ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड होने पर क्या करे? साइबर धोखधड़ी शिकायत, पैसे वापसी और बचाव
आजकल ऑनलाइन खरीदारी करना बहुत ही आम बात हो गई है। लोग घर बैठे ही मोबाइल से कपड़े, मोबाइल और घर का सामान खरीद लेते हैं। लेकिन जितनी तेजी से ऑनलाइन खरीदारी बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से धोखाधड़ी (Fraud) के मामले भी सामने आ रहे हैं। कभी फर्जी वेबसाइट्स पर सस्ते ऑफर्स के झांसे में आकर लोग अपने पैसे गंवा देते हैं, तो कभी ऑर्डर किया गया सामान मिलता ही नहीं या नकली/घटिया प्रोडक्ट भेज दिया जाता है। ऐसे में हर व्यक्ति को इस धोखाधड़ी के बारे में जानना व समझना बहुत जरूरी है। आज के लेख में हम आप सभी को इस विषय पर विस्तार से जानकारी देंगे, जैसे कि ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड क्या होता है, इसे कैसे पहचाने? ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर क्या करे - शिकायत और कानूनी विकल्प? Flipkart और Amazon से पैसे वापस (Refund) कैसे लें?
विषयसूची
ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड क्या है - यह कैसे होता है?
जब कोई व्यक्ति या कंपनी ऑनलाइन खरीदारी (Online Shopping) के बहाने लोगों से धोखा (Cheating) करती है, तो इसे ऑनलाइन ठगी (Online Fraud) कहा जाता है। इसमें अलग-अलग तरीके से लोगों को धोखा दिया जाता है। आइये ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड के कुछ तरीकों को विस्तार से जानते है:
1. नकली वेबसाइट से ठगी
कुछ लोग असली वेबसाइट की तरह दिखने वाली नकली वेबसाइट (Fake Website) बना लेते हैं। इसके बाद हम जैसे बहुत से लोग कम पैसों में मिलने वाले सामान को देखकर इन पर भरोसा कर लेते हैं और पैसे दे देते हैं, लेकिन जो सामान हम खरीदते है वह कभी हमारे पास नहीं आता।
2. घटिया या नकली सामान भेजना
कई बार लोग ऑनलाइन खरीदारी (Online Shopping) के जरिए महंगे और अच्छे ब्रांड का सामान ऑर्डर करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें घटिया, नकली या इस्तेमाल किया हुआ सामान मिल जाता है।
3. पैसे लेने के बाद सामान न भेजना
कई फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पेज, लोगों से पैसे तो ले लेते हैं, लेकिन बाद में कोई सामान नहीं भेजते और बाद में बात भी नहीं करते।
4. फर्जी ऑफर और डिस्काउंट
ये लोग हमें बेवकूफ बनाने के लिए "बड़ा डिस्काउंट" या "1 खरीदें 1 मुफ्त पाएं" जैसे झूठे ऑफर (Fake Offers) देकर हमारे पैसे धोखाधड़ी से ले लेते है।
5. पर्सनल जानकारी चुराना
कुछ धोखेबाज लोग नकली वेबसाइट के जरिए बैंक डिटेल, डेबिट/क्रेडिट कार्ड नंबर, OTP और पासवर्ड चुरा लेते हैं। इसके बाद वे इन जानकारियों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड के शिकार होने पर क्या करें?
