मेरे पिताजी 52 साल वासी मेरे पाटीदार वस


सवाल

मेरे पिताजी को 52 साल पहले एक वासी है मेरे पाटीदार ने की थी और उसे वसीयत 20 साल मुकदमा चला और 20 साल मुकदमा के चलने के बाद एक बार तहसीलदार से डिग्री हुई दूसरी बार एसडीएम क्या डिग्री हुई तीसरी बार कमिश्नर के यहां विरोधी ने निगरानी दायर किया और अब जब निगरानी में मुकदमा फिर पुणे तहसीलदार को वापस आया वहां पर फिर हमारे डिग्री हुई और अब वसीयत करता के बहन के लड़की के लड़के ने धारा 34 दायर कर दिया तो हमारा क्या स्टैंड होना चाहिए

उत्तर (2)


129 votes

आपके प्रश्न के अनुसार, यदि आपके पिताजी ने 52 वर्ष पूर्व जमीन खरीदी थी और उस पर उनका वैध स्वामित्व एवं कब्जा रहा है, तो केवल बाद में दाखिल निगरानी वाद या धारा 34 के आवेदन से उनका स्वामित्व समाप्त नहीं होगा।

सबसे पहले यह देखना आवश्यक है कि तहसीलदार, एसडीएम एवं कमिश्नर ने किन आदेशों को पारित किया तथा निगरानी वाद में क्या अंतिम निर्णय हुआ। यदि मामला बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम, 2009 की धारा 34 से संबंधित है, तो उस प्रावधान की प्रयोज्यता भी जांचनी होगी।

यदि विपक्षी व्यक्ति स्वामित्व को चुनौती देता है, तो पंजीकृत विक्रय विलेख, जमाबंदी, लगान रसीद, कब्जे के प्रमाण एवं पूर्व न्यायालयीन आदेशों के आधार पर अपना पक्ष रखें। आवश्यकतानुसार सक्षम सिविल न्यायालय में स्वामित्व की घोषणा एवं निषेधाज्ञा का वाद दायर किया जा सकता है।

बिना सभी आदेशों एवं दस्तावेजों को देखे अंतिम कानूनी राय देना उचित नहीं होगा।


अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में प्रॉपर्टी वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।


भारत के अनुभवी प्रॉपर्टी वकीलों से सलाह पाए


प्रॉपर्टी कानून से संबंधित अन्य प्रश्न