Mai hind pariwar se h hm ak hind ladki se sirf crmarriage kiye hai 2017 me ladki ke maa bli ki ab sa
सवाल
उत्तर (2)
जब आप लोगों ने विवाह किया 2017 में तब यदि आप दोनों लोग वयस्क थे और विवाह पूर्णता दोनों की मर्जी से हुआ था तब आप लोगों को अलग नहीं किया जा सकता यदि आप की पत्नी बिना अपनी मर्जी के विवाह करी थी तू आप उसे साथ रहने के लिए बाध्य नहीं कर सकते इस स्थिति में यदि विवाह पूर्णता वैधानिक था तथा वयस्क लोगों के बीच बिना किसी प्रतिबंधित संबंधों के था तब ससुराल पक्ष वाले आपकी पत्नी को आपके पास नहीं भेज रहे हैं तब आपके पास उपचार है कि आप हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल करें जिससे की पत्नी को न्यायालय अपने सामने उपस्थित करा कर संपूर्ण स्थिति पर विचार कर सके तथा यदि आपकी पत्नी वयस्क है और आप के पास आना चाहती है तो आपके के पक्ष में आदेश पारित कर शक्ति है
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- हेलो यदि कोर्ट सुप्रीम कोर्ट अगर किसी भारतीय मामले में कंपटीशनर को ही लाभ दे और बाकी बचे जो नाम पेटीशनर है उनके लिए कोई भी रास्ता ना छोड़े जैसे की कोई भी नया दवा नहीं लिया जाएगा या नया केस भी रजिस्टर नहीं किया जाएगा सुप्रीम कोर्ट में या हाई कोर्ट में कहीं भी तो इस स्थिति में हम क्या कर सकते हैं कहां जा सकते हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट भी अगर नया दवा हम नहीं लगा और हाई कोर्ट भी नया दवा नहीं लगा और केवल कृष्ण को लाभ दिया जाएगा बाकी नॉन पेटीशनर को नहीं दिया जा रहा है तो नाम एडिशनल को क्या करना चाहिए
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- मुझे बिहार के गोपालगंज इलाके में अच्छे वकील की तलाश है कृपया मुझे उसे वकील का नाम बता सकते हैं और उनका एड्रेस या मोबाइल नंबर दे सकते हैं अगर दे सकते हैं तो कृपया मुझे देने की कृपा करें धन्यवाद और कुछ भी गोपालगंज कोर्ट केस की बात बारे में जानकारी दे सकते हैं वह भी दीजिए
- एक बहू जिसका बच्चा पैरालाइज है क की शिकायत है और जब से वह बच्चा हुआ तब से वह अपने पति से लड़के बार-बार मायके चली जाती है जिसकी वजह से जो बुद्धि स है उसको बच्चों की देखभाल करनी पड़ती है और ऐसा कई बड़ी हो चुका है और बहू हमेशा इन सब बातों को लेकर लड़की रहती है और इसकी वजह से साथ बहुत परेशान है