Mere pia ji char bhai he nke name par apne bhaiyn se kch khei jayada hi ab mere pia ji ke bhai ke
सवाल
उत्तर (2)
यदि आपके पिताजी ने यह अर्जित की है यानी स्वयं कमाई है और यह आपके भाई ने रजिस्टर्ड वसीयत के माध्यम से स्वयं को की है तो यह लीगल है परंतु यदि यह वसीयत रजिस्ट्रार के यहां रजिस्टर्ड द्वारा नहीं है आप खिलाफ न्यायालय में मुकदमा कर तैयार कर सकते हैं इसके अलावा आपके पिताजी की जो संपत्ति उन्हें उनके पिताजी से मिली है इसमें आप सभी हिस्सेदार हो
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प्रॉपर्टी कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- पड़ोसीने मेरी जमीन के कुछ हिस्से पर कब्जा कर लिया है मेरी जमीन के हिस्से को अपनी जमीन में मिला लिया है।मेरी दादी का देहांत हो चुका है। मेरी दादी के तीन बेटे हैं। दादी की जमीन का अभी तक विधिवत बंटवारा नहीं हुआ है। परिवार के लोग जमीन का बंटवारा करने से मना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि पहले पड़ोसी से जमीन खाली करवाओ, उसके बाद तुम्हें तुम्हारा हिस्सा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पड़ोसी द्वारा जमीन के कुछ हिस्से पर कब्जा किए जाने की भी समस्या है। इस कारण मुझे अपने वैधानिक हिस्से के संबंध में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- सर मै यशोदा देवी ग्राम duruwa थाना लातेहार जिला लातेहार के निवास हूँ. मै पिछले 50 वर्षो यहां पर निवास करते आ रही हूँ. इस जमीन का खाता नम्बर 42 और प्लाट 379/1 हैँ. जिसके एड्रेस पता मेरे पास 1981 मे निर्गत पेशन प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, पासबुक, आवसीय प्रमाण पत्र, सहित अनेक दस्तावेज हैँ. पर नगर पंचायत द्वारा अचानक ठेकेदारों के माध्यम से मेरे घर के चारो ओर चाहरदी वारी कर दिया. और मुझे यहाँ से हटाने का लगातार प्रयास किया जा रहा हैँ. क्या मेरा कोई कानूनी अधिकार हैँ जल्द बताने की कृपा की जाये. धन्यवाद
- मेरे पिताजी को 52 साल पहले एक वासी है मेरे पाटीदार ने की थी और उसे वसीयत 20 साल मुकदमा चला और 20 साल मुकदमा के चलने के बाद एक बार तहसीलदार से डिग्री हुई दूसरी बार एसडीएम क्या डिग्री हुई तीसरी बार कमिश्नर के यहां विरोधी ने निगरानी दायर किया और अब जब निगरानी में मुकदमा फिर पुणे तहसीलदार को वापस आया वहां पर फिर हमारे डिग्री हुई और अब वसीयत करता के बहन के लड़की के लड़के ने धारा 34 दायर कर दिया तो हमारा क्या स्टैंड होना चाहिए
- सेवा में, *श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय,* *पुलिस कमिश्नरेट, अयोध्या,* *उत्तर प्रदेश।* *विषय: गरीब मजदूर के साथ वीज़ा के नाम पर ₹70,000/- की ऑनलाइन / ऑफलाइन ठगी - FIR दर्ज करने हेतु प्रार्थना।* *मान्यवर,* सादर प्रणाम। मैं *सत्येन्द्र कुमार पुत्र बाबूलाल, निवासी: ग्राम - कोटवा, पोस्ट - इनायतनगर, जनपद - अयोध्या* का निवासी हूँ। *महोदय, मैं गांव में मजदूरी करता हूँ, रोज कमाता-खाता हूँ।* अपने परिवार की गरीबी दूर करने के लिए मैं विदेश में मजदूरी करने जाना चाहता था। इसी उम्मीद में मेरी मुलाकात *Dream Success Consultant, SCO No. 115, फेज़-7, मोहाली, पंजाब* के लोगों से हुई। उन्होंने कहा 30 दिन में वीज़ा लगवा देंगे। मैंने उन पर भरोसा कर लिया और दिन-रात मजदूरी करके व कर्ज लेकर कुल *₹70,000/-* रुपये बड़ी मुश्किल से जुटाए और उन्हें दे दिए - - ₹27,000/- अनमोल कुमार के खाते में - ₹3,000/- अरुण पाल सिंह के खाते में - ₹40,000/- नकद उन्होंने *10/08/2026 को शपथ-पत्र* भी दिया था कि काम न हुआ तो पैसा वापस कर देंगे। महोदय, 30 दिन की अवधि *09/09/2026* को खत्म हो गई। न तो मेरा वीज़ा लगा