प्रॉपर्टी ट्रांसफर कैसे करे: प्रक्रिया, नियम और ब्लड रिलेशन में हस्तांतरण
जब किसी घर, जमीन, प्लॉट या दुकान का मालिकाना हक एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के नाम पर कानूनी तरीके से बदला जाता है, तो उसे प्रॉपर्टी ट्रांसफर कहा जाता है। यह बिक्री (Sale Deed), उपहार (Gift Deed) या वसीयत (Will) के जरिए किया जाता है।
भारत में प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए डीड तैयार कराना, स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस जमा करना, और सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में दस्तावेज रजिस्टर्ड कराना जरूरी होता है। इसके बाद दाखिल-खारिज (Mutation) की प्रक्रिया पूरी की जाती है ताकि सरकारी रिकॉर्ड में नए मालिक का नाम दर्ज हो सके।
ब्लड रिलेशन जैसे माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी या बच्चों के बीच संपत्ति ट्रांसफर करने के लिए गिफ्ट डीड आम तरीका है, जिसमें कई राज्यों में स्टाम्प ड्यूटी में छूट मिलती है। आज के लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि प्रॉपर्टी ट्रांसफर क्या है और यह क्यों जरूरी है? प्रॉपर्टी ट्रांसफर की प्रक्रिया, ब्लड रिलेशन में संपत्ति ट्रांसफर नियम, जरुरी डाक्यूमेंट्स और स्टाम्प ड्यूटी शुल्क?
हम सभी का इस विषय के बारे में जानकारी होना बहुत जरुरी है, क्योंकि गलत प्रक्रिया अपनाने या सही दस्तावेज़ न होने के कारण हमें न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ता है।
इसलिए हर व्यक्ति को अपने परिवार व संपत्ति से जुड़े मामलों के लिए समझदारी से फैसला लेना जरुरी है। आइये इस लेख के द्वारा इन सभी जानकारियों को आसान भाषा में विस्तार से समझते है।
विषयसूची
- प्रॉपर्टी ट्रांसफर क्या होता है?
- प्रॉपर्टी ट्रांसफर कितने प्रकार की होती है - Type of Property Transfer
- प्रॉपर्टी ट्रांसफर कैसे करे - जरुरी डाक्यूमेंट्स और प्रक्रिया
- संपत्ति हस्तांतरण के लिए किन दस्तावेज़ों की आवश्यकता पड़ती है?
- ब्लड रिलेशन में प्रॉपर्टी ट्रांसफर कैसे करें?
- पिता की मृत्यु के बाद प्रॉपर्टी ट्रांसफर की प्रक्रिया कैसे की जाती है?
- संपत्ति हस्तांतरण (Property Transfer) क्यों जरूरी है?
- 1. विक्रय दस्तावेज (Sale Deed)
- 2. उपहार/ दान (Gift Deed)
- 3. वसीयत (Will)
- 4. विभाजन दस्तावेज (Partition Deed)
- प्रॉपर्टी के प्रकार की पहचान करें
- आवश्यक दस्तावेजों तैयार करना
- स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करें
- प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन करवाएं
- प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए आवश्यक दस्तावेज़
- संपत्ति के ट्रांसफर में गवाहों की जानकारी
- ब्लड रिलेशन में प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने के लिए दो मुख्य तरीके हैं:
- ब्लड रिलेशन में प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने पर स्टाम्प ड्यूटी में क्या छूट मिलती है?
- 1. पिता की मृत्यु के बाद प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए जरूरी दस्तावेज
- 2. उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate)
- 3. वसीयत के साथ प्रॉपर्टी ट्रांसफर की प्रक्रिया
- 4. बिना वसीयत के प्रॉपर्टी ट्रांसफर
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रॉपर्टी ट्रांसफर क्या होता है?
संपत्ति हस्तांतरण (Property Transfer) का मतलब है किसी संपत्ति - जैसे घर, जमीन, या दुकान का मालिकाना हक (Ownership Rights) एक व्यक्ति से दूसरे को देना। आसान भाषा में कहें तो, जब आप अपनी प्रॉपर्टी को बेचते हैं (Sell), वसीयत (Will) के जरिए किसी को सौंपते हैं, या फिर उपहार (Gift) के रूप में देते हैं, तो यही प्रॉपर्टी ट्रांसफर कहलाता है। यह एक कानूनी प्रक्रिया (Legal Process) है जो यह बताती कि अब ये संपत्ति किसकी है।
इसे आसान भाषा में समझे तो, मान लीजिए की आपके पास एक दुकान है। अब आपने वह दुकान अपने दोस्त को बेच दी। इसी तरह जब आप अपनी जमीन, घर या कोई अन्य संपत्ति किसी और बेचते है या उसका मालिकाना हक किसी और व्यक्ति के नाम कराते है, तो उसे प्रॉपर्टी ट्रांसफर कहते हैं।
संपत्ति हस्तांतरण (Property Transfer) क्यों जरूरी है?
