क्या आपराधिक मुकदमा चलने के दौरान नई सरकारी नौकरी मिल सकती है
सवाल
उत्तर (2)
जी नहीं, जब तक आप इस गंभीर आरोप से बरी (Acquittal) नहीं हो जाते, तब तक आपको नई सरकारी नौकरी मिलने की संभावना बहुत कम है। हालांकि आप परीक्षा का फॉर्म भर सकते हैं और परीक्षा दे सकते हैं, लेकिन अंतिम नियुक्ति के समय पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) में आपको रोक दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अवतार सिंह मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। उनके अनुसार, अगर किसी उम्मीदवार पर गंभीर किस्म का आपराधिक मामला (Criminal Case) लंबित है, तो नियुक्ति देने वाला विभाग उसे नौकरी देने से मना कर सकता है। चूंकि आपके ऊपर धारा 376 यानी बलात्कार (Rape) जैसा गंभीर आरोप लगा है, जिसे कानून में नैतिक पतन (Moral Turpitude) माना जाता है, इसलिए कोई भी सरकारी विभाग आपको नौकरी पर रखने का जोखिम नहीं लेगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब आप नई नौकरी का फॉर्म भरें, तो उसमें केस की जानकारी बिल्कुल न छिपाएं। अगर आपने वहां झूठ बोला या जानकारी छिपाई (Suppression of Facts), तो नौकरी मिलने की बची-खुची उम्मीद भी खत्म हो जाएगी और आप पर धोखाधड़ी का नया केस भी लग सकता है।
मेरी सलाह यही है कि आप पहले अपने वर्तमान केस को खत्म करवाने पर ध्यान दें। अगर कोर्ट आपको सम्मानपूर्वक बरी कर देता है, तभी आप नई नौकरी के लिए दावेदारी पेश कर पाएंगे। फिलहाल जिस नौकरी से आप निलंबित (Suspended) हैं, वहां भी विभागीय जांच (Departmental Inquiry) का सामना करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने उस उम्मीदवार की भर्ती के संबंध में दिशानिर्देश निर्धारित किए हैं जिसके खिलाफ आपराधिक मामला लंबित हैं:
एक उम्मीदवार द्वारा सरकारी नौकरी में प्रवेश करने से पहले या उसके दौरान किसी आपराधिक मामले की सजा, बरी या गिरफ्तारी, या लंबित होने के बारे में नियोक्ता को दी गई जानकारी सही होनी चाहिए और आवश्यक जानकारी का कोई दमन या गलत उल्लेख नहीं होना चाहिए।
जिस व्यक्ति के खिलाफ गंभीर अपराधिक मामला लंबित हैं, उसे सरकारी नौकरी के लिए नियुक्त किया जा सकता है या नहीं, यह नियोक्ता के विवेक पर सरकार के दिशा-निर्देश पर निर्भर करता है। यदि किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा आरोपों से बरी कर दिया गया है, तो वह सरकारी नौकरी के लिए पात्र हो सकता है।
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- Mera name Anjali Goswami hai mai md Aftab ke sath 1shal 6mahine se relation me hu or vo mujhe shadi ka jhasa de ke kayi bar mere sath physical relation banaya hai or kahi dusri ladki se shadi kara liya or mujhe ghar walo ke samne badnam kar ke rakh diya hai jiske vajah se mere ghar wale sath Nahi de rahe hai na koi gawahi de raha hai mai Thane gyi FIR likhane vaha bhi mera FIR nahi likha gya mujhe ek sarkari Vaikil chahiye
- प्रणाम सर/मैडम,मुझे अपने एक आपराधिक केस में आपसे कानूनी सलाह चाहिए। मामला पुलिस के फर्जीवाड़े से जुड़ा है।केस/FIR नं: 0234/2025थाना=सिद्धपुरा जिला कासगंजकेस की स्थिति: चार्जशीट लग चुकी है जमानत हो चुकी है/ आरोप पर बहस होनी है]मुख्य समस्या:जांच अधिकारी (IO) ने केस की चार्जशीट में सभी गवाहों के धारा 161के बयानों को हूबहू शब्द-दर-शब्द 'कॉपी-पेस्ट' किया है। कोमा, फुलस्टॉप और पैराग्राफ तक बिल्कुल एक जैसे हैं। के आधार पर कोर्ट में डिस्चार्ज (Discharge) या चार्जशीट रद्द (Quashing) कराने की रणनीति पर आपकी सलाह चाहता हूँ।
- सर मुझे फसाया जा रहा है सर मुझे फसाया जा रहा है इस केस में मैं इस केस में इंवॉल्व नहीं हूं पुलिस वालों ने जबरदस्ती मुझ पर यह कैसे लगाया है और इसमें जो कंप्लेनर है वह मेरा पड़ोसी है वह कंप्रोमाइज करना चाहता है
- hamburgerclose logo बात करना नमस्ते