विभाजन के बिना बेची गई संपत्ति क्या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है
सवाल

उत्तर (2)
अगर संयुक्त खाते की संपत्ति को बंटवारे के बिना बेचा गया है, तो यह समझना जरूरी है कि कानून क्या कहता है।। ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1882 की धारा 7 कहती है कि कोई भी बालिग और मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति अपने हिस्से को बेच (sell), गिरवी (mortgage), या पट्टे (lease) पर दे सकता है।
इसका मतलब, एक सह-मालिक (co-owner) भी अपने हिस्से की जमीन बेच सकता है, भले ही जमीन का बंटवारा न हुआ हो। हिंदू संयुक्त परिवार में, मिताक्षरा नियम के तहत, कभी-कभी बाकी सह-मालिकों की सहमति चाहिए होती है। लेकिन अगर सहमति न भी हो, तो आपका हिस्सा बेचना कानूनन संभव है। अगर कोई सह-मालिक पूरी संपत्ति बेच देता है, तो बिक्री सिर्फ उसके हिस्से (share) तक मान्य होगी।
आपसी बंटवारे के बिना बिक्री के बाद क्या करें?
आपके मामले में, अगर पूरी संपत्ति बेच दी गई है, तो आपने न सिर्फ अपना हिस्सा, बल्कि बाकी सह-मालिकों (co-owners) का हिस्सा भी बेच दिया। अब आपको उनसे आपसी समझौता करना होगा। उनके पास संपत्ति में अपना हिस्सा मांगने का अधिकार है। आपको उनके हिस्से के बाजार मूल्य (market value) के बराबर राशि देनी होगी। अगर समझौता हो जाए, तो ठीक। वरना, वे दीवानी अदालत (civil court) में बंटवारा मुकदमा (partition suit) या मुआवजा (compensation) मांग सकते हैं।
बिक्री के दस्तावेज (deeds) पूरी तरह खारिज नहीं होंगे, पर सह-मालिक उसे चुनौती दे सकते हैं। एक अनुभवी वकील कानूनी प्रक्रिया (legal process) में मदद करेगा और संपत्ति विवाद (property dispute) सुलझाने में साथ देगा।
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
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