चेक बाउंस केस फाइल करने की टाइम लिमिट क्या है - कब तक केस डाल सकते हैं?


सवाल

मेरा चेक बाउंस हो गया है और बैंक से "डिशॉनर" (Dishonour Memo) भी मिल गया है। चेक बाउंस केस करने की समय सीमा क्या है? NI Act Section 138 के तहत चेक बाउंस होने के कितने दिनों बाद केस फ़ाइल करना होता है?

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चेक बाउंस हो जाने के बाद चेक बाउंस केस डालने की कानूनी समय सीमा क़रीब 75 दिन है। पहले 30 दिन में नोटिस (Legal Notice) भेजना होता है, उसके बाद नोटिस के रिप्लाई का 15 दिन इंतज़ार करना होता है, और उसके बाद 1 महीने में केस फाइल करना होता है। एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत अगर आप इस टाइम लिमिट के अंदर केस नहीं डालते, तो बाद में केस रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

चेक बाउंस केस फ़ाइल करने की पूरी प्रक्रिया

  1. लीगल नोटिस (Legal Notice): चेक बाउंस होने की तारीख से 30 दिन के अंदर आपको चेक देने वाले व्यक्ति (Drawer) को लिखित कानूनी नोटिस भेजना होता है। इसमें साफ लिखा जाता है कि उसने आपका पैसा चुकाना है।
  2. पेमेंट का समय (Payment Window): नोटिस मिलने के बाद सामने वाले के पास 15 दिन का समय होता है पैसा लौटाने का। अगर वो इन 15 दिनों में पेमेंट कर देता है तो आपको केस डालने की ज़रूरत नहीं रहती।
  3. केस फाइल करने की आखिरी तारीख (Filing Deadline): अगर नोटिस के 15 दिन पूरे हो जाते हैं और आपको पैसा नहीं मिलता, तो 16वें दिन से आपके पास चेक बाउंस का केस करने के लिए 30 दिन का और समय होता है।


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