Meri sadi k 10 saal h gaye hai mera d bacha v hai par mere pas sadi ka ki prf nahi hai r mere pai ab
सवाल
उत्तर (2)
आपने अपने प्रश्न में बताया कि आपकी शादी को 10 साल हो गए हैं और आपके दो बच्चे भी अपने पति से हैं लेकिन शायद आपने अपने पति से समाज के बीच रीति रिवाज के अनुसार शादी नहीं की है और आपने गुपचुप तरी के से शायद शादी की है फिर भी आपको अपने पति व उनकी संपत्ति के बारे में वह सब अधिकार है जो एक विवाहिता पत्नी के होते हैं यदि आपके पति आप को और बच्चों को अपनाने से मना कर रहे हैं तो आप अपने पति के विरुद्ध न्यायालय में मुकदमा दायर कर सकती हैं तथा आपके पति अब आपके बच्चों को अपनाने से मना करते हैं या यह कहते हैं के बच्चे उनके नहीं है तो न्यायालय के आदेशानुसार डीएनए टेस्ट भी क्या जा सकता है जिससे साफ तौर पर यह साबित हो जाएगा के बच्चे उन्हीं के हैं और उनका आपके पति की संपत्ति में पूरा अधिकार है आपने अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई अपने पति के विरुद्ध नहीं की है तभी मैं आपको परेशान कर रहा है आपके पति के विरुद्ध आपके पास तमाम कानूनी विकल्प है जिनका प्रयोग कर सकती है
अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में सिविल वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।
सिविल कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- मेरे पिताजी पाँच भाई थे। उनमें से एक बड़े चाचा की कोई संतान नहीं थी। परिवार में सभी भाइयों के बीच संपत्ति का बँटवारा हो चुका था। वर्ष 2006 में मेरे चाचा का निधन हो गया। अपने निधन से पहले उन्होंने अपनी संपत्ति और अपनी पत्नी, यानी मेरी बड़ी चाची की जिम्मेदारी मेरे पिताजी को सौंप दी थी। चाचा के निधन के बाद मेरी चाची ने अपनी पूरी जमीन मेरी माँ के नाम कर दी थी, लेकिन मकान अपने नाम पर ही रखा था। उन्होंने कोर्ट के माध्यम से एक वसीयत भी बनवाई थी, जिसमें लिखा था कि उनकी मृत्यु के बाद यह मकान मेरे पिताजी का हो जाएगा। लेकिन मेरे पिताजी का निधन वर्ष 2012 में ही हो गया, जबकि मेरी चाची का निधन वर्ष 2021 में हुआ। पिताजी के निधन के बाद मैंने अपनी माँ और चाची, दोनों को अपने पास रखा और लगभग 10–12 वर्षों तक शहर में किराए के मकान में उनके रहने, खाने-पीने, इलाज और अन्य सभी जरूरतों का ध्यान रखा। मैंने और मेरी पत्नी ने मिलकर चाची की पूरी सेवा की। हमारा पैतृक मकान हमारे गाँव में है। फिलहाल उस मकान में हम रहते हैं और बिजली का बिल भी मेरी माँ के नाम पर आता है। मेरी माँ अभी जीवित हैं। हम तीन भाई हैं और मैं स
- नमस्कार, दिवाणी दाव्यामध्ये प्रतिवादीचा सध्याचा पोस्टल पत्ता मिळत नसल्यामुळे कोर्टाची नोटीस/समन्स बजावण्यात अडचण येत आहे. कृपया प्रतिवादीचा पत्ता कायदेशीर मार्गाने शोधण्यासाठी आणि नोटीस/समन्स बजावण्यासाठी योग्य ती कायदेशीर प्रक्रिया करता येईल का, याबाबत मार्गदर्शन करावे. धन्यवाद.
- Namaste sir mera jo case Hai 2015 ka hai yah case close ho gaya hai aur yah jhutha case ka chakkar mein Hai ismein se naam hatwana hai kyunki mujhe clearance certificate banvane mein problem aati Hai application rejected ho jati h
- Sir ji Mera case act ka hai jismein mera bhai fasaya gaya hai usko Saja ho gai hai 25 sal ki usmein criminal appeal karni hai ki jankari chahie Thi iske liye help chahie Thi aapki main bahut Garib aadami hun mujhe aapki help chahie