जमीन के पारिवारिक विवाद में पुलिस की एकतरफा कार्यवाही होने पर क्या करें


सवाल

जमीन को लेकर हमारे परिवार में झगड़ा हुआ है जिसमें पुलिस ने एकतरफा कार्यवाही करते हुए हम पर धारा 323, 325, 506 और 34 लगा दी है। इस मामले में हम अपनी सुरक्षा और कानूनी बचाव के लिए क्या कर सकते हैं?

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हाँ, यदि पुलिस ने आपके खिलाफ एकतरफा कार्यवाही की है और मारपीट की धाराएं लगाई हैं, तो आपके पास अपनी बेगुनाही साबित करने और संपत्ति की सुरक्षा के लिए कई कानूनी विकल्प मौजूद हैं। पुलिस द्वारा लगाई गई धाराएं मारपीट (323), गंभीर चोट (325), आपराधिक धमकी (506) और सामान्य इरादे (34) से संबंधित हैं।

सबसे पहले आपको इन धाराओं के लिए अदालत से जमानत (Bail) की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। चूंकि धारा 325 और 506 गंभीर प्रकृति की हैं, इसलिए आपको एक आपराधिक वकील (Criminal Lawyer) के माध्यम से कोर्ट में अपनी बात रखनी चाहिए। यदि आपके पास सबूत हैं कि झगड़े की शुरुआत दूसरे पक्ष ने की थी या आपको भी चोटें आई थीं, तो आप पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों (जैसे SSP या DIG) को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग कर सकते हैं।

जमीन के विवाद को लेकर आपको निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

  1. उप-जिलाधिकारी (SDM) को आवेदन: जमीन पर शांति बनाए रखने के लिए आप एसडीएम कोर्ट में धारा 144 या 145 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता - BNSS) के तहत आवेदन कर सकते हैं। इससे विवादित जमीन पर किसी भी तरह के निर्माण या कब्जे पर तब तक रोक लग जाएगी जब तक मामला सुलझ नहीं जाता।

  2. प्रति-प्राथमिकी (Counter FIR): यदि दूसरे पक्ष ने भी आपके साथ मारपीट की थी और पुलिस ने आपकी शिकायत दर्ज नहीं की, तो आप धारा 175 (पुरानी धारा 156(3) CrPC) के तहत मजिस्ट्रेट के माध्यम से उनके खिलाफ भी मामला दर्ज करवा सकते हैं।

  3. सिविल कोर्ट में मुकदमा: जमीन के मालिकाना हक को तय करने के लिए आपको दीवानी न्यायालय (Civil Court) में 'निषेधाज्ञा' (Injunction) और 'विभाजन' (Partition) का मुकदमा दायर करना चाहिए।

पुलिस की एकतरफा कार्यवाही के खिलाफ आप मानवाधिकार आयोग या संबंधित राज्य के पुलिस शिकायत प्राधिकरण में भी गुहार लगा सकते हैं। कानून की नजर में मारपीट का केस अलग चलता है और जमीन के मालिकाना हक का केस अलग। आपको दोनों मोर्चों पर मजबूती से अपनी बात रखनी होगी।

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अगर आपकी प्रॉपर्टी को लेकर परिवार में झगड़ा हो रहा है और तो सबसे पहले आप इसकी शिकायत एसडीएम को करें . इस केस में आपको एसडीएम द्वारा ही सहायता मिल सकती है. जो धाराएं आपके ऊपर लगाई गई हैं वह मारपीट और धमकी देने की है. तो सबसे पहले किसी क्रमअल वकील को संपर्क करें और धाराओं को रद्द कराएं .


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