Jaise ki mera en gha Mein kaisa hai 420 120 bi 406 ar ismein hamara highcr se Dale h chka hai paran