एफआईआर के बाद चार्जशीट दाखिल होने में कितने दिन का समय लगता है?
सवाल

उत्तर (3)
अगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है, तो इसका मतलब हो सकता है कि पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है। एफआईआर दर्ज होने के बाद चार्जशीट दाखिल करने की एक कानूनी समय सीमा होती है, लेकिन इसकी अवधि अपराध की गंभीरता पर निर्भर करती है। भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 173 के तहत, अगर अपराध की सजा 10 साल से अधिक या उम्रकैद तक है, तो पुलिस को 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होती है। अन्य मामलों में, जहाँ सजा 10 साल से कम है, वहाँ चार्जशीट 60 दिनों के भीतर दाखिल की जानी चाहिए।
अब, अगर पुलिस चार्जशीट दाखिल करने में देरी कर रही है और आपको कोई सही जवाब नहीं मिल रहा तो आप वकील की मदद से सीआरपीसी धारा 156(3) के तहत मजिस्ट्रेट को शिकायत करें। मजिस्ट्रेट पुलिस को जांच तेज करने या चार्जशीट दाखिल करने का आदेश दे सकता है।
एफआईआर की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती, लेकिन अगर चार्जशीट समय पर दाखिल न हो, तो आरोपी जमानत का दावा कर सकता है। इसलिए ऐसे स्थिति में आपको जल्द से जल्द कानूनी मदद लेनी चाहिए।
जैसा की आप ने बताया आपकी बहन के होने वाले पति ने उन्हें धोखा दिया वह शादी से पहले भाग गये पुलिस ने धारा 420 आईपीसी के अंतर्गत एफ.आई.आर दर्ज करी थी जिस पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है 15 दिन से ऊपर हो चुके है अभी तक ना तो केस फॉलो अप में आया है और ना ही पुलिस द्वारा तफ्तीश की जा रही है हो इसके लिए आपको तुरंत किसी वकील की सहायता से अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहिए।
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