1. कानूनी मान्यता प्राप्त करने के लिए
किसी भी संपत्ति का असली मालिक (Real Owner) वही माना जाता है जिसके नाम पर वह संपत्ति कानूनी रूप से पंजीकृत (Registered) होती है।
2. संपत्ति विवादों से बचने के लिए
संपत्ति ट्रांसफर से यह तय होता है कि संपत्ति पर किसी अन्य व्यक्ति का कोई दावा या हक (Claim or Right) नहीं है। यह प्रक्रिया भविष्य में परिवार या अन्य लोगों के बीच होने वाले झगड़ों को रोकने में मदद करती है।
3. विरासत में संपत्ति देने के लिए जरूरी
यदि कोई व्यक्ति अपनी प्रोपर्टी, वसीयत या उत्तराधिकार कानून के द्वारा अपने परिवार के किसी सदस्य को देना चाहता है, तो प्रॉपर्टी ट्रांसफर प्रक्रिया का इस्तेमाल करना आवश्यक है। यह प्रक्रिया संपत्ति के सही उत्तराधिकारी (Successor) को उसके अधिकार देने में मदद करती है।
4. प्रॉपर्टी बेचने या खरीदने के लिए आवश्यक
जब कोई व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी बेचता है, तो उस प्रॉपर्टी को खरीदने वाले व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर करना जरूरी होता है। इससे संपत्ति का मालिकाना हक खरीदार (Buyer) को कानूनी रूप से मिलता है और बेचने वाले व्यक्ति का उस पर कोई अधिकार नहीं रहता।
प्रॉपर्टी ट्रांसफर कितने प्रकार की होती है - Type of Property Transfer
प्रॉपर्टी ट्रांसफर (Property Transfer) कई कारणों और जरूरतों के लिए किया जाता है, और इसे अलग-अलग तरीकों से पूरा किया जा सकता है। आसान भाषा में कहें तो, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपनी संपत्ति को किसी को देना चाहते हैं, बेचना चाहते हैं, या विरासत में छोड़ना चाहते हैं। आइए, इसके मुख्य प्रकारों को समझते हैं:
1. विक्रय दस्तावेज (Sale Deed)
यह प्रॉपर्टी ट्रांसफर का सबसे आम तरीका है। जब कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति को बेचता है, तो वह एक विक्रय दस्तावेज (Sale Deed) तैयार करता है। इस दस्तावेज में खरीददार और बेचने वाले व्यक्ति की जानकारी, संपत्ति की जानकारी, बेचने की कीमत और अन्य शर्तें शामिल होती हैं। इस प्रक्रिया की सहायता से संपत्ति को बेचने वाले व्यक्ति द्वारा उसके नए मालिक के नाम पंजीकृत (Registered) करवा दिया जाता है।
2. उपहार/ दान (Gift Deed)
जब कोई व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी किसी अन्य व्यक्ति को बिना किसी पैसे या वस्तु के बदले में देता है, तो इसे उपहार (Gift) कहा जाता है। उपहार देने के लिए एक उपहार दस्तावेज (Gift Deed) तैयार किया जाता है। इस दस्तावेज में उपहार देने वाले और लेने वाले व्यक्ति की जानकारी, संपत्ति की जानकारी और गिफ्ट देने के कारण लिखे होते हैं। इस प्रक्रिया का इस्तेमाल आमतौर पर परिवार के सदस्यों के बीच किया जाता है।
3. वसीयत (Will)
वसीयत (Will) एक कानूनी दस्तावेज है जिसमें कोई व्यक्ति अपनी मृत्यु (Death) के बाद अपनी संपत्ति किसे देना चाहता है, इसकी जानकारी देता है। वसीयत के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपनी संपत्ति अपने वारिसों, चैरिटी या किसी अन्य व्यक्ति को भी दे सकता है।
