सर मैंने सवाल पूछा उसका जवाब आया कृपया
सवाल
उत्तर (2)
आप खेती योग्य जमीन के लिए अब राजस्थान में परमिशन की व्यवस्था है कि नहीं यह मैं नहीं बता सकता लेकिन उत्तर प्रदेश में यह है कि खेती योग्य अगर जमीन है उसे सी कास्ट का आदमी यदि जनरल कैटेगरी के आदमी को बेचना चाहता है तो परमिशन डीएम के यहां से लेना पड़ता है लेकिन अगर वह जमीन आबादी नेचर की है या आबादी लैंड तो ऐसी परमिशन की व्यवस्था नहीं है अब राजस्थान के बारे में वहां के वकील साहब से संपर्क कर लेना बेहतर होगा की खेती योग्य जमीन अथवा आबादी जमीन के बारे में वहां का लोकल कानून क्या कहता है
अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में प्रॉपर्टी वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।
प्रॉपर्टी कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- हमारी एक दुकान है अलॉटमेंट की जिसका किराया कोर्ट में जमा होता है और दुकान है ट्रस्ट की पिछले 50 सालों से किराया कोर्ट में जमा हो रहा है और जो ट्रस्ट का एक मेंबर है वह किसी और के नाम पर रसीद काटता है किराया हमारा कोर्ट में जमा हो रहा है तो इसके लिए हमें क्या कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए कृपया बताएं इसके लिए हमें क्या कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए उनके खिलाफ
- Mere pati ne gaon ke kisi aadmi se 29/9/17 ko affidavit pe likhkar 4 lakh liye they 29/918 last date tak jameen ki registry ke uppar. Per unka 2020 me death ho gya ab paise dene wale ne case kiya hua h court me . Mujhe pls koi help kare ki main kya kar sakti hu
- सिविल 151 का मुकदमा हुआ है डिस्ट्रिक कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ जो सिविल 230 में चल रहा था डिस्ट्रीक्ट कोर्ट में उसमें जमीन हमारे नाम हो चुकी पिछले मंथ इंतकाल हुआ ही 21 तारीख को कब्जा करवाई रुकी हुई है उसमें एक हिस्सेदार ने 15 मरले जमीन पहले खरीद रखी है जिसकी जमीन का सौदा हमने किया उसी से जब हमें सौदा किया तो पटवारी ने फर्द क्लियर कर के दी थी कि ये फर्द है इनके नाम ये जमीन है हमने उसका बयाना दे दिया उन्होंने न जमीन दी ने पैसे हाई कोर्ट के ऑर्डर पर 2019 में रजिस्ट्री हुई है ये एकजुकेशन का केस हमने 2022 में किया उसका पटवारी ने हमे बताया कि ये जमीन पहले बिक चुकी थी हमे तब पता चला तब इंतकाल होने के लिए पटवारी के पास ऑर्डर आए हमने उस 15 मरले के पैसे भी भर रखे है हाई कोर्ट के ऑर्डर पर ट्रेज़री में ये है मामला
- 1990 का मुआयदबे के लिए वार्ड दल 1994 मुरादाबाद वाले की पक्ष में डिग्री हुआ बनाने के लिए मेरे पास एक पक्षी है मुआयदा में करने वाली की पत्नी वह चौथी बार का बनाना है की अदालत का किया हुआ बनाना के विरुद्ध मुझे स्टे मिल सकता है