फर्जी दस्तावेजों के लिए सरकारी कर्मचारी को क्या दी जा सकती है सजा


सवाल

एक व्यक्ति फर्जी मार्कशीट और प्रमाण पत्रों के आधार पर पिछले 30 वर्षों से केंद्रीय विद्यालय में चपरासी के पद पर काम कर रहा है। ऐसे कर्मचारी के खिलाफ कानूनन क्या कार्रवाई की जा सकती है? साथ ही, अब तक दिए गए वेतन की वसूली शुरू करने का अधिकार किसके पास है?

उत्तर (4)


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फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी पाना एक गंभीर अपराध है। भले ही कर्मचारी ने 30 साल तक सेवा की हो, लेकिन यदि यह साबित हो जाता है कि शुरुआती नियुक्ति ही धोखाधड़ी पर आधारित थी, तो कानून की नजर में ऐसी नौकरी की कोई मान्यता नहीं रह जाती।

सबसे पहले, ऐसे कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी। नियुक्ति प्राधिकारी (Appointing Authority), यानी वह अधिकारी जिसके पास उस पद पर भर्ती करने की शक्ति है, कर्मचारी को तुरंत सेवा से बर्खास्त (Dismissal) करने का आदेश दे सकता है। चूंकि नियुक्ति ही अवैध थी, इसलिए कर्मचारी को किसी भी प्रकार का सेवानिवृत्ति लाभ (Retirement Benefits) जैसे पेंशन या ग्रेच्युटी भी नहीं दी जाएगी।

इसके अलावा, विभाग उस व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (First Information Report) दर्ज करा सकता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत धोखाधड़ी (Cheating) और फर्जी दस्तावेज बनाने (Forgery) के लिए आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है। इसमें दोषी पाए जाने पर जेल की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।

जहाँ तक वेतन की वसूली का सवाल है, तो विभाग के पास यह अधिकार है कि वह कर्मचारी द्वारा पिछले वर्षों में प्राप्त किए गए वेतन और भत्तों की वसूली की प्रक्रिया शुरू करे। इसके लिए विभाग दीवानी अदालत (Civil Court) में मुकदमा दायर कर सकता है या विभागीय वसूली के आदेश जारी कर सकता है। सर्वोच्च न्यायालय के कई फैसलों में यह कहा गया है कि धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति को सहानुभूति का लाभ नहीं दिया जा सकता।

शिकायत दर्ज करने के लिए आप संबंधित विभाग के सतर्कता अधिकारी (Vigilance Officer) या सीधे केंद्रीय विद्यालय संगठन के उच्च अधिकारियों को लिखित में सबूतों के साथ शिकायत भेज सकते हैं।

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ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार नियुक्ति प्राधिकारी है, नियुक्ति प्राधिकारी का मतलब है कि जिस प्राधिकारी के पास ऐसे व्यक्तियों को नियुक्त करने की शक्ति है, प्राधिकरण वसूली प्रक्रिया शुरू कर सकता है और साथ ही प्राथमिकी भी दर्ज कर सकता है। इस तरह की धोखाधड़ी करने के लिए 420

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नमस्कार आपके प्रश्न में मैं आपको बताउंगा कि यदि किसी व्यक्ति ने अपनी योग्यता के बारे में किसी फर्जी दस्तावेज के साथ कोई सरकारी नौकरी प्राप्त की है तो आप आरटीआई में प्रश्न पूछें उसके बाद उसके स्कूल में एचआरडी विभाग में एक आवेदन जमा करें। इसके बाद देखें कि दोनों में क्या रिप्लाई आता है, उसी हिसाब से कुछ भी ओके करें

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आप पहले संबंधित विभाग में एक आरटीआई दाखिल कर सकते हैं और संबंधित कागजात पर पकड़ बना सकते हैं। एक बार ऐसा होने पर, आप संबंधित कर्मचारी के नियुक्ति प्राधिकारी को लिखकर उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यदि नियुक्ति प्राधिकारी भी कार्रवाई करने में विफल रहता है, तो रिट कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं।


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