधाराओं (Sub-Sections) के द्वारा विस्तार से बताया गया है, जो कि इस प्रकार से है:-
बीएनएस की धारा 189 (1):- इसमें गैरकानूनी सभा की परिभाषा के द्वारा अपराध के बारे में बताया गया है। गैरकानूनी जमाव वह होता है, जब पाँच या उससे अधिक लोग एक साथ इकट्ठे होते हैं और उनका उद्देश्य या कार्य ऐसा होता है जो कानून के खिलाफ हो या सार्वजनिक शांति को भंग करना हो।
बीएनएस की धारा 189 (2): जो भी व्यक्ति धारा 189 (1) के तहत किसी गैर-कानूनी सभा का सदस्य पाया जाता है उस व्यक्ति को 189(2) के तहत सजा दी जाती है।
उदाहरण: अगर मोहल्ले में बिना अनुमति के भीड़ इकट्ठी हो गई और रोहित उसमें शामिल हो गया तो यह गैरकानूनी सभा मानी जाएगी और उसमें किसी भी प्रकार की हिंसा (Violence) या कुछ भी अपराध होने पर रोहित को भी सजा हो सकती है।
बीएनएस की सेक्शन 189(3): अगर कोई व्यक्ति किसी गैरकानूनी सभा में शामिल होता है। यह पता होते हुए भी की वो जिस सभा में शामिल है वो गैरकानूनी है, लेकिन फिर भी उसका सदस्य बना रहता है। ऐसे व्यक्ति पर धारा 189(3) के तहत कार्यवाही की जाती है।
बीएनएस की सेक्शन 189(4):- अगर कोई व्यक्ति किसी गैर-कानूनी भीड़ या सभा में कोई जानलेवा हथियार (Deadly Weapon) जैसे कि तलवार, बंदूक, या चाकू लेकर शामिल होता है, तो उस पर धारा 189(4) में मामला दर्ज किया जा सकता है।
बीएनएस 189 की उपधारा (5):- यदि किसी गैर-कानूनी जमावड़े या सभा को पुलिस या अन्य कानूनी अधिकारी तितर-बितर (Dispersed) होने का आदेश देते हैं। लेकिन अगर कोई व्यक्ति इस आदेश के बावजूद भीड़ में बना रहता है और वहां से नहीं हटता तो पुलिस धारा 189(5) के तहत उस व्यक्ति पर कार्यवाही कर सकती है।
उदाहरण: पुलिस के चेतावनी देने के बाद भी अगर रमेश भीड़ में बना रहा, तो उसे जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
बीएनएस 189 की उपधारा (6):- जब कोई व्यक्ति गैरकानूनी रुप से इकट्ठा हुए लोगों की भीड़ में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल करने के लिए पैसे देता है। उन्हें लालच देता है, या किसी और तरीके से उन्हें उसमें भाग लेने के लिए उकसाता (provokes) है, तो यह धारा 189(6) के तहत अपराध माना जाता है।
उदाहरण: अगर सुरेश ने पैसे देकर कुछ लोगों को गैरकानूनी सभा में बुलाया, तो उसे इस अपराध के लिए सजा मिल सकती है।
बीएनएस 189 की उपधारा (7):- अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर गैरकानूनी जमाव में शामिल लोगों को पुलिस से छिपाने की कोशिश करता है या उन्हें शरण देता है, तो वह इस धारा के तहत अपराध करता है।
उदाहरण: अगर महेश ने गैरकानूनी सभा के किसी भी सदस्य को अपने घर में छिपने दिया, तो उसे जेल व जुर्माने की सजा से दंडित किया जा सकता है।
बीएनएस सेक्शन 189 (8):- अगर कोई व्यक्ति खुद किसी व्यक्ति से पैसे लेकर गैरकानूनी सभा में शामिल होता है, यानी वह अपनी मर्जी से किसी भीड़ का हिस्सा बनने के लिए पैसे लेता है, तो उस व्यक्ति पर धारा 189(8) के अनुसार केस दर्ज किया जा सकता है।
उदाहरण: अगर राकेश खुद पैसे लेकर किसी गैरकानूनी सभा में शामिल हुआ, तो उसे भी जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं
बीएनएस की धारा 189 (9):- अगर कोई व्यक्ति गैरकानूनी सभा में पैसे लेकर उसका सदस्य बनता है और उसके पास हथियार(Weapon) होता है, जैसे कि चाकू, बंदूक, या अन्य खतरनाक वस्तु, तो सेक्शन 189(9) उस व्यक्ति पर लागू कि जा सकती है।
इस धारा के तहत गैरकानूनी सभा के तत्व क्या हैं?
