जेठानी द्वारा देवरानी पर अवैध संबंधों का झूठा आरोप लगाने पर क्या कानूनी कार्रवाई कर सकती है


सवाल

मेरे जेठ और जेठानी का आपसी झगड़ा चल रहा है जिसमें जेठ ने कोर्ट में साथ रहने के लिए केस किया है। अब जेठानी ने बदले की भावना से जेठ के ऑफिस में एक झूठी शिकायत भेजी है जिसमें मुझ पर (देवरानी पर) जेठ के साथ अवैध संबंधों का गलत आरोप लगाया गया है और मेरे परिवार को भी बदनाम किया गया है। मैं यह जानना चाहती हूं कि इस झूठी शिकायत और बदनामी के खिलाफ मेरे पास क्या कानूनी अधिकार हैं?

उत्तर (2)


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जेठानी द्वारा ऑफिस में इस तरह की झूठी शिकायत करना न केवल आपकी छवि खराब करता है, बल्कि यह एक गंभीर कानूनी अपराध भी है। चूंकि जेठ ने वैवाहिक अधिकारों की बहाली (Restitution of Conjugal Rights) के लिए धारा 9 का केस किया है, इसलिए अक्सर दूसरे पक्ष द्वारा दबाव बनाने के लिए ऐसे झूठे आरोप लगाए जाते हैं। एक देवरानी के रूप में आपके पास अपनी गरिमा और परिवार के सम्मान को बचाने के लिए कई मजबूत कानूनी विकल्प मौजूद हैं।

सबसे पहले, आप जेठानी के खिलाफ मानहानि (Defamation) का केस कर सकती हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठे आरोप लगाता है, तो उस पर आपराधिक केस दर्ज कराया जा सकता है। इसके अलावा, आप दीवानी अदालत में हर्जाने का दावा भी पेश कर सकती हैं जिसमें आपकी बदनामी के बदले मुआवजे की मांग की जा सकती है।

दूसरा, चूंकि उन्होंने ऑफिस में झूठी शिकायत देकर आपकी नौकरी या सामाजिक स्थिति को प्रभावित करने की कोशिश की है, इसलिए आप पुलिस में आईपीसी की जगह अब लागू हुई भारतीय न्याय संहिता के तहत झूठी सूचना देने और जालसाजी के लिए शिकायत दर्ज करा सकती हैं। आप ऑफिस प्रबंधन को भी एक कानूनी नोटिस (Legal Notice) भेज सकती हैं जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं और केवल पारिवारिक रंजिश का हिस्सा हैं।

तीसरा, अगर वह आपको या आपके परिवार को मानसिक रूप से परेशान कर रही हैं, तो आप महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों का सहारा ले सकती हैं। आपको सबसे पहले एक अनुभवी वकील के माध्यम से उन्हें कानूनी नोटिस भेजना चाहिए ताकि वह भविष्य में ऐसी हरकत न करें। अदालती कार्यवाही के दौरान ये नोटिस और आपकी शिकायतें यह साबित करने में मदद करेंगी कि जेठानी का व्यवहार क्रूरतापूर्ण और द्वेषपूर्ण है।

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अगर जेठ और जेठानी के बीच परिवारिक मतभेद चल रहा है तो उसने यानी कि जेठानी ने जो आरोप लगाया है कि की जेठ और देवरानी के बीच जो भी अवैध संबंध है वह शिव कारा नहीं जा सकता क्योंकि आरोप तो समाज में बहुत लगाए जाते हैं लेकिन उचित नहीं होता अगर जेठ ने कॉंजुगल राइट का मुकदमा लिखाया है तो जेठानी स्वभाविक है कोई न कोई वह गलत आरोप लगाएगी और देवरानी को जेठानी की बात को अस्वीकार करना है अगर कोई मुक़दमा लिखा है तो उसे भेजे


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