पिता की मृत्यु के बाद खतौनी में नाम कैसे अपडेट करें


सवाल

मेरा नाम ज्ञान है और मैं हिंदू धर्म से हूं। मेरे पिता का निधन 1998 में हो गया था। मैं जानना चाहता हूं कि पिता की मृत्यु के बाद राजस्व रिकॉर्ड (Revenue Record) जिसे खतौनी कहते हैं, उसमें उनका नाम हटाकर कानूनी वारिसों का नाम कैसे अपडेट करवाएं?

उत्तर (4)


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पिता की मृत्यु के बाद खतौनी में नाम अपडेट करवाने की प्रक्रिया को कानूनी भाषा में 'दाखिल खारिज' (Dakhil Kharij) या 'उत्परिवर्तन' (Mutation) कहते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से राजस्व विभाग (Revenue Department) द्वारा की जाती है और आपको कोर्ट जाने की जरूरत नहीं है।

चूंकि आपके पिता की मृत्यु 1998 में हुई थी और उन्होंने कोई वसीयत नहीं छोड़ी, इसलिए 'हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम' (Hindu Succession Act) के तहत उनकी संपत्ति उनके सभी प्रथम श्रेणी के वारिसों (आपकी माता, सभी बेटे और बेटियां) में बराबर हिस्सों में जाएगी।

आपको निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:

  1. दस्तावेज इकट्ठा करना:

    • पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)।

    • संपत्ति से संबंधित खसरा/खतौनी की प्रति।

    • परिवार के सभी कानूनी वारिसों (Legal Heirs) का पहचान पत्र (आधार कार्ड) और वारिसान प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate), यदि उपलब्ध हो।

    • अगर कोई वारिस अपना हिस्सा छोड़ना चाहता है, तो उस हिस्से का पंजीकृत 'हक त्याग विलेख' (Relinquishment Deed)।

  2. आवेदन दाखिल करना: आपको अपने क्षेत्र के तहसीलदार (Tehsildar) या उप-जिलाधिकारी (Sub-Divisional Magistrate - SDM) के कार्यालय में 'दाखिल खारिज' के लिए लिखित आवेदन देना होगा। यह आवेदन सभी कानूनी वारिसों की तरफ से संयुक्त रूप से दिया जाना चाहिए।

  3. लेखपाल/पटवारी की जांच: आपका आवेदन मिलने के बाद, तहसीलदार उसे आगे की जांच के लिए हल्का लेखपाल (Lekhpal) या पटवारी के पास भेजेंगे। लेखपाल मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे और 'कानूनी वारिसों की सूची' तैयार करेंगे।

  4. सार्वजनिक आपत्ति (Public Notice): राजस्व विभाग एक 'सार्वजनिक सूचना' (Public Notice) जारी करता है और गांव/शहर में यह घोषणा करता है कि अमुक जमीन पर वारिसों के नाम दर्ज किए जा रहे हैं। अगर किसी को कोई आपत्ति है, तो वह एक निश्चित समय-सीमा (आमतौर पर 15 से 30 दिन) के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।

  5. अंतिम आदेश: आपत्ति न आने या आपत्ति का निपटारा होने के बाद, तहसीलदार/एसडीएम दाखिल खारिज का अंतिम आदेश जारी कर देंगे। इसके बाद, खतौनी में पिता का नाम हटाकर सभी कानूनी वारिसों का नाम दर्ज कर दिया जाएगा।

चूंकि मामला पुराना है (1998), इसलिए लेखपाल को विशेष ध्यान देकर कार्यवाही शुरू करने के लिए कहना होगा।

202 votes

अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार प्रमाण पत्र लें और हल्का लेखपाल से मिलें, वह राजस्व रिकॉर्ड में परिवार के सभी सदस्यों के नाम का समर्थन करने की कार्यवाही शुरू करेंगे और इसे पूरा करने में कुछ समय लगेगा

60 votes

एक कानूनी उत्तराधिकारी होने के नाते लेखपाल राजस्व रिकॉर्ड में अपना नाम अपडेट करेगा यदि आप मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ राजस्व प्राधिकरण के समक्ष एक आवेदन दायर कर सकते हैं यदि आपके पास उत्तराधिकार प्रमाण पत्र है तो यह बेहतर होगा।

320 votes

श्रीमान ज्ञान आपने यह उल्लेख नहीं किया है कि केवल आपके पिता के कानूनी उत्तराधिकारी हैं या कुछ अन्य हैं। आपको अपने पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ अपनी तहसील के तहसीलदार को कानूनी उत्तराधिकारियों के नामों के म्यूटेशन के लिए आवेदन करना चाहिए


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