अगर आप ऑनलाइन ठगी (Online Fraud) का शिकार हो गए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। समय रहते सही कदम उठाने से आपका पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। नीचे कुछ जरूरी कदम दिए गए हैं, जिन्हें तुरंत अपनाना चाहिए।
1. तुरंत पेमेंट रोकने की कोशिश करें
अगर आपने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, UPI या नेट बैंकिंग से पेमेंट किया है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें। ऐसे में सबसे पहले ग्राहक सेवा न0 (Customer Care Number) पर फोन करें और की गई ट्रांजैक्शन को रोकने (Dispute Transaction) की Request डालें।
UPI ट्रांजैक्शन के मामले में: जिस ऐप (Paytm, Google Pay, PhonePe) से पेमेंट किया है, उसकी हेल्पलाइन पर शिकायत (Complaint) करें। क्रेडिट कार्ड से पेमेंट किया है तो चार्जबैक (Chargeback) के लिए बैंक से अनुरोध (Request) करें।
2. संबंधित प्लेटफॉर्म पर शिकायत करें
अगर आपने Amazon, Flipkart, Myntra, या किसी और भरोसेमंद वेबसाइट से खरीदारी (Shopping) की थी और आपके साथ धोखा हुआ है, तो उनके कस्टमर केयर से संपर्क करें और शिकायत दर्ज करें। इसके बाद ऑर्डर की पूरी जानकारी और ट्रांजैक्शन ID शेयर करें।
अगर सोशल मीडिया के जरिए कोई धोखाधड़ी हुई है जैसे Facebook, Instagram, तो उस ऐप पर ही शिकायत करें।
3. साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत कॉल करें
साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें और अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। शिकायत दर्ज करवाने के लिए आपको अपने साथ हुए धोखाधड़ी (Fraud) की पूरी जानकारी (पेमेंट डिटेल, वेबसाइट लिंक, मोबाइल नंबर) देनी होगी।
4. साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें
अगर किसी कारण से फोन पर शिकायत दर्ज नहीं हो पाती है, तो आप सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं। यहाँ पर आपको लॉगिन करके अपनी शिकायत दर्ज करनी होगी। इसके बाद आपने जो पेमेंट की है उससे जुड़ा सबूत अपलोड करें जैसे स्क्रीनशॉट, ट्रांजैक्शन ID आदि।
शिकायत दर्ज करने के बाद आपको एक नंबर मिलेगा, जिससे आप शिकायत की स्थिति ट्रैक (Status Track) कर सकते हैं।
5. बैंक या वॉलेट ऐप को सूचित करें
अगर धोखाधड़ी आपके डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, बैंक अकाउंट या डिजिटल वॉलेट (Paytm, Google Pay, PhonePe) से हुई है, तो तुरंत उनकी कस्टमर केयर हेल्पलाइन पर कॉल करें।
UPI से हुए फ्रॉड के लिए NPCI (National Payments Corporation of India) को शिकायत भेजें। अगर बैंक अकाउंट से ठगी हुई है तो बैंक को लिखित शिकायत (Written Complaint) दें और अकाउंट ब्लॉक करने को कहें।
6. पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं
अगर ठगी की राशि बहुत ज्यादा है, तो बिना देर करें अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं। FIR दर्ज करवाने के लिए पेमेंट प्रूफ, मैसेज, कॉल रिकॉर्डिंग, ईमेल आदि का सबूत रखें।
फ्लिपकार्ट और अमेज़न पर फ्रॉड होने पर पैसे वापस (रिफंड) कैसे लें?
अगर आपने Flipkart या Amazon से कोई सामान खरीदा है और वह खराब निकला, आपके पास नहीं पहुँचा, या गलत सामान भेज दिया गया है, तो आप पैसे वापस (Refund) या नया प्रोडक्ट (Replacement) ले सकते हैं। हमारे द्वारा आपकी सहायता के लिए नीचे पूरी प्रक्रिया दी गई है ताकि आप आसानी से अपने पैसे वापस पा सकें।
Step 1: उस ऐप या वेबसाइट को खोले जिससे आपके साथ धोखाधड़ी हुई है।
सबसे पहले आपको अपने फोन में Flipkart या Amazon की ऐप या वेबसाइट को खोलें। यानि इन दोनों में से जिस भी ऐप से आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, उसको खोले।
इसके बाद ऊपर दाईं तरफ दिए गए तीन लाइनों वाले मेनू पर क्लिक करें, और मेरे ऑर्डर (My Orders’) के Option पर क्लिक करें।
Step 2: जिस ऑर्डर का रिफंड चाहिए, उसे चुनें
अब आपके सभी ऑर्डर दिखेंगे। जिस प्रोडक्ट में समस्या है, उसे चुनें और नीचे दिए गए ‘Return’ (रिटर्न) बटन पर क्लिक करें।
Step 3: रिटर्न या रिप्लेसमेंट का कारण चुनें
अब एक पेज खुलेगा, जहां आपको बताना होगा कि आप पैसे वापस (Refund) चाहते हैं या नया सामान (Replacement)। इसके बाद आगे दिए गए Option में अपनी समस्या का कारण चुनें, जैसे -
- गलत प्रोडक्ट आया
- खराब/टूटा हुआ प्रोडक्ट
- साइज फिट नहीं है
- प्रोडक्ट की क्वालिटी खराब है
किसी एक समस्या को चुनने के बाद अब ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।
Step 4: सामान वापिस लेना और जांच
अगर आपका रिटर्न मंजूर (Approved) हो जाता है, तो डिलीवरी टीम 2-3 दिन में प्रोडक्ट लेने आएगी। कुछ मामलों में डिलीवरी बॉय पैकेट खोलकर जांच करेगा कि वास्तव में प्रोडक्ट खराब है या नहीं।
Step 5: रिफंड कैसे मिलेगा?
