महोदय मैं स्वतंत्र पत्रकार हूँ सन 20


सवाल

महोदय, मैं एक स्वतंत्र पत्रकार हूँ ..सन 2018 में मेरे विरुद्ध पुलिस ने एक शपथ पत्र में गलत तथ्य देने का आरोप लगाकर धारा 420 468 व 471 में fir दर्ज की। लेकिन उक्त fir के बारे में मुझे कोई सूचना नहीं दी गयी एक वर्ष तक कोई सूचना नहीं दी गयी। मुझे उक्त प्रकरण की जानकारी तब हुई जब दिसम्बर 2019 में पुलिस 82,83 की कार्यवाही करते हुए 82 का नोटिस मेरे पुस्तैनी घर पर चश्पा करके आई... मामला संज्ञान में आने पर मैंने उक्त fir के खिलाफ हाइकोर्ट में crlp दाखिल कर दी..जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने 12 दिन बाद अगली तारीख लगा दी और पुलिस से इस सम्बंध में जवाब मांगा है। अब चूंकि मैं पुलिस के खिलाफ हाइकोर्ट गया हूँ तो क्या उस fir के आधार पर पुलिस मुझे गिरफ्तार भी कर सकती है या कुर्की आदि की कार्यवाही कर सकती.... यदि हाँ तो गिरफ्तारी व अन्य कार्यवाही को कैसे रोका जा सकता है।

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आप हाईकोर्ट में 482 दाखिल करके जिसमें कि नॉन बेलेबल वारंट को चैलेंज किया जा सकता है और उस पर आपको हाई कोर्ट स्टे भी दे देगी तो बेहतर होगा कि आप क्रिमिनल पेटीशन में जाने के बजाय 482 में जाते तो आप हेल्प मिलती परी के लिए आप संपर्क कर सकते हैं एडवोकेट अनुराग भट्ट अलाहाबाद हाई कोर्ट


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