Sbse मेरी इंटरकास्ट कास्ट कोर्ट मैरेज आप


सवाल

Sbse पहले मेरी इंटरकास्ट कास्ट कोर्ट मैरेज हुई जिसमें कि आपको पता होगा कि घरवाले खिलाफ रहते है दोनों के चलो शादी हुई और 6 महीने तक मेरे परिवार के साथ रही फिर लड़की ने बोला मुझे नहीं रहना है इस रिश्ते में ओर मुझे जाना है मायके लेकिन वो वहां 5 महीने रही ओर फिर उसने मुझे बोला समझौता करते है साथ रहते है मान गया में इस बीच मेरा हमारा कोर्ट केस भी चल रहा था जो कि 15 जुलाई की डेट को समझौता हुआ ओर मेरे परिवार के रहने लग गई लेकिन वो न इस बार मेरी मां बाप की इज्जत करने को तैयार न मेरी परिवार में अपनी मर्जी से रह रही है लेकिन में ऐसा नहीं रह सकता हु जिंदगी भर मुझे कुछ सोल्यूशन दो

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आपकी स्थिति अत्यंत पीड़ादायक और उलझन भरी है। आपने बहुत धैर्य दिखाया है, परंतु अब समय आ गया है कि आप अपनी मानसिक शांति और सम्मान को प्राथमिकता दें। कानून की दृष्टि से, आपका विवाह और आपके द्वारा किया गया समझौता कानूनी रूप से मान्य है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको अनादर और मनमानी सहन करनी पड़ेगी।

सबसे पहले, आपको यह समझना होगा कि कोर्ट में जो समझौता हुआ है, वह मात्र एक कानूनी प्रक्रिया है, यह आपके जीवन की गुलामी नहीं है। अदालत ने समझौते के तहत पति-पत्नी के रिश्ते को बहाल किया है, लेकिन यदि पत्नी आपके माता-पिता का सम्मान नहीं कर रही है और अपनी मर्जी से चल रही है, तो यह वैवाहिक कर्तव्यों और सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। आप इस स्थिति में जीवन भर नहीं रह सकते।

अब आपको कुछ ठोस कदम उठाने होंगे। सबसे पहले, इस समस्या को अपने परिवार के सदस्यों से खुलकर बताएं और उनका सहयोग लें। फिर, आपको उस समझौते को कोर्ट में चुनौती देनी होगी क्योंकि शर्तों का पालन नहीं हो रहा है। आप अपने वकील के माध्यम से कोर्ट को बताएं कि पत्नी समझौते की शर्तें (सम्मानपूर्वक रहना) नहीं निभा रही है, इसलिए वह समझौता खारिज होना चाहिए। इसके साथ ही, तलाक के लिए एक नया मुकदमा दायर करें, जिसमें आप क्रूरता और मानसिक प्रताड़ना का आधार दें।

इस बीच, यदि पत्नी आपको या आपके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करती है, तो आप पुलिस या महिला आयोग में शिकायत करने के बजाय, पारिवारिक न्यायालय में सुरक्षा और सहायता के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। यह भी ध्यान रखें कि आपको अपने माता-पिता की इज्जत के लिए खड़े होना ही होगा। आपकी पत्नी का व्यवहार इस रिश्ते को बचाने के बजाय तोड़ने का काम कर रहा है। यदि आप आपसी सहमति से तलाक के लिए राजी होते हैं, तो यह प्रक्रिया सरल हो सकती है, अन्यथा आपको कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। अपने अधिकारों के लिए दृढ़ रहें, कोर्ट न्याय करेगा।


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