उत्तराधिकार प्रमाण पत्र कैसे प्राप्त करें

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October 19, 2019
एडवोकेट चिकिशा मोहंती द्वारा



एक उत्तराधिकार प्रमाण पत्र एक नागरिक न्यायालय द्वारा किसी मृत व्यक्ति के कानूनी उत्तराधिकारियों को जारी किया जाता है। जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी संपत्ति के प्रबंधन के लिए किसी व्यक्ति को विरासत में दी जाती है, और यह केवल न्यायालय प्रक्रिया द्वारा मृतक के क़ानूनी उत्तराधिकारियों को एक उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी करने से उस संपत्ति की अथॉरिटी को विरासत में प्राप्त किया जा सकता है। एक उत्तराधिकार प्रमाण पत्र आवश्यक है, लेकिन मृतक की संपत्ति को विरासत में देने के लिए हमेशा पर्याप्त नहीं होता है। इनके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रशासन का पत्र और अनापत्ति प्रमाण पत्र की भी जरूरत होगी।
 

उत्तराधिकार प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कैसे करें?

याचिका:
विधिवत हस्ताक्षरित और सत्यापित याचिका को सिविल न्यायालय या सक्षम अधिकार क्षेत्र के उच्च न्यायालय में पेश की जानी चाहिए।

विवरण:
याचिकाकर्ता का नाम, मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों का नाम, मृतक के साथ याचिकाकर्ता का संबंध, याचिकाकर्ता का अधिकार, मृतक के रिश्तेदारों और परिवार के लोगों का विवरण और मृत्यु प्रमाण पत्र ऋण और प्रतिभूतियों के साथ मृत्यु का विवरण, जिसके लिए उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है, याचिका में इन सभी बातों का उल्लेख किया जाना चाहिए।

शुल्क:
न्यायालय शुल्क अधिनियम, 1870 की अनुसूची II के अनुसार, इस प्रक्रिया के लिए न्यायालय शुल्क के रूप में कुछ राशि ली जाती है। इसके आलावा स्टाम्प ड्यूटी अलग - अलग राज्य की अलग हो सकती है।

प्रक्रिया:
न्यायालय 45 दिनों के लिए एक समाचार पत्र में नोटिस जारी करती है। किसी भी व्यक्ति को इससे कोई समस्या हो तो आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। यदि न्यायालय को कोई आपत्ति नहीं होती है, तो यह उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
 

उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

(I) मृत्यु प्रमाण पत्र
(ii) सभी कानूनी उत्तराधिकारियों का पैन कार्ड
(iii) सभी कानूनी उत्तराधिकारियों का राशन कार्ड
(iv) कोर्ट फीस स्टैम्प लगा हुआ आवेदन पत्र
 

उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र का क्या प्रभाव होता है?

उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र सही मायने में ऋण का भुगतान करने वाले लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है। यह प्रमाण - पत्र धारक को प्रतिभूतियों पर लाभांश प्राप्त करने और इस तरह की प्रतिभूतियों को हस्तांतरित करने के लिए भी अधिकृत करता है, जैसा कि प्रमाणपत्र में कहा गया है, कि इस तरह के हस्तांतरण या भुगतान की रसीद कानून के अनुसार वैध है। जैसा कि हो सकता है, कि प्रतिभूतियों पर इस तरह का अधिकार धारक को प्रतिभूतियों पर स्वामित्व या विरासत का अधिकार प्रदान नहीं करेगा। उचित कानूनों के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही विरासत का निर्धारण किया जाएगा।
 

उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र और कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण - पत्र के बीच क्या अंतर हैं?

उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र और कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण - पत्र के बीच मुख्य रूप से निम्नलिखित अंतर हैं:

  1. एक मृत व्यक्ति की संपत्ति में अपने दावे को साबित करने के लिए कानूनी वारिस प्रमाण - पत्र की आवश्यकता होती है, जबकि, एक देरी के अभाव में मृत व्यक्ति के ऋण और प्रतिभूतियों को प्राप्त करने के लिए उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र की आवश्यकता होती है।

  2. एक कानूनी वारिस प्रमाण - पत्र मृत व्यक्ति के उत्तराधिकारियों को शामिल करता है, जबकि एक उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र मृतक के साथ आवेदक के रिश्ते को बताता है, और मृत व्यक्ति के ऋण और प्रतिभूतियों को लागू करता है।

  3. एक कानूनी वारिस प्रमाण - पत्र मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों की पहचान करता है, और उनको साबित करता है, जबकि, एक उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र एक मृत व्यक्ति के ऋण और प्रतिभूतियों को प्राप्त करने के लिए प्रमाण - पत्र धारक को अधिकार देता है, और ऋणों का भुगतान करने वाले दलों को सुरक्षा प्रदान करता है।

  4. एक कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण - पत्र का धारक मृतक व्यक्ति की संपत्ति को प्राप्त करने का हकदार है, जबकि, उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र का धारक मृत व्यक्ति की संपत्ति का अंतिम लाभार्थी नहीं हो सकता है।
     

उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र बनाने में एक वकील आपकी मदद कैसे कर सकता है?

यह बात स्पष्ट है, कि उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया काफी लम्बी होती है, और इसमें एक जटिल कानूनी प्रक्रिया भी शामिल होती है। यदि अपेक्षित समय के भीतर उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र प्राप्त नहीं किया जाता है, तो प्रमाण - पत्र प्राप्तिकर्ता को काफी नुकसान भी हो सकता है। यही कारण है, कि उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र प्राप्त करने में आपकी सहायता के लिए एक अनुभवी वकील को नियुक्त करना बुद्धिमानी का काम है। एक वकील आपको उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र के लिए आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज का प्रबंध करने में मदद कर सकता है, और आपकी ओर से आवेदन का ध्यान भी रख सकता है। अपने क्षेत्र में एक विशेषज्ञ होने के नाते, एक वकील आपको कम से कम खर्चे और बिना किसी गलती के आपके आवेदन में मदद कर सकता है।
 

उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र का प्रारूप

_____, _____ के न्यायालय में

 
 
____ की याचिका संख्या __
संस्था की तिथि: __ / __ / ____
निर्णय की तिथि: __ / __ / ____
_____ पुत्र, श्री _____ निवासी _____

........याचिकर्ता

बनाम
1- _____,
2- _____ पुत्र / पत्नी _____, निवासी _____

….....प्रतिवादी

उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र के लिए ______ अधिनियम के सेक्शन _______की याचिका
 

उत्तराधिकार प्रमाण पत्र
सेवा में,
_____ पुत्र श्री _____ निवासी _____
 
जहां तक, आपने उत्तराधिकार प्रमाण - पत्र के लिए अधिनियम _____ के सेक्शन _____ के तहत दिनांक _____ को _______निवासी ______के लाभों _______के सम्बन्ध में  के तहत _____ के तहत एक प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया, जो कि _______ कार्यालय का कर्मचारी है, जिसका कर्मचारी क्रमांक _____ था।
यह प्रमाण पत्र आपको तदनुसार प्रदान किया जाता है, और आपको उन ऋणों को इकट्ठा करने का अधिकार देता है।
मेरे हाथ के नीचे इस न्यायालय की मुहर ___________ _________ के दिन दी गई।
 

_____ न्यायाधीश (_____ प्रभाग)
__________




 

ये गाइड कानूनी सलाह नहीं हैं, न ही एक वकील के लिए एक विकल्प
ये लेख सामान्य गाइड के रूप में स्वतंत्र रूप से प्रदान किए जाते हैं। हालांकि हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करते हैं कि ये मार्गदर्शिका उपयोगी हैं, हम कोई गारंटी नहीं देते हैं कि वे आपकी स्थिति के लिए सटीक या उपयुक्त हैं, या उनके उपयोग के कारण होने वाले किसी नुकसान के लिए कोई ज़िम्मेदारी लेते हैं। पहले अनुभवी कानूनी सलाह के बिना यहां प्रदान की गई जानकारी पर भरोसा न करें। यदि संदेह है, तो कृपया हमेशा एक वकील से परामर्श लें।

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