4. विभाजन दस्तावेज (Partition Deed)
जब एक संपत्ति कई लोगों के नाम पर होती है, तो उस प्रॉपर्टी को अलग-अलग हिस्सों में बांटने के लिए एक विभाजन दस्तावेज (Partition Deed) तैयार किया जाता है। यह आमतौर पर परिवार के सदस्यों के बीच होता है।
उदाहरण: जब एक भाई और बहन अपने पिता की संपत्ति को बराबर बांटते हैं तो वे एक संपति बंटवारे का दस्तावेज तैयार करते हैं।
प्रॉपर्टी ट्रांसफर कैसे करे - जरुरी डाक्यूमेंट्स और प्रक्रिया
प्रॉपर्टी ट्रांसफर की प्रक्रिया एक कानूनी और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसे सही तरीके से और सभी नियमों का पालन करते हुए करना आवश्यक है। नीचे इसे स्टेप बाय स्टेप आसान भाषा में विस्तार से समझाया गया है:
प्रॉपर्टी के प्रकार की पहचान करें
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि प्रॉपर्टी का ट्रांसफर किस कार्य के लिए किया जा रहा है और प्रॉपर्टी किस प्रकार की है। जैसे संपत्ति बेचना, संपत्ति गिफ्ट के रूप में देना, वसीयत के जरिए देना आदि।
प्रॉपर्टी के कुछ आम प्रकार:
- आवासीय (Residential)
- व्यावसायिक (Commercial)
- कृषि भूमि (Agricultural Land)
- किराए की संपत्ति (Leased Property)
आवश्यक दस्तावेजों तैयार करना
प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों (Important Documents) की आवश्यकता होती है। इस प्रक्रिया के लिए सभी दस्तावेजों को इकट्ठा कर ले और अच्छे से जाँच ले।
स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करें
स्टाम्प ड्यूटी एक कानूनी शुल्क (Legal Fees) होता है जो राज्य सरकार द्वारा प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए लिया जाता है। यह प्रॉपर्टी के बाजार मूल्य (Market Value) का कुछ प्रतिशत हो सकता है।
स्टाम्प ड्यूटी कैसे जमा करें?
आप अपने नजदीकी स्टाम्प कार्यालय जाकर स्टाम्प पेपर खरीद सकते है या ऑनलाइन भी स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान कर सकते है।
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन करवाएं
इसके बाद प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए सभी उपयोगी दस्तावेजों की जांच करवाएं व सभी दस्तावेजों को रजिस्ट्रार कार्यालय (Sub-Registrar Office) में जमा करें। इसके बाद खरीदार और विक्रेता (बेचने वाला) (Buyer & Sellers) का बायोमेट्रिक करवाकर रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने के बाद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो जाती है। रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने पर प्रॉपर्टी के नए मालिक को रजिस्ट्री की एक प्रति (Copy) दी जाती है ।
आवश्यक बात: प्रॉपर्टी ट्रांसफर से जुड़े सभी दस्तावेजों को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है। यह भविष्य में किसी विवाद या समस्या से बचने में मदद करता है। जैसे:- रजिस्ट्री प्रमाणपत्र, स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की रसीद।
संपत्ति हस्तांतरण के लिए किन दस्तावेज़ों की आवश्यकता पड़ती है?
