विषयगाँव प्रधान गाँव सचिव भ्रष्टाचार


सवाल

विषय-गाँव प्रधान व गाँव सचिव के भ्रष्टाचार के संबंध में। पंचायत राज विभाग के अधिकारियों की साठ गाँठ से गाँव प्रधान अपने कुछ चहतो के नाम से चैक काट कर उन लोगों के खाते में जमा करवा कर,बाद में भुगतान करवा कर अपनी निजी संपत्ति बनने में लिप्त हैं। इस का सबूत ग्राम निधि के बैंक खाते की स्टेटमेंट हमारे पास साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं। गाँव के कुछ जिम्मेदार व जगरूक लोगों ने शपथ पत्र व भ्रष्टाचार के सबूत सहित जिलाधिकारी जी को कई बार शिकायत की है। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोटर्ल पर भी शिकायत दर्ज कराई है।लेकिन जिला पंचायत राज अधिकारी महोदय जी आख्या दे रहे हैं कि जाँच नियमावली 1997के अनुसार दुबारा जाँच संभव नहीं है।जबकि भ्रष्टाचार के सबूत मौजूद हैं । क्या हम जन हित याचिका माननीय उच्च न्यायालय दाखिल करे।या अन्य कोई रास्ता है कि भ्रष्टाचार की जाँच निष्पक्ष जाँच हो सके। जिला पंचायत राज अधिकारी महोदय जी ने एक पहले एक तरफा फर्जी जाँच करवा कर उस का हवाला दे रहे हैं कि जाँच में कुछ भी भ्रष्टाचार नही हुआ है।इस कारण नियमानुसार दुवारा जाँच संभव नहीं है। क्या करें।मार्ग दर्शन करे। धन्यवाद। सत्य मेव जयते।

उत्तर (2)


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हां इसके लिए पीआईएल हो सकती है हाईकोर्ट में . इसके लिए हाई कोर्ट में पीआईएल करनी पड़ेगी तो उसे काम बन जाएगा उसके बिना कुछ नहीं हो सकता है इसका एक उपाय है जल्द से जल्द पीआईएल करो . प्रधान के खिलाफ इंक्वायरी हो सकती है और हो जाएगी .


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