अगर आपने ऑनलाइन पेमेंट किया था, तो 3 से 7 दिन में पैसा उसी अकाउंट में वापस आ जाएगा। अगर आपने कैश ऑन डिलीवरी (COD) से खरीदा था तो पैसा उस ऐप की वॉलेट में आएगा जिसे आप बाद में अपने बैंक के खाते (Bank Account) में भी ट्रांसफर कर सकते हैं।
धोखाधड़ी होने पर बैंक से पैसे वापस कैसे लें?
अगर आपने कोई गलत पेमेंट कि है, या किसी फ्रॉड का शिकार हो गए हैं, या आपके अकाउंट से बिना अनुमति पैसे कट गए हैं, तो चार्जबैक प्रक्रिया के जरिए आप अपने पैसे वापस पा सकते हैं।
चार्जबैक क्या है?
चार्जबैक एक बैंकिंग प्रक्रिया है, जिसमें ग्राहक गलत या अनधिकृत ट्रांजैक्शन (Incorrect or unauthorized transactions) की शिकायत करके अपने पैसे वापस मांग सकता है। यह सुविधा डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, UPI और ऑनलाइन पेमेंट्स के लिए होती है।
चार्जबैक के लिए आवेदन कैसे करें?
Step 1: तुरंत बैंक को सूचित करें
अगर आपके अकाउंट से गलत ट्रांजैक्शन हुआ है, तो तुरंत अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें या नजदीकी बैंक ब्रांच में जाएं।
इसके बाद बैंक को यह सभी जानकारी दें -
- ट्रांजैक्शन की तारीख और समय
- ट्रांजैक्शन की राशि (Transaction Amount)
- ट्रांजैक्शन Id (अगर उपलब्ध हो)
बैंक की हेल्पलाइन नंबर:
- SBI: 1800-1234
- HDFC Bank: 1800-202-6161
- ICICI Bank: 1800-120-7777
- Axis Bank: 1800-103-5577
- Paytm Payments Bank: 1555
- Google Pay: 1800-419-0157
- PhonePe: 080-68727374
Step 2: चार्जबैक के लिए शिकायत दर्ज करें
- सबसे पहले बैंक ब्रांच जाएं या नेट बैंकिंग/मोबाइल बैंकिंग ऐप में ‘डिस्प्यूट ट्रांजैक्शन’ का ऑप्शन देखें।
- इसके बाद बैंक को लिखित शिकायत दें और चार्जबैक के लिए अनुरोध (Request) करें।
- अगर ट्रांजैक्शन UPI से हुआ है, तो NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के पास शिकायत दर्ज करें।
NPCI पर शिकायत करने के लिए:
- www.npci.org.in पर जाएं
- ‘Dispute Redressal Mechanism’ सेक्शन में जाएं
- UPI ट्रांजैक्शन आईडी डालें और शिकायत करें
Step 3: बैंक की जांच और चार्जबैक प्रोसेस
बैंक आपकी शिकायत की जांच करेगा और ट्रांजैक्शन के मर्चेंट (जहां पैसे गए) से संपर्क करेगा। अगर गलती ग्राहक की नहीं है, तो बैंक मर्चेंट से पैसा वापस मंगवा सकता है। चार्जबैक प्रक्रिया में 7-30 दिन लग सकते हैं, बैंक और ट्रांजैक्शन के प्रकार पर निर्भर करता है।
Step 4: पैसे वापस मिलने की प्रक्रिया
अगर बैंक को लगता है कि आपकी शिकायत सही है, तो आपका पैसा वापस आपके अकाउंट में भेज दिया जाएगा।
किन मामलों में बैंक से पैसा वापस मिल सकता है?
