पहली पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी करना संभव है या नहीं


सवाल

मेरी पहले से एक शादी हो चुकी है और मेरे दो बच्चे भी हैं। मेरा अभी एक और हिंदू महिला से संबंध है जिसके पति की मृत्यु हो चुकी है और उसके भी दो बच्चे हैं। हम दोनों शादी करना चाहते हैं। क्या मेरी पहली पत्नी के रहते हुए और बिना तलाक लिए हम दोनों शादी कर सकते हैं?

उत्तर (2)


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नहीं, आप अपनी पहली पत्नी से कानूनी तौर पर तलाक (Legal Divorce) लिए बिना दूसरी शादी नहीं कर सकते। ऐसा करना भारतीय कानून के तहत एक गंभीर अपराध है और यह दूसरी शादी कानूनी रूप से अवैध मानी जाएगी।

कानूनी स्थिति (Legal Status)

  1. द्विविवाह अपराध (Bigamy): 'हिंदू विवाह अधिनियम, 1955' के तहत, एक हिंदू पुरुष या महिला को एक समय में केवल एक ही पत्नी/पति रखने की अनुमति है। पहली शादी के रहते हुए दूसरी शादी करना 'द्विविवाह' (Bigamy) कहलाता है।

  2. आपराधिक सज़ा: आपकी पहली पत्नी आपके खिलाफ BNS की धारा 82 के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज करा सकती है। इस अपराध के लिए आपको 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।

  3. शादी की वैधता: आपकी यह दूसरी शादी कानून की नजर में शून्य और अमान्य (Null and Void) मानी जाएगी। दूसरी पत्नी को कानूनी पत्नी का दर्जा नहीं मिलेगा।

आगे का सही रास्ता

यदि आप अपनी वर्तमान पत्नी से अलग रहना चाहते हैं और दूसरी महिला से विवाह करना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित अनिवार्य कदम उठाने होंगे:

  1. पहली पत्नी से तलाक: आपको सबसे पहले 'पारिवारिक न्यायालय' (Family Court) में अपनी पहली पत्नी से तलाक की डिक्री (Decree of Divorce) प्राप्त करनी होगी। चाहे वह आपसी सहमति से तलाक हो या एकतरफा तलाक

  2. भरण-पोषण (Maintenance): तलाक के बाद आपको अपनी पहली पत्नी और अपने दोनों बच्चों के भरण-पोषण (Maintenance) और गुजारा भत्ता (Alimony) की पूरी कानूनी जिम्मेदारी उठानी होगी।

  3. दूसरी शादी: पहली शादी के कानूनी रूप से भंग होने के बाद ही आप दूसरी महिला से विवाह कर सकते हैं।

यदि आप इन कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए बिना दूसरी शादी करते हैं, तो आप और आपकी दूसरी पार्टनर दोनों को गंभीर कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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हिंदू मैरिज एक्ट के अनुसार कोई भी पति य पत्नी बिना तलाक के दूसरे विवाह के बंधन में नहीं बन सकते आपको भी अपनी पत्नी से तलाक लेने के पश्चात दूसरा विवाह करने का अधिकार है तत्पश्चात आपको अपनी पत्नी पहली पत्नी एवं बच्चों के भरण पोषण के खर्चे की जिम्मेदारी उठानी होगी


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