क्या सास बहू के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कर सकती है


सवाल

मेरे भाई की शादी 2015 में हुई थी और तब से मेरी भाभी मेरी माँ के साथ मारपीट और गाली-गलौज कर रही हैं। वे मेरी माँ को खाना और उनकी बुनियादी ज़रूरतें भी पूरी नहीं करने देती हैं। मैं अपनी शादी के बाद दूसरे घर में रहती हूँ, लेकिन अपनी माँ की यह हालत नहीं देख पा रही हूँ, तो क्या मेरी माँ कानूनी तौर पर अपनी बहू के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत कर सकती हैं?

उत्तर (2)


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हाँ, आपकी माँ अपनी बहू के खिलाफ घरेलू हिंसा (Domestic Violence) का मामला निश्चित रूप से दर्ज करा सकती हैं। भारत के कानून के अनुसार, घरेलू हिंसा अधिनियम केवल बहू के लिए नहीं है; घर में रहने वाली कोई भी महिला, जिसमें सास भी शामिल है, उसी घर में रहने वाली किसी अन्य महिला या पुरुष के खिलाफ शिकायत कर सकती है।

चूंकि आपकी भाभी आपकी माँ को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं और उन्हें खाना नहीं दे रही हैं, तो यह घरेलू हिंसा के दायरे में आता है। आपकी माँ घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम (Protection of Women from Domestic Violence Act) के तहत अदालत में सुरक्षा आदेश (Protection Order) के लिए आवेदन कर सकती हैं। इसके माध्यम से अदालत बहू को मारपीट करने से रोक सकती है और माँ के लिए भरण-पोषण की व्यवस्था भी कर सकती है।

इसके अलावा, मारपीट और गालियों के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत पुलिस थाने में प्राथमिकी (First Information Report) भी दर्ज कराई जा सकती है। आपको सलाह दी जाती है कि इस दुर्व्यवहार के सबूत के तौर पर वीडियो रिकॉर्डिंग या मेडिकल रिपोर्ट सुरक्षित रखें, जो अदालत में आपकी माँ के पक्ष को मजबूत करेंगे।

अदालत जाने से पहले किसी अनुभवी वकील से सलाह लेना जरूरी है क्योंकि अक्सर ऐसे मामलों में बहू बचाव में दहेज उत्पीड़न या खुद पर घरेलू हिंसा के झूठे आरोप लगा सकती है। आपकी माँ वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen) होने के नाते 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम' के तहत भी शिकायत कर सकती हैं, जिससे उन्हें अपने ही घर में शांति से रहने का अधिकार मिल सके।

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ऐसे मामलों में, सास को अपनी बहू के बुरे कामों को रिकॉर्ड करना चाहिए और उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करनी चाहिए। यदि वह उसी में शामिल है, तो वह अपनी बहू के साथ-साथ उसके बेटे के खिलाफ भी घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज कर सकती है।
इसके अलावा, वह अदालत में भी जा सकती है और अपनी बहू के खिलाफ शारीरिक / वैवाहिक क्रूरता के आधार पर सुरक्षा की मांग कर सकती है।
अदालत में जाने से पहले एक योग्य वकील से सूचित सलाह लेना सबसे अच्छा है, क्योंकि यह सबसे अधिक संभावना है कि बहू झूठे दहेज या घरेलू हिंसा के आरोपों के साथ अदालत में जा सकती है।


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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


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