क्या कोई सरकारी कर्मचारी अपना बिजनेस या स्टार्टअप शुरू कर सकता है


सवाल

क्या भारत में कोई सरकारी कर्मचारी नौकरी के साथ-साथ अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकता है? मेरे दोस्त के पास एक बहुत अच्छा स्टार्टअप आइडिया है, लेकिन लोग कहते हैं कि कानून इसकी इजाजत नहीं देता और उसे इस्तीफा देना पड़ेगा। क्या यह सच है?

उत्तर (4)


494 votes

हाँ, यह कोई अफवाह नहीं बल्कि कानून है। भारत में सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाए गए 'आचरण नियमों' (Conduct Rules) के अनुसार, एक सरकारी सेवक सीधे तौर पर किसी भी निजी व्यापार या बिजनेस में शामिल नहीं हो सकता।

यहाँ इस कानून से जुड़ी मुख्य बातें दी गई हैं:

1. प्रतिबंध (Restriction): केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियमावली, 1964 के नियम 15 (Rule 15 of CCS Conduct Rules) के तहत, कोई भी सरकारी कर्मचारी सरकार की पूर्व अनुमति (Prior Permission) के बिना किसी भी व्यापार या बिजनेस में न तो हिस्सा ले सकता है और न ही उसका प्रचार कर सकता है। इसमें किसी कंपनी के लिए काम करना या स्वतंत्र रूप से स्टार्टअप शुरू करना भी शामिल है।

2. इस्तीफा क्यों जरूरी है: यदि आपका दोस्त खुद को उस स्टार्टअप का मालिक, डायरेक्टर या सक्रिय पार्टनर बनाना चाहता है, तो उसे सरकारी नौकरी से इस्तीफा देना ही होगा। सरकार का मानना है कि बिजनेस करने से कर्मचारी का ध्यान अपनी सरकारी ड्यूटी से भटक सकता है और 'हितों का टकराव' (Conflict of Interest) हो सकता है।

3. क्या कोई बीच का रास्ता है? अक्सर लोग कुछ वैकल्पिक तरीके अपनाते हैं, जैसे:

  • परिवार के नाम पर बिजनेस: कर्मचारी अपने जीवनसाथी (पति/पत्नी) या परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर बिजनेस शुरू करवा सकता है। कानूनन इसमें कोई बड़ी रुकावट नहीं है, लेकिन कर्मचारी खुद उस बिजनेस के कागजों पर मालिक नहीं हो सकता और न ही वहां से सैलरी ले सकता है।

  • अवैतनिक कार्य: सामाजिक या चैरिटेबल (Charitable) काम के लिए सरकार से अनुमति लेकर जुड़ा जा सकता है, लेकिन वहां से कोई मुनाफा या पैसा कमाना मना है।

  • शेयर बाजार में निवेश: सरकारी कर्मचारी शेयर बाजार में निवेश कर सकता है, लेकिन वह "डे-ट्रेडिंग" (Day Trading) या बहुत बड़े स्तर पर सट्टेबाजी नहीं कर सकता।

4. नियम तोड़ने के परिणाम: यदि कोई कर्मचारी छिपकर बिजनेस करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) हो सकती है और उसे नौकरी से बर्खास्त (Terminate) भी किया जा सकता है।

मेरी सलाह है कि यदि स्टार्टअप का विचार बहुत बड़ा है और वह खुद उसे चलाना चाहता है, तो उसे पहले विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के बारे में पता करना चाहिए या लंबी छुट्टी (Extraordinary Leave) लेकर इसे आज़माना चाहिए।

71 votes

नमस्ते, कानूनी रूप से एक सरकारी कर्मचारी को भारत में व्यवसाय करने की अनुमति नहीं है। लेकिन वे अपने पति या पत्नी के नाम पर और बच्चों के नाम या परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर व्यवसाय कर सकते हैं और व्यवसाय की देखरेख कर सकते हैं।

192 votes

नहीं, एक सरकारी कर्मचारी को निजी व्यवसाय चलाने की अनुमति नहीं है, न ही उसे अंशकालिक या पूर्णकालिक कर्मचारी के रूप में कहीं और काम करने की अनुमति है। यह सरकारी नियम के खिलाफ है और इसलिए जो व्यक्ति पाया जाता है उस पर कानून तोड़ने का आरोप लगाया जा सकता है।

260 votes

सेवा नियमों के अनुसार कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने नाम से न तो कोई व्यवसाय खोल सकता है और न ही चला सकता है। लेकिन यदि आप व्यवसाय चलाना चाहते हैं तो अतिरिक्त आय के लिए आप अपने परिवार के किसी भी सदस्य अर्थात पत्नी, पुत्र, पुत्री, माता, पिता या भाई के नाम से व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।


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