प्रॉपर्टी ट्रांसफर की प्रक्रिया में सही और पूरे दस्तावेज़ होना बहुत ही जरुरी होता है। दस्तावेज़ों के बिना प्रॉपर्टी ट्रांसफर मान्य (Valid) नहीं माना जाता। इसके अलावा गवाहों (Witness) का होना भी आवश्यक होता है, जो ट्रांसफर प्रक्रिया को कानूनी और वैध बनाती है। आइये इसे भी आसान भाषा में विस्तार से समझते है:-
प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए आवश्यक दस्तावेज़
- पहचान और पते का प्रमाण (Identity and Address Proof): यह दस्तावेज़ यह साबित करता है कि संपत्ति को ट्रांसफर करने वाला और प्राप्त करने वाला व्यक्ति कौन है। इसके लिए इन दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस व बिजली या पानी का बिल (पते का प्रमाण के लिए) आदि।
- संपत्ति के स्वामित्व के दस्तावेज़ (Property Ownership Documents): यह दस्तावेज़ यह साबित करते हैं कि संपत्ति का असली मालिक कौन है और वह इस संपत्ति को ट्रांसफर करने का अधिकार रखता है।
- इसमें सेल डीड (Sale Deed): संपत्ति की खरीदारी का असली दस्तावेज़।
- जमीनी दस्तावेज़ (Land Records): संपत्ति की स्थिति और स्वामित्व का रिकॉर्ड।
- प्रॉपर्टी टैक्स रसीद: संपत्ति पर लगाए गए सभी टैक्स का भुगतान।
- निर्माण अनुमति (Building Plan Approval): अगर संपत्ति पर कोई निर्माण हुआ है। इन सभी दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है।
- वसीयत या उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Will or Succession Certificate) यदि प्रॉपर्टी वसीयत के आधार पर ट्रांसफर हो रही है, तो वसीयत की प्रति (Copy) होना भी आवश्यक है। वसीयत न होने पर उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) आवश्यक होता है।
- एनओसी (No Objection Certificate): एनओसी यह साबित करती है कि संपत्ति पर कोई कानूनी विवाद नहीं है। यह आमतौर पर नगर निगम (Municipal Council) से प्राप्त की जाती है।
- स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क के प्रमाण (Stamp Duty and Registration Fee Receipts): संपत्ति ट्रांसफर के लिए दी गई स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क (Registration Fees) की रसीद भी जरुरी होती है।
- बैंक से संबंधित दस्तावेज़ (Bank Documents): यदि प्रॉपर्टी पर कोई लोन है, तो बैंक से नो-ड्यूज सर्टिफिकेट (NOC ) लेना जरुरी होता है।
संपत्ति के ट्रांसफर में गवाहों की जानकारी
प्रॉपर्टी ट्रांसफर की कानूनी प्रक्रिया में और भविष्य में किसी भी कानूनी विवाद (Legal Dispute) से बचने के लिए गवाह (Witness) बहुत ही जरुरी होते हैं। आइये गवाहों से संबंधित जानकारी को विस्तार से जानते है।
गवाहों के लिए आवश्यक पात्रता (Eligibility)
- आमतौर पर, प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए दो गवाह आवश्यक होते हैं।
- गवाह 18 वर्ष से अधिक उम्र के होना चाहिए।
- गवाह के पास पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या पैन कार्ड होना चाहिए।
ब्लड रिलेशन में प्रॉपर्टी ट्रांसफर कैसे करें?
ब्लड रिलेशन में प्रॉपर्टी ट्रांसफर करना एक आसान और कम खर्चे वाली प्रक्रिया होती है, क्योंकि इसमें गिफ्ट डीड (Gift Deed) या वसीयत (Will) जैसी प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह प्रक्रिया उन रिश्तेदारों के लिए है जो आपके परिवार के करीबी सदस्य हैं, जैसे माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी, या बच्चे।
ब्लड रिलेशन में प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने के लिए दो मुख्य तरीके हैं:
- गिफ्ट डीड (Gift Deed):- यह सबसे सरल और तेजी से पूरी होने वाली प्रक्रिया है। इसमें प्रॉपर्टी को एक गिफ्ट डीड नाम के एक कानूनी दस्तावेज के द्वारा किसी रिश्तेदार को दिया जाता है।
- वसीयत (Will):- वसीयत के माध्यम से प्रॉपर्टी को अपने परिवार के सदस्य को दिया जा सकता है। वसीयत के अनुसार संपत्ति के मालिक की मृत्यु के बाद उसके परिवार वालों को सारी प्रोपर्टी दे दी जाती है।
ब्लड रिलेशन में प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने पर स्टाम्प ड्यूटी में क्या छूट मिलती है?
स्टाम्प ड्यूटी में छूट: कई राज्यों में ब्लड रिलेशन में प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए स्टाम्प ड्यूटी में 50% तक या पूरी तरह भी छूट दी जाती है।
उदाहरण के लिए, दिल्ली और हरियाणा में पिता से पुत्र या पुत्री को संपत्ति ट्रांसफर पर बहुत ही कम फीस लागू होती है।
छूट पाने के लिए आवश्यक दस्तावेज:
- रिश्ते का प्रमाण (जैसे जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, या पारिवारिक प्रमाण पत्र)।
- संपत्ति से जुड़े सभी उपयोगी दस्तावेज।
- मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि उत्तराधिकार प्रमाण पत्र की आवश्यकता हो)।
पिता की मृत्यु के बाद प्रॉपर्टी ट्रांसफर की प्रक्रिया कैसे की जाती है?
