सुप्रीम कोर्ट में केस को डिसमिस कर दिया क्या करें


सवाल

मेरी शादी तीन साल पहले हुई थी और अब मेरे और मेरे पति के बीच अनबन चल रही है। मैंने अपना सारा स्त्रीधन और गहने अपने ससुराल में ही छोड़ दिए थे। अब जब मैं उनसे अपने गहने वापस मांग रही हूँ, तो वे साफ मना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उनके पास कुछ नहीं है। मैं यह जानना चाहती हूँ कि क्या कानून में ऐसा कोई तरीका है जिससे मैं अपने गहने वापस पा सकूं और क्या इसके लिए पुलिस में शिकायत दर्ज की जा सकती है?

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हाँ, अगर आपका ससुराल पक्ष आपका स्त्रीधन (Stridhan) वापस करने से मना करता है, तो आप उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं और पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकती हैं। कानून के अनुसार, स्त्रीधन पर केवल महिला का अधिकार होता है और उसे वापस न करना एक गंभीर अपराध है।

भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) के तहत, इसे अपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) माना जाता है। यदि पति या उसके घरवाले आपकी संपत्ति को अपने पास रोककर रखते हैं या उसे आपको देने से इनकार करते हैं, तो उन पर बीएनएस की धारा 316 (Section 316 of BNS) के तहत मामला दर्ज हो सकता है।

इस मामले में सबसे पहले आपको अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन के महिला सेल (Women's Cell) में एक लिखित शिकायत देनी चाहिए। अपनी शिकायत में उन सभी गहनों और सामान की एक सूची जरूर जोड़ें जो आपके ससुराल वालों के पास जमा हैं।

अगर पुलिस में बात नहीं बनती है, तो आप किसी वकील के जरिए परिवार न्यायालय (Family Court) में अपना सामान वापस पाने के लिए केस भी फाइल कर सकती हैं। घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (Protection of Women from Domestic Violence Act) के तहत भी आपको अपना स्त्रीधन वापस पाने का पूरा हक मिलता है।

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ऐसा किया आपने कहा कि भारत सरकार में 4 साल तक कार्यरत रहे के बाद भारत सरकार ने आपको नौकरी से निकाल दिया जब आप ने इसके विरोध प्रकट किया और आप इस बात को लेकर के कह गए कि आप के साथ नाइंसाफी हुई है कैट ने आप के मुकदमे की सुनवाई ठीक से नहीं की गई पर आपका केस डिसमिस कर दिया गया इस फैसले को लेकर के आपने हाईकोर्ट अप्रोच किया लेकिन हाईकोर्ट ने पूरी सुनवाई के बाद फैसला आप के विरोध में दी है आप इस मुकदमे को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गए निरस्त करते हुए सुनवाई करने से इनकार इन सब चीजों को देखते हुए मेरा मानना है इंसाफ तो मिलेगा लेकिन इससे आप लड़ रहे हैं क्या को सफलता प्राप्त नहीं हो रही मेरा मानना है आप एक ऐसा वकील करना होगा जो आप की हर दिक्कत परेशानी मुकदमे के छोटे बड़े हर पहलू को गौर से देखिए और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के सामने रखें तभी इस पॉसिबल हो पाएगी


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