मुस्लिम कानून के अनुसार पिता की संपत्ति पर पहली पत्नी के बच्चों के क्या अधिकार हैं


सवाल

मेरे पिता की दो पत्नियां हैं। मैं पहली पत्नी का इकलौता बेटा हूँ और मेरी 4 बहनें हैं। दूसरी पत्नी के 3 बेटे और 1 बेटी है। मेरे पिता ने एक वसीयत बनाई थी जिसमें सारी पैतृक संपत्ति दूसरी पत्नी और उसके बच्चों को दे दी गई है। हमें डर है कि वे हमें हमारा हिस्सा नहीं देंगे। क्या हम इस वसीयत को चुनौती दे सकते हैं? साथ ही, क्या पिता द्वारा खुद खरीदी गई संपत्ति पर हमारा कोई अधिकार है?

उत्तर (1)


263 votes

हाँ, आप अपने पिता की वसीयत को अदालत में चुनौती दे सकते हैं और अपना जायज हक पा सकते हैं। मुस्लिम कानून (Shariat Law) के तहत संपत्ति के बँटवारे और वसीयत (Wills) बनाने के नियम बहुत स्पष्ट और सख्त हैं।

मुस्लिम कानून में वसीयत के नियम:

  1. एक-तिहाई (1/3) का नियम: एक मुस्लिम व्यक्ति अपनी कुल संपत्ति के केवल एक-तिहाई (1/3) हिस्से की ही वसीयत कर सकता है। बाकी की दो-तिहाई (2/3) संपत्ति अनिवार्य रूप से उसके कानूनी वारिसों (Legal Heirs) के बीच कानून के अनुसार बांटी जानी चाहिए।

  2. वारिसों की सहमति: यदि आपके पिता ने 1/3 से अधिक संपत्ति की वसीयत की है, तो वह वसीयत तब तक मान्य नहीं होगी जब तक कि आप (पहली पत्नी के बच्चे) और अन्य सभी वारिस इसके लिए अपनी सहमति न दे दें। चूंकि आप इस वसीयत के खिलाफ हैं, इसलिए आपके पिता द्वारा बनाई गई यह वसीयत कानूनी रूप से कमजोर है।

संपत्ति पर आपके अधिकार:

  • पैतृक और स्वयं अर्जित संपत्ति: मुस्लिम कानून में पैतृक (Ancestral) और खुद खरीदी गई (Self-acquired) संपत्ति के बीच कोई खास अंतर नहीं किया जाता। पिता की मृत्यु के बाद उनकी हर तरह की संपत्ति पर उनकी दोनों पत्नियों और सभी बच्चों का अधिकार होता है।

  • बेटों और बेटियों का हिस्सा: कानून के अनुसार, बेटे को बेटी की तुलना में दोगुना हिस्सा मिलता है। पहली पत्नी के बच्चों का पिता की संपत्ति में उतना ही अधिकार है जितना दूसरी पत्नी के बच्चों का। दूसरी पत्नी अकेले पूरी आय या संपत्ति पर कब्जा नहीं कर सकती।

आपके लिए कानूनी उपाय:

आपको तुरंत दीवानी अदालत (Civil Court) में वसीयत को चुनौती देने और संपत्ति के बँटवारे (Partition Suit) के लिए मुकदमा दायर करना चाहिए। आप कोर्ट से 'निषेधाज्ञा' (Injunction) या स्टे ऑर्डर की मांग कर सकते हैं ताकि दूसरी पत्नी संपत्ति को बेच न सके या उसकी आय का गलत इस्तेमाल न कर सके।

मेरी सलाह है कि आप सबसे पहले वसीयत की एक कॉपी हासिल करें और किसी अच्छे वकील के जरिए दूसरी पत्नी को कानूनी नोटिस भेजें। कानून आपके साथ है क्योंकि पिता अपनी मर्जी से किसी भी कानूनी वारिस को पूरी तरह बेदखल नहीं कर सकते।


अस्वीकरण: इस पृष्ठ का अनुवाद Google Translate की मदद से किया गया है। इसमें कुछ अंश या संपूर्ण अनुवादित लेख गलत हो सकता है क्योंकि सटीकता के लिए किसी वकील द्वारा इसकी जाँच नहीं की गई है। कोई भी व्यक्ति या संस्था जो इस अनुवादित जानकारी पर निर्भर है, वह ऐसा अपने जोखिम पर करता है। LawRato.com अनुवादित जानकारी की सटीकता, विश्वसनीयता, अस्पष्टता, चूक या समयबद्धता पर निर्भरता के कारण होने वाले किसी भी नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होगा। अपने स्वयं के कानूनी मामले के लिए किसी भी निर्णय लेने के लिए अपने वकील से जांच और पुष्टि कर सुनिश्चित करें।

अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


भारत के अनुभवी प्रॉपर्टी वकीलों से सलाह पाए


प्रॉपर्टी कानून से संबंधित अन्य प्रश्न