- पाँच या अधिक व्यक्ति: पाँच या अधिक व्यक्तियों की सभा होनी चाहिए।
- समान इरादा: व्यक्तियों का अपराध करने या आपराधिक बल या हिंसा (Criminal Force Or violation) का उपयोग करने या धमकी देने का एक समान इरादा (Same intention) होना चाहिए।
- सार्वजनिक शांति में खलल डालने की संभावना: सभा से सार्वजनिक शांति में खलल (Disturbance) पड़ने की संभावना होनी चाहिए।
कुछ कार्य जिनको करना धारा 189 का अपराधी बना सकता है।
- पांच या उससे अधिक लोगों को एकत्रित करना और उन्हें कानून के खिलाफ किसी कार्य में शामिल करना।
- पुलिस द्वारा गैरकानूनी जमाव को तितर-बितर (Dispersed) करने का आदेश देने के बावजूद वहाँ बने रहना।
- गैरकानूनी जमाव में हथियार लेकर शामिल होना, जैसे कि लाठियाँ, छुरी या अन्य खतरनाक चीजे ।
- किसी व्यक्ति को गैरकानूनी जमाव में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना या उसे शामिल होने के लिए कहना।
- गैरकानूनी जमाव के दौरान सार्वजनिक संपत्ति (Public Property) जैसे कि बस स्टॉप, सड़कें या सरकारी भवनों को नुकसान पहुँचाना।
- इस सभा के दौरान लोगों को भड़काने वाला भाषण (Speech) देना या ऐसी बातें करना जिससे हिंसा भड़क सके।
- ऐसे लोगों की भीड़ को भोजन, पानी या अन्य आपूर्ति प्रदान करना।
- इस प्रकार के जमावड़े के दौरान चोरी, तोड़फोड़ या अन्य आपराधिक गतिविधियों में भाग लेना।
- निजी वाहनों, दुकानों या अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुँचाना।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189 के तहत सजा
बीएनएस की धारा 189 के अपराध की सजा (Punishment) को इसकी उपधाराओं (Sub-Sections) के अंदर विस्तार से बताया गया है, जो कि इस प्रकार है:-
- धारा 189 (2) की सजा:- यदि कोई व्यक्ति किसी गैर-कानूनी जमावड़े का सदस्य पाया जाता है, तो उसे 6 महीने तक की जेल व जुर्माने की सजा दी जा सकती है।
- धारा 189 (3) की सजा:- यदि कोई व्यक्ति यह जानते हुए भी की वो जिस भीड़ का सदस्य बन रहा है वह गैर-कानूनी है। उसका सदस्य बना रहता है ऐसे व्यक्ति की सजा को 2 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
- धारा 189 (4) की सजा:- अगर कोई व्यक्ति कानूनी या बिना कानूनी अनुमति के इकट्ठा हुई भीड़ में कोई खतरनाक हथियार (Dangerous Weapon) लेकर जाने का दोषी (Guilty) पाया जाएगा तो उसे 2 साल की जेल व साथ में जुर्माने का दंड भुगतना पड़ सकता है।
- धारा 189 (5) की सजा:- यदि पुलिस भीड़ में खड़े सभी सदस्यों को वहाँ से जाने का आदेश देती है, लेकिन फिर भी कोई व्यक्ति उस आदेश का उल्लंघन (Violation) करेगा। उस व्यक्ति को 6 महीने की कैद या जुर्माना सजा के तौर पर देना पड़ सकता है।
- धारा 189 (6), (7) व (8) के तहत बताए गए अपराधों के तहत दोषी पाये जाने वाले व्यक्ति को एक समान सजा यानी 6 महीने की सजा व जुर्माना लगाकर दंडित किया जाता है।
- धारा 189 (9) की सजा:- यदि कोई व्यक्ति पैसे लेकर किसी गैर-कानूनी भीड़ का सदस्य बनता है और वह अपने साथ कोई हथियार लेकर वहाँ जाता है। तो ऐसे व्यक्ति को दोषी पाये जाने पर 2 साल की कारावास व जुर्माने (Imprisonment Or fine) की सजा दी जा सकती है।
बीएनएस की धारा 189 में जमानत का प्रावधान
भारतीय न्याय संहिता की धारा 189 के तहत गैरकानूनी सभा से जुड़े ये सभी अपराध संज्ञेय व जमानती अपराध (Cognizable Or Bailable Offence) होते हैं। इसका मतलब यह है कि इस अपराध के आरोपी व्यक्ति को जमानत (Bail) मिल सकती है और वह जमानत के लिए अपने वकील की सहायता से अदालत में आवेदन कर सकता है। हालांकि, जमानत की शर्तें और प्रक्रिया मामले की गंभीरता और परिस्थितियों के आधार पर बदल सकती हैं। इस अपराध की सुनवाई (Hearing) किसी भी मजिस्ट्रेट की अदालत में की जा सकती है।
बीएनएस सेक्शन 189 का उल्लंघन करने के आरोपी व्यक्ति के लिए क्या बचाव उपलब्ध हैं?
