क्या मैं बख्शीश पात्रा को अदालत में चुनौती दे सकता हूं


सवाल

मेरे माता-पिता की मेहनत से कमाई हुई संपत्ति मेरी माँ के नाम पर है। मेरी माँ ने एक बख्शीश पात्रा बनाकर यह संपत्ति मेरे छोटे भाई के नाम कर दी है और मुझे कोई हिस्सा नहीं दिया क्योंकि मैं उनके साथ रहकर उनकी देखभाल नहीं कर पा रहा था। मेरा भाई बेरोजगार है और उनके साथ रहता है और उनकी देखभाल करता है। मैं एक सरकारी अधिकारी हूँ और मेरी पोस्टिंग दूर है। मेरे माता-पिता का कहना है कि उन्होंने सारी संपत्ति मेरे भाई को इसलिए दे दी क्योंकि वह बेरोजगार है। मैंने 1989 से पिछले महीने तक हर महीने ₹20,000 अपने माता-पिता को भेजे हैं। उन्होंने मेरी पढ़ाई या जीवन पर कोई खर्च नहीं किया। मैंने अपनी शिक्षा स्कॉलरशिप से पूरी की है। अब मुझे लगता है कि हर महीने पैसे भेजने के बजाय अगर मैंने उन्हें म्यूचुअल फंड में निवेश किया होता तो वह मेरी संपत्ति होती। कृपया बताएं कि क्या मैं अदालत में इस बख्शीश पात्रा को चुनौती दे सकता हूँ?

उत्तर (2)


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हाँ, आप अपनी माँ द्वारा बनाए गए बख्शीश पात्रा (Gift Deed) को कुछ कानूनी आधारों (Legal Grounds) पर अदालत में चुनौती दे सकते हैं।

बख्शीश पात्रा (Gift Deed) की कानूनी प्रकृति:

यह समझना ज़रूरी है कि यह संपत्ति आपकी माँ की स्व-अर्जित संपत्ति (Self-Acquired Property) है, पैतृक (Ancestral) नहीं। इसका मतलब है कि कानून के तहत उन्हें यह अधिकार है कि वह अपनी मर्ज़ी से किसी को भी यह संपत्ति उपहार (Gift) में दे सकती हैं। चूंकि यह उनकी अपनी कमाई नहीं थी, लेकिन उनके नाम पर थी, इसलिए उन्हें पूर्ण कानूनी मालिक माना जाता है। आपको इसमें जन्म से कोई अधिकार  नहीं मिलता।

चुनौती देने के संभावित कानूनी आधार:

आप बख्शीश पात्रा को निम्नलिखित आधारों पर दीवानी अदालत (Civil Court) में चुनौती दे सकते हैं:

  1. स्वतंत्र सहमति का अभाव (Lack of Free Consent): आप यह साबित करने की कोशिश कर सकते हैं कि आपकी माँ ने यह पात्रा अपनी मर्ज़ी (Free Will) से नहीं बनाया था। हो सकता है कि उन पर आपके छोटे भाई ने दबाव डाला हो , अनुचित प्रभाव डाला हो , या धोखा दिया हो (Fraud)।

    • चूंकि आपका भाई उनके साथ रहता है और आप दूर हैं, इसलिए आपको यह साबित करना होगा कि आपके भाई ने उनकी देखभाल का फायदा उठाकर उन्हें संपत्ति देने के लिए मजबूर किया।

  2. मानसिक या शारीरिक स्थिति: आप यह तर्क दे सकते हैं कि पात्रा बनाते समय आपकी माँ की मानसिक या शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह संपत्ति के हस्तांतरण (Transfer) के महत्व को समझ सकें।

  3. भरण-पोषण अधिनियम (Maintenance Act) का उल्लंघन: वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 (Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007) में एक प्रावधान है। अगर माँ ने यह संपत्ति आपके भाई को इस शर्त पर दी है कि वह उनकी देखभाल करेगा, लेकिन अब आपका भाई उन्हें ज़रूरी भरण-पोषण (Maintenance) प्रदान करने में विफल रहता है, तो माँ खुद अदालत में जाकर इस उपहार पात्रा को रद्द करने की मांग कर सकती हैं।

आपके पक्ष में मज़बूत तर्क:

  • देखभाल का त्याग (Consideration): आपने लंबी अवधि तक उन्हें मासिक 20 हजार रूपए भेजकर उनकी देखभाल में सहयोग दिया है। यद्यपि यह सीधे बख्शीश पात्रा को चुनौती देने का आधार नहीं है, लेकिन यह अदालत में यह साबित करने में मदद कर सकता है कि आप अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहे थे और केवल संपत्ति से वंचित करने के लिए पात्रा बनाया गया।

  • झूठा आधार: यदि बख्शीश पात्रा में यह लिखा है कि संपत्ति इसलिए दी जा रही है क्योंकि भाई देखभाल करता है और आप नहीं करते, तो आप अपने भेजे गए पैसों के रिकॉर्ड दिखाकर उस दावे को चुनौती दे सकते हैं।

आपको तुरंत अपने क्षेत्र के एक अनुभवी दीवानी वकील  से संपर्क करना चाहिए। वे आपके द्वारा भेजे गए पैसे के रिकॉर्ड और बख्शीश पात्रा की कॉपी का अध्ययन करके बताएँगे कि आपके पास चुनौती देने के कितने मज़बूत आधार हैं।

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जैसा कि आपने उल्लेख किया है और आपके द्वारा साझा किए गए सीमित विवरण के अनुसार, संपत्ति को आपके पिता ने स्वयं की कमाई से खरीदा था और आपकी माँ के नाम पर यह स्पष्ट रूप से पैतृक नहीं है। यह आपके दादा या परदादा से प्राप्त नहीं है, इसलिए आपके माता-पिता होने के नाते यह तय कर सकते हैं कि किसे देना है या किसे बेचना है।


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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


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