मैंने अपने बेटे और बहू को घर से निकाल दिया था और अब वह जबरदस्ती घर में आ रहे हैं मैं क्या करूं
सवाल
उत्तर (2)
कानूनन आप अपने घर की मालिक हैं और आपको शांति से रहने का पूरा अधिकार है। चूंकि यह संपत्ति आपके पति ने आपके नाम ट्रांसफर (Transfer) कर दी थी, इसलिए अब यह आपकी 'स्व-अर्जित संपत्ति' (Self-acquired Property) मानी जाएगी। इस पर आपके बेटे या बहू का कोई जन्मजात अधिकार नहीं है। आप उन्हें अपनी मर्जी के बिना घर में रहने की अनुमति देने के लिए बाध्य नहीं हैं।
सबसे पहले आपको अपने क्षेत्र के मजिस्ट्रेट या वरिष्ठ नागरिक न्यायाधिकरण (Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Tribunal) में एक आवेदन देना चाहिए। कानून के अनुसार, यदि बच्चे माता-पिता को प्रताड़ित करते हैं, तो उन्हें घर से निकालने (Eviction) का आदेश तुरंत दिया जा सकता है। पुलिस आपकी मदद करेगी ताकि वे जबरदस्ती घर में न रह सकें।
दूसरा कदम यह है कि आप नजदीकी पुलिस स्टेशन में बहू के खिलाफ 'धमकाने और गाली-गलौज' की लिखित शिकायत (Complaint) दर्ज कराएं। आप अपनी सुरक्षा के लिए 'घरेलू हिंसा अधिनियम' (Domestic Violence Act) के तहत कोर्ट से संरक्षण आदेश (Protection Order) भी मांग सकती हैं। इससे बहू आपको झूठे केस में फंसाने की धमकी नहीं दे पाएगी और कोर्ट उसे आपसे दूर रहने का आदेश दे सकता है।
जहाँ तक आपके पति का सवाल है, चूंकि घर आपके नाम पर है, इसलिए वे भी आपकी सहमति के बिना बेटे-बहू को वहां नहीं रख सकते। आप अपनी सुरक्षा के लिए घर में सीसीटीवी कैमरे (CCTV) लगवा सकती हैं ताकि उनकी बदतमीजी का सबूत आपके पास रहे। यह सबूत कोर्ट में बहुत काम आएगा।
मेरी सलाह है कि आप एक वसीयत (Will) भी तैयार करवा लें, जिसमें साफ लिखें कि आपके बाद यह घर किसे मिलेगा। आप उन्हें यह बता सकती हैं कि यदि उनका व्यवहार नहीं सुधरा, तो आप उन्हें अपनी संपत्ति से पूरी तरह वंचित (Disinherit) कर देंगी। डरने की जरूरत नहीं है, कानून एक मालिक के तौर पर आपके साथ है।
नमस्कार,
आपको अपने पास के पुलिस थाने में जाकर इस वारदात की शिकायत दर्ज करानी चाहिए . जो संपत्ति आपके नाम पर है वह अब स्वयं बनाई हुई संपत्ति कह लाएगी . जब आपके सामने पुलिस थाने में आपकी बहू बेटे और पति को बुलाया जाए तब आप वहां कह सकती हैं कि जो आपका ख्याल रखेगा आप उसके नाम वसीयत बनाएंगी . क्योंकि कानूनी तौर पर इस संपत्ति पर केवल आपका हक है और इस संपत्ति से जुड़े फैसले आपके ही होंगे. आप अपने पास के न्यायालय में जाकर अभी भी एक वसीयत बना लीजिए और उन लोगों को कहिए कि यह प्रॉपर्टी तभी मिलेगी जब वह लोग आपका सम्मान करेंगे अथवा आप यह प्रॉपर्टी गरीब बच्चों में दान कर देंगे . यह कदम उठाने से आपके घर वाले प्रॉपर्टी के लालच में ही सही पर आपसे दुर्व्यवहार नहीं करेंगे .
धन्यवाद
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