क्या पति अपनी पत्नी को उपहार विलेख के रूप में संपत्ति दे सकता है
सवाल
उत्तर (2)
हाँ, एक पति अपनी संपत्ति अपनी पत्नी को उपहार विलेख (Gift Deed) के माध्यम से दे सकता है। यह पूरी तरह से कानूनी है और संपत्ति हस्तांतरण का एक सुरक्षित तरीका माना जाता है। हालांकि, संपत्ति की प्रकृति के आधार पर इसके नियम थोड़े अलग हो सकते हैं।
यदि संपत्ति पति की खुद की कमाई हुई (Self-acquired Property) है, तो वह बिना किसी की अनुमति के इसे अपनी पत्नी को उपहार में दे सकता है। इसके लिए एक उपहार विलेख (Gift Deed) तैयार कर उसे उप-पंजीयक (Sub-Registrar) के कार्यालय में पंजीकृत कराना अनिवार्य होता है। कई राज्यों में पति-पत्नी के बीच इस तरह के हस्तांतरण पर स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) यानी स्टांप शुल्क में भारी छूट दी जाती है।
यदि संपत्ति पैतृक (Ancestral Property) है, तो पति केवल अपने हिस्से की संपत्ति ही पत्नी को उपहार में दे सकता है। इसमें यह ध्यान रखना होता है कि अन्य कानूनी वारिसों के अधिकारों का उल्लंघन न हो। अगर पति और पत्नी का नाम पहले से ही संपत्ति में संयुक्त (Joint) है, तो पति अपने हिस्से को छोड़ने के लिए हक त्याग पत्र (Relinquishment Deed) का रास्ता भी चुन सकता है, जो अक्सर ज्यादा सस्ता पड़ता है।
एक बार जब उपहार विलेख पंजीकृत (Registered) हो जाता है, तो पत्नी उस संपत्ति की कानूनी मालिक बन जाती है। इसके बाद उसे सरकारी रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने के लिए नामांतरण (Mutation) की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। ध्यान रहे कि उपहार में दी गई संपत्ति को बाद में पति अपनी मर्जी से वापस नहीं ले सकता, जब तक कि विलेख में इसके लिए कोई विशेष शर्त न जोड़ी गई हो।
हां पति अपनी पत्नी को संपत्ति गिफ्ट कर सकता है। यदि यह पैतृक संपत्ति पति पर है और यदि वह पत्नी को उपहार देता है तो यह संपत्ति का संप्रेषण होगा और स्टाम्प ड्यूटी न्यायालय में देय है। ट्रंफरे, अगर महिला को शुल्क की दर में छूट मिलेगी। यदि संपत्ति स्वयं अर्जित की गई है और / या पत्नी के साथ संयुक्त नाम पर है, तो निर्विवाद विलेख बनाया जा सकता है। पुनर्भुगतान के मामले में कोई स्टाम्प ड्यूटी देय नहीं होगी।
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