इस अपराध का उल्लंघन करने के आरोपी व्यक्ति के पास विभिन्न बचाव हो सकते हैं, जैसे:
- आरोपी (Accused) यह तर्क दे सकता है कि सभा के सदस्यों के बीच अपराध करने या बल प्रयोग करने का कोई सामान्य इरादा नहीं था।
- आरोपी यह दावा कर सकता है कि उन्होंने सभा को गैरकानूनी होने से पहले ही छोड़ दिया था।
- यदि आरोपी ने आत्मरक्षा (Self Defence) में बल का प्रयोग किया है, तो वे अपने कार्यों को उचित ठहराने में सक्षम (Able) हो सकते हैं।
- आरोपी यह दावा कर सकता हैं कि उसको गलत इंसान के रुप में पहचाना गया है और व उस घटना में शामिल नहीं था।
- आरोपी व्यक्ति यह दावा कर सकते हैं कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है या झूठे आरोप (False Blame) लगाए हैं।
- कुछ मामलों में आरोपी राजनीतिक कारणों से भी फंसाए जा सकते हैं।
- यदि अभियोजन पक्ष (Prosecutors) आपके खिलाफ पर्याप्त सबूत (Sufficient Evidence) प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो आप बरी हो सकते हैं।
निष्कर्ष:- BNS Section 189 बहुत ही उपयोगी कानून है, जो सार्वजनिक शांति और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह धारा उन सभी गतिविधियों पर रोक लगाती है जो सार्वजनिक शांति भंग करने की संभावना रखती हैं। चाहे वह कोई गैरकानूनी जमावड़ा हो, हिंसा की धमकी हो या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना हो। यदि आप किसी भी कानूनी मामले से संबंधित कोई भी सहायता चाहते हैं, तो हमारे अनुभवी वकील आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार हैं।
बीएनएस धारा 189 पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बीएनएस सेक्शन 189 क्या है और यह कब लागू होती है?
भारतीय न्याय संहिता की धारा 189 जो गैरकानूनी जमावड़े के अपराध से संबंधित है। यदि कोई व्यक्ति ऐसी सभाओं में शामिल होता है या इसकी उपधाराओं में बताए गए अपराध करता है तो उस पर धारा 189 व उसकी उपधाराओं के तहत कार्यवाही की जाती है।
BNS की धारा 189 जमानती है या गैर-जमानती?
भारतीय न्याय संहिता की धारा 189 एक जमानती धारा है, जिसमें आरोपी व्यक्ति को आसानी से जमानत मिल जाती है।
क्या भारतीय न्याय संहिता की धारा 189 का अपराध संज्ञेय है?
बीएनएस की धारा 189 व इसकी उपधाराओं में बताए गए सभी अपराध संज्ञेय यानी गंभीर होते है। जिनमें आरोपी व्यक्ति को पुलिस द्वारा बिना कोर्ट की अनुमति के भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
क्या शांतिपूर्ण सभा गैरकानूनी हो सकती है?
हाँ, एक शांतिपूर्ण सभा गैरकानूनी हो सकती है अगर यह बाद में दंगे में बदल जाती है या अगर इसके सदस्य अपने इरादे बदल देते हैं और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं।
BNS Section 189 का उल्लंघन करने पर दंड क्या हैं?
बीएनएस की धारा 189 का उल्लंघन करने पर दंड अपराध की गंभीरता व इसकी उपधाराओं में बताए गए अलग-अलग अपराधों पर निर्भर करता है। जिसमें दोषी पाये जाने वाले व्यक्ति को 6 महीने से लेकर 2 वर्ष तक की कैद व जुर्माने का दंड दिया जा सकता है।