पिता की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति का ट्रांसफर करना भी एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया वसीयत (Will) के होने या वसीयत के ना होने पर अलग-अलग हो सकती है। आइये इस प्रक्रिया को विस्तार से समझते है:
1. पिता की मृत्यु के बाद प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए जरूरी दस्तावेज
प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जैसे:
- मृत्यु प्रमाण पत्र
- पिता की संपत्ति के सभी दस्तावेज
- परिवार के सदस्यों की पहचान और निवास प्रमाण पत्र।
- उत्तराधिकार प्रमाण पत्र या वसीयत (यदि उपलब्ध हो)।
2. उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate)
उत्तराधिकार प्रमाण पत्र एक कानूनी दस्तावेज है जो यह साबित करता है कि संपत्ति पर अधिकार के लिए कोई व्यक्ति उस संपत्ति का उत्तराधिकारी (Heir) है। इसे जिला कोर्ट (District Court) द्वारा जारी किया जाता है।
3. वसीयत के साथ प्रॉपर्टी ट्रांसफर की प्रक्रिया
वसीयत (Will) एक कानूनी दस्तावेज है जिसमें कोई व्यक्ति अपने मरने से पहले ही यह लिख देता है कि उसकी मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति किसको व कितनी मिलेगी।
वसीयत के साथ प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए वसीयत के सही होने की जाँच कोर्ट से कराएं। इसके बाद कोर्ट वसीयत के वैध होने की जांच करता है और वसीयत में जिस व्यक्ति का नाम लिखा होता है उसके नाम पर संपत्ति के ट्रांसफर के लिए आदेश जारी करता है।
4. बिना वसीयत के प्रॉपर्टी ट्रांसफर
यदि मरने वाले व्यक्ति ने कोई वसीयत नहीं बनाई है, तो संपत्ति का वितरण भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 (Indian Succession Act, 1925) के अनुसार होगा। हिंदू परिवारों में, संपत्ति का बंटवारा हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम (Hindu Succession Act) के तहत होता है, लेकिन मुसलमानों और अन्य धर्मों के लिए अलग-अलग उत्तराधिकार नियम होते हैं।
बिना वसीयत के प्रॉपर्टी ट्रांसफर की प्रक्रिया:
इस प्रक्रिया में सबसे पहले वारिसों (Heirs) की पहचान की जाती है। इसमें माता, पत्नी, बच्चे और अन्य करीबी रिश्तेदार शामिल हो सकते हैं। इसके बाद कोर्ट से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्राप्त करके स्थानीय भूमि रिकॉर्ड कार्यालय (Land Record Office) में आवेदन करना होता है। इसके साथ ही सभी आवश्यक दस्तावेज भी जमा करवाने होते है, जैसे मृत्यु प्रमाण पत्र, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, और पहचान पत्र। यदि संपत्ति कई वारिसों के बीच बांटी जानी है, तो आपसी सहमति (Mutual Consent) से बंटवारे के लिए बातचीत करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
संपत्ति ट्रांसफर क्या है?
संपत्ति ट्रांसफर का मतलब है किसी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को संपत्ति का मालिकाना हक देना।
क्या बिना वसीयत के संपत्ति ट्रांसफर की जा सकती है?
हां, बिना वसीयत के भी संपत्ति ट्रांसफर की जा सकती है। ऐसी स्थिति में, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) की जरूरत होती है, जो अदालत द्वारा दिया जाता है।
क्या प्रॉपर्टी ट्रांसफर के बाद मालिक को बदलने के लिए पंजीकरण की आवश्यकता होती है?
हां, प्रॉपर्टी ट्रांसफर के बाद नए मालिक का नाम पंजीकरण में अपडेट कराना जरूरी है। यह प्रक्रिया स्थानीय रजिस्ट्री ऑफिस में की जाती है।
नामांतरण और प्रॉपर्टी ट्रांसफर में क्या अंतर है?
प्रॉपर्टी ट्रांसफर मालिक बदलने की पूरी प्रक्रिया है, जबकि नामांतरण (Mutation) सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड में नाम बदलना है जो ट्रांसफर के बाद होता है।
क्या ब्लड रिलेशन में प्रॉपर्टी ट्रांसफर आसान है?
हाँ, ब्लड रिलेशन में गिफ्ट डीड (Gift Deed) के जरिए ट्रांसफर करना आसान और सस्ता होता है। कई राज्यों में स्टैंप ड्यूटी (Stamp Duty) कम लगती है।