- बिना अनुमति पैसा कट जाए (Unauthorized Transaction)
- गलत अकाउंट में पैसे भेज दिए हों
- UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड से फ्रॉड हुआ हो
- ATM से पैसा नहीं निकला, लेकिन अकाउंट से कट गया
- ऑनलाइन शॉपिंग में पैसा कट गया लेकिन सामान नहीं मिला
- डबल पेमेंट हो गया हो
ऑनलाइन धोखाधड़ी को कैसे पहचानें व इनसे कैसे बचे?
अगर आप ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हैं, तो नीचे दिए गए कुछ बातों के द्वारा आप जान सकते हैं कि आपको ठगा तो नहीं जा रहा है और इनसे कैसे बचे:-
वेबसाइट की जांच करें:
अगर कोई वेबसाइट आपको बहुत कम पैसों में सामान बेच रही है और आपने उसका नाम पहले कभी नहीं सुना है, तो सावधान रहें। ऐसे मामलों में सबसे पहले उस वेबसाइट का पता (URL) देखें। अगर वह "https://" से शुरू नहीं होता है, तो वह सुरक्षित (Safe) नहीं हो सकती है। इसके अलावा वेबसाइट का डिज़ाइन और भाषा अगर अजीब या खराब है, तो वह फर्जी हो सकती है।
भारी छूट से बचें:
अगर कोई वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज आपको 70-80% तक की भारी छूट (Discount) दे रहा है, तो सावधान हो जाएं। धोखेबाज लोग कम कीमत का लालच देकर ही लोगों को फंसाते हैं।
भुगतान (Payment) करते समय सावधानी बरतें:
अगर कोई वेबसाइट सिर्फ ऑनलाइन भुगतान (Online) मांग रही है और Cash on Delivery का Option नहीं दे रही है, तो सावधान रहें। इसके अलावा अगर कोई वेबसाइट किसी अनजान ऐप या वॉलेट से भुगतान (Payment) करने के लिए कह रही है, तो पहले उसकी जांच जरुर करें।
फर्जी कस्टमर केयर और फीडबैक
धोखेबाज लोग नकली कस्टमर केयर नंबर डालते हैं। जिसमें अगर आपको कोई जवाब नहीं मिलता है, तो यह Fraud हो सकता है। इसके अलावा अगर किसी वेबसाइट पर सिर्फ अच्छे रिव्यू दिख रहे हैं और कोई भी बुरा रिव्यू नहीं है, तो भी वह नकली हो सकते हैं।
सोशल मीडिया के द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी
इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सऐप पर आजकल कई नकली पेज (Fake Page) बनाए गए होते हैं जो कम पैसों में कीमती सामान बेचने का दावा (Claim) करते हैं। इन पेजों से खरीदारी करने से पहले उनकी अच्छी तरह से जांच करें।
निष्कर्ष:- ऑनलाइन शॉपिंग जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही जोखिम भरी भी हो सकती है। ऐसे में सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है। अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड का शिकार हो गए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर सही कदम उठाने से आप अपने पैसे वापस पा सकते हैं और कानूनी कार्रवाई भी कर सकते हैं।
अगर आपको ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड के मामले में किसी भी कानूनी सलाह या सहायता की जरूरत है, तो आप घर बैठे नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके हमारे अनुभवी और काबिल वकीलों से बात करके सही कानूनी समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बैंक से पैसे वापस लिए जा सकते हैं?
हाँ, अगर आपने डेबिट/क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया है, तो आप बैंक में 'चार्जबैक' (Chargeback) का अनुरोध कर सकते हैं। इसके लिए 24-48 घंटे के अंदर बैंक से संपर्क करना जरूरी है।
अमेज़न और फ्लिपकार्ट से पैसे वापस कैसे लें?
ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड होने पर कितने दिनों में शिकायत करें?
जितनी जल्दी हो सके शिकायत करें। बैंक में चार्जबैक के लिए 30 से 120 दिनों का समय होता है, लेकिन साइबर क्राइम (1930) और उपभोक्ता फोरम में शिकायत तुरंत करना बेहतर होता है।
बैंक से चार्जबैक (पैसे वापसी) कितने दिनों में मिलता है?
चार्जबैक प्रक्रिया में 7 से 90 दिन लग सकते हैं, यह बैंक और ट्रांजैक्शन के प्रकार पर निर्भर करता है। क्रेडिट कार्ड से भुगतान किए गए मामलों में चार्जबैक जल्दी मिल सकता है।