FIR 28 अप्रेल 202 रात लिखते हैँ । मजिस्ट्रे


सवाल

FIR 28 अप्रेल 2023 की रात को लिखते हैँ । ओर मजिस्ट्रेट के आगे 30 अप्रेल को शाम को 7 बजे रविवार को पेस करते हैँ क्या 24 घंटे से ज्यादा हिरासत मे रखना वैध्य है । ओर दूसरा पुलिस 28 को 419, 420 मे अरेस्ट दिखा रही है। जिस् स्थान से 28 को गिरफ्तार दिखा रही है। उसी स्थान पर उसी टीम द्वारा 29 को शांति भंग मे गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने मुचलका भरबा रही है।सर जब मे 28 को हिरासत मे था तो 29 को शांति भंग मे दुबारा केसे आ गया ।इसका मतलब 28 की रिपोर्ट गलत थी । फर्जी थी । जान बूझकर फसाया गया। सर क्या मे मानवाधिकार आयोग भी जा सकता हुं । ओर हाई कोर्ट भी मार्गदर्शन करे।

उत्तर (2)


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बिल्कुल आपके साथ गलत हुआ है जिस प्रकार से आप बता रहे हैं कि आपको 28 को गिरफ्तार किया गया 30 की गिरफ्तारी दिखाई जा रही है कहीं ना कहीं पुलिस के द्वारा आपके साथ दुर्व्यवहार किया गया है और इसके लिए आपको उच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग मैं अपनी बात रखनी चाहिए मुझे पूर्ण विश्वास ही नहीं उम्मीद भी है की उच्च न्यायालय मानवाधिकार आयोग आपकी बात को गंभीरता से लेकर न्याय करेगा !


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