सर मुझे 07 तहत केस दर्ज कोर्ट मुझे बरी क
सवाल
उत्तर (2)
नमस्कार नमस्कार आपने कहा आप के ऊपर 307 का मुकदमा दर्ज किया गया था आपने कहा आप के ऊपर 307 का मुकदमा दर्ज किया गया था लेकिन उस मुकदमे में आपको बाजत बड़ी कर दिया गया लेकिन उस मुकदमे में आपको बाजत बड़ी कर दिया गया मुकदमा लिखाने के बाद मुकदमा लिखाने के बाद हुआ एविडेंस एविडेंस दो गवाहों ने अपने बयान दो गवाहों ने अपने बयान बदल दिए और अब बाइज्जत बरी हो गए बदल दिए और अब बाइज्जत बरी हो गए 10 महीने जेल में रहना पड़ा 10 महीने जेल में रहना पड़ा माता शारदा की बदनामी अलेक्सी हुई आपकी इज्जत अलग से खराब हुई माता शारदा की बदनामी अलेक्सी हुई आपकी इज्जत अलग से खराब हुई ध्यान में रखते हुए ध्यान में रखते हुए और और आपके पास ऑप्शन है आप अगली पार्टी को जेल भेजना चाहते हैं इज्जत के बदले में पैसा लेना चाहते हैं इज्जत के बदले में पैसा लेना चाहते हैं आप से पहले कर्नल आप से पहले कर्नल कोई भी प्रकार का कोई भी प्रकार का कर सकते हैं कर सकते हैं डिसाइड करना होगा डिसाइड करना होगा मानहानि दावा चाहते हैं मानहानि दावा चाहते हैं
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अपराधिक कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- मेरी मां घर में अकेली थी और उनसे गाली गलौच किया गया घर में घुस के तथा मेरे पहुंचने पर मुझसे मारपीट किया गया व जान से मारने की धमकी दिए घर घुस के मारने की धमकी दिए। पुलिस को शिकायत किया गया था कोई भी कार्यवाही नहीं की गई एफ आई आर भी दर्ज नहीं किए । अभी तक पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है क्या करना चाहिए
- मेरे साथ मारपीट की घटना किडनैपिंग तथा बलवा की धारों पर मामला दर्ज किया गया था मेरे सिर में सीने में आंख के नीचे पेट में छोटे आई थी लेकिन पुलिस द्वारा सही धारों पर केस दर्ज नहीं किया गया जो धारा लगाई गई थी विधि अनुरूप नहीं थी चालान पेश हो गया सही धारा लगवाने के लिए क्या करें
- आप ये बताए एक सूचना की शिकायत के आधार पर शिकायत करता और आरोपी दोनो को लूटा गया फिर पुलिस को भी fir नही दर्ज करने के इल्जाम में हाई कोर्ट रिट दायर कर लूटा जब ssp ने साइबर जांच,और मोबाइल की एसडीआर की जांच की तो ssp ko लूटा कि आप किसी की इजाजत के बिना सीडीआर नही निकाल सकते क्योंकि शिकायत उस के चाचा द्वारा की गई थी हाई कोर्ट के वकील को भी धमकी दी और लूटा की आप ने एफिडेविड में जानबूझ कर फेर बदल कर दिया फिर हाई कोर्ट के जज को भी लुटा की आप मेरे साथ मिल कर जो पहले पुलिस शिकायत और बाद में रिट में एफिडेबिड में थाना क्षेत्र को भी बदल कर समन कर दिया फिर पुलिस को समन का डर दिखा कर आनन फानन में असल वाक्य और उस के होने वाले साथान को बदल कर fir दर्ज कर वा दी और हाई कोर्ट को मौखिक बयान दे कर पुलिस ने 226 की रिट याचिका डिसमिस करवा ली की जी fir दर्ज कर ली फिर पुलिस को जो दूसरे थाने की थी उस को भी लुटा की आप ने कोर्ट में झूठ बोला था और आपकी ड्यूटी थी की पहली शिकायत दर्ज की उस में असंज्ञ अपराध की शिकायत थी और मजिस्ट्रेट के पास 155/2 की जरूरत थी और fir क्यों दर्ज की अगर कोई नया अपराध बनता तो में मेस्ट्रे
- Case ka pura story ye h ki ek vyakti ne hamare phone par Miss call Kiya 2 baar kiya tisra baar mene usse call back Kiya jisme o bataya ki hamare pass aapke cousin bhai ka aslil photo aur video h usne mere bhatiji ke sath glt kiya h meri bhatiji ka jiwan kharab Kiya h aur hame uska shaadi jahn kiye the o chhod diya h hame shhadi ka khrch chhiye usne puchha ki o cousin bhai kya krta h uske father kya krta h to mene btaya ki uska father retired teacher h cousin youtuber h .to o puchha ki bhai o hame 1 lac de raha h manage krne ke liye kya o paisa wala h 10 lac tak de sakta h ydi aap dilwa diye to aapko bhi commission denge mene saaf mna kr diya aur kaha ki beti ka baat h issliye jo bhi baat Krna h ghr aakar baat kre mujhe koi commission nhi chhahiye raha anount ka to Paisa h unke pass jo mangna h mango o de sakta h .iss trah 517 second baat hua.idhar hamara cousin bhai police station mei agyat aur phone number par aaya dhamki par fir krwa diya iske baad o 2-3 baad o unknown vyakti kahi l