Mere pai bah gandi gandi gaaliya dee hai ar kabhi hah bhi ha dee hai Bachchn ke samne bhi Bachchn se


सवाल

Mere pati bahut gandi gandi gaaliya dete hai aur kabhi hath bhi utha dete hai. Bachchon ke samne bhi. Bachchon se shrab ki bottle aur pani mangte hai. Mai mentally depressed hoti ja rhi hoon. Unke bhaiyon ne bhi un par gaali glaoch aur maarpit ka case kiya tha jiske liye vo jail bhi ja chuke hai par koi asar nhi hua mai ab unse alag rehna chahti hu mai kya kroon

उत्तर (3)


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आप अपने पति की गाली-गलौच और मारपीट से परेशान हैं, तो आप घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के तहत कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं। आप महिला संरक्षण अधिकारी के माध्यम से शिकायत दर्ज करवा सकती हैं तथा घरेलू हिंसा से संरक्षण, अलग रहने की व्यवस्था, भरण-पोषण और बच्चों की कस्टडी के लिए न्यायालय में आवेदन कर सकती हैं। पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवा सकती हैं। यदि आपको या बच्चों को खतरा है, तो पहले सुरक्षित स्थान पर जाएं और 112 या महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क करें। आप जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मुफ्त कानूनी सहायता भी प्राप्त कर सकती हैं। अपने पति की हिंसा सहना आपकी मजबूरी नहीं है। आप चाहें तो मुझसे संपर्क कर सकती हैं, मैं आपको अलग रहने और बच्चों की सुरक्षा के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया बता सकता हूं।

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दीदी, आपकी स्थिति बहुत गंभीर और परेशान करने वाली है। आपका मानसिक रूप से टूटना बिल्कुल स्वाभाविक है क्योंकि आप घर में गाली-गलौज और मारपीट सह रही हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह सब बच्चों के सामने होता है और वे बच्चों से शराब मंगवाते हैं, जो बिल्कुल गलत है। उनके भाइयों ने पहले मुकदमा किया था और वे जेल भी जा चुके हैं, फिर भी उनमें कोई सुधार नहीं आया। यह दिखाता है कि उनका व्यवहार बदलना मुश्किल है। आपका उनसे अलग रहने का फैसला बिल्कुल सही है, क्योंकि आपको और आपके बच्चों को सुरक्षा की जरूरत है।

सबसे पहले, आपको अपनी और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। अगर कभी वे हाथ उठाएं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें या महिला हेल्पलाइन से मदद मांगें। आपने जो भी दुर्व्यवहार सहा है, उसके सबूत जैसे मेडिकल रिपोर्ट, संदेश या गवाहों की जानकारी इकट्ठा करके रखें। किसी अच्छे वकील से सलाह लें। आप घरेलू हिंसा कानून के तहत सुरक्षा आदेश, भरण-पोषण और बच्चों की कस्टडी के लिए आवेदन कर सकती हैं। उनका जेल जाने का रिकॉर्ड आपके पक्ष को मजबूत बनाएगा। अलग रहने के लिए किसी भरोसेमंद परिवार के सदस्य या महिला आश्रय गृह से संपर्क करें। आप मानसिक रूप से मजबूत रहें और बच्चों को भी सुरक्षित रखें। अकेले मत लड़िए, मदद जरूर लें।


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