अपहरण मामले पीड़िता धारा 164 सीआरपीसी


सवाल

अपहरण के मामले में पीड़िता का धारा 164 सीआरपीसी का बयान मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज करने के पश्चात विवेचना अधिकारी द्वारा अवलोकन कितने समय के भीतर कर लेना चाहिए और यदि विवेचना अधिकारी 164 सीआरपीसी के बयान का अवलोकन नहीं करते हैं तो क्या पीड़िता को पुलिस अभिरक्षा से मुक्ति मिल सकती है

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अगर पीड़ित ने अपना बयान मजिस्ट्रेट के सामने दे दिया है तो इसमें कोई निर्धारित समय नहीं दिया गया है जिसके अंदर आपके इन्वेस्टीगेशन ऑफिसर को उसके एग्जामिनेशन करनी हो .उसके एक्जामिनेशन करने के लिए वह उतना ही समय लेगा जितना उसके एग्जाम नेशन को सही तरीके से पूरा करने के लिए लगे या फिर मैजिस्ट्रेट ने जो आर्डर दिया होगा उसके हिसाब से उतने समय के अंदर उन्हें एग्जामिनेशन रिपोर्ट को मजिस्ट्रेट के सामने सबमिट करनी होती है .
पीड़ित चाहे तो अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस प्रोटेक्शन की एक एप्लीकेशन मजिस्ट्रेट के सामने लगा सकता है .


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