Ek pl Hai 44 decimal ka jismein een hissedar Hain jiska chahaddi Prab nij hai paschim sadak hai Uar


सवाल

Ek plot Hai 44 decimal ka jismein teen hissedar Hain jiska chauhaddi Purab nij hai paschim sadak hai Uttar nahin Hai dakshin bhi sadak hai aur teen bhaiyon ke hisse mein yah jameen aani thi to Purab ek hissedar hue bich mein ek hissedar ka hissa hua aur paschim ek hissedar ka hissa hua Purab aur bich wala donon अपने-अपने jameen bhej chuke hain paschim wala hissa mein Purab wali hisse ki jameen Chaudhari Badal kar paschim Disha mein likhva liya hai apne bete ko to kya yah sahi hai ya galat kya Purab ki chauthi Wale Ko paschim ka jameen mil sakta hai

उत्तर (2)


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आपके प्रश्न में दी गई भूमि के विभाजन की स्थिति को ध्यान से समझा जा सकता है। भूमि की चौहद्दी के अनुसार, पूरब और दक्षिण दिशा में सड़क है, जबकि उत्तर में सड़क नहीं है, और पश्चिम में भी सड़क है। जब तीन भाइयों के बीच चौवालीस दशमलव भूमि का बंटवारा हुआ, तो पूरब वाला भाई पूरब की ओर, बीच वाला भाई अपने हिस्से में, और पश्चिम वाला भाई पश्चिम की ओर का हिस्सा ले चुका है। पूरब और बीच वाले भाई अपनी-अपनी भूमि का पंजीकरण (बैनामा) करा चुके हैं, जिससे उनके हिस्से अब स्पष्ट रूप से उनके नाम हो गए हैं।

अब प्रश्न यह है कि पश्चिम वाले भाई ने अपने बेटे के नाम पर पूरब वाले हिस्से की भूमि को 'चौधरी बदल' करके पश्चिम दिशा में लिखवा दिया है। कानूनी और राजस्व दृष्टि से यह कार्य बिल्कुल गलत है। कारण यह है कि पूरब वाला हिस्सा अब पूरब वाले भाई का हो चुका है, जिसका पंजीकरण हो चुका है। ऐसी स्थिति में पश्चिम वाले भाई को अपनी भूमि का दिशा या मालिकाना हक इस तरह से बदलने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि वह दूसरे भाई की सीमा में दखल दे रहा है। यह पूरी तरह से गलत है और इसे कानूनी रूप से चुनौती दी जा सकती है।

आपके दूसरे प्रश्न का उत्तर यह है कि पूरब के भाई की चौथाई भूमि (यानी जो भूमि सड़क की ओर उसके हिस्से में आई है) वाले को पश्चिम की भूमि किसी भी सूरत में नहीं मिल सकती, जब तक कि सभी भाइयों की सहमति से भूमि का पुनः सीमांकन और बंटवारा न करवाया जाए। विभाजन के बाद प्रत्येक भाई अपने दिए गए हिस्से का ही स्वामी होता है। यदि पश्चिम वाले भाई ने अपने बेटे के नाम ऐसी रजिस्ट्री करवा ली है, तो यह एक भ्रामक और अवैध कार्य है। इस स्थिति में, पूरब वाले भाई को तुरंत राजस्व विभाग, विशेषकर तहसीलदार या उप-पंजीयक के पास इसकी शिकायत दर्ज करानी चाहिए, और यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके हिस्से की सीमा के साथ छेड़छाड़ की गई है, और कानूनी रूप से इस गलत रजिस्ट्री को रद्द करवाने के लिए सिविल अदालत में भी वाद दायर किया जा सकता है।


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