क्या एक साथ दो रेगुलर डिग्री करना गैरकानूनी है और इसमें क्या सजा हो सकती है


सवाल

अगर कोई व्यक्ति एक ही समय में दो रेगुलर डिग्री कर लेता है और इंटरव्यू के दौरान दोनों डिग्रियां दिखाता है, तो क्या उस पर धारा 420 के तहत केस हो सकता है? ऐसी स्थिति में क्या दोनों डिग्रियां रद्द कर दी जाती हैं या कोई एक वापस करनी पड़ती है? 

उत्तर (2)


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एक ही समय में दो रेगुलर (Regular) डिग्री करना फिलहाल यूजीसी के नियमों के खिलाफ है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक छात्र एक साथ दो डिग्री तो कर सकता है, लेकिन उनमें से केवल एक ही 'रेगुलर' मोड में हो सकती है। दूसरी डिग्री अनिवार्य रूप से ओपन, डिस्टेंस या ऑनलाइन मोड में होनी चाहिए।

जहाँ तक कानूनी कार्रवाई का सवाल है, यदि आप इंटरव्यू में दोनों डिग्रियां दिखाते हैं, तो इसे सीधे तौर पर BNS की धारा 318 (Cheating) का मामला नहीं माना जाएगा, जब तक कि आपने कोई दस्तावेज फर्जी न बनाया हो। हालांकि, यह 'नियमों के उल्लंघन' का मामला जरूर है। अगर कोई विभाग सख्त है, तो वह इसे धोखाधड़ी मानकर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है, क्योंकि आपने दोनों कॉलेजों में अपनी उपस्थिति (Attendance) के बारे में गलत जानकारी दी होगी।

सजा के तौर पर आमतौर पर आपकी दोनों डिग्रियां रद्द नहीं की जातीं, लेकिन नियम उल्लंघन के कारण दोनों में से किसी भी डिग्री को वैध नहीं माना जाएगा। ऐसी स्थिति में आपको एक डिग्री सरेंडर (Surrender) करने का विकल्प दिया जा सकता है, या यूनिवर्सिटी खुद ही बाद में ली गई डिग्री को अमान्य घोषित कर सकती है। सरकारी नौकरी के मामले में, यदि यह पाया गया कि आपने एक ही समय में दो जगह से रेगुलर पढ़ाई की है, तो आपकी उम्मीदवारी (Candidature) रद्द की जा सकती है।

बेहतर यही होगा कि आप इंटरव्यू में केवल एक ही रेगुलर डिग्री दिखाएं जिसे आपने मुख्य रूप से पूरा किया है। यदि आप दोनों डिग्री का लाभ लेना चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि उनमें से एक प्राइवेट या डिस्टेंस मोड से हो। नियमों के स्पष्ट उल्लंघन से भविष्य में करियर पर बड़ा संकट आ सकता है।

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यूजीसी ने छात्रों को एक ही समय में दो डिग्री प्रोग्राम करने की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। डिग्रियों में से एक नियमित मोड में होनी चाहिए और दूसरी या तो ओपन या डिस्टेंस लर्निंग या ऑनलाइन होनी चाहिए। समिति के अनुसार, चूंकि नियमित डिग्री कार्यक्रमों से जुड़ा एक न्यूनतम उपस्थिति मानदंड है, दूसरी डिग्री दूरस्थ या ऑनलाइन मोड के माध्यम से होनी चाहिए। विस्तृत दिशानिर्देशों को जल्द ही अधिसूचित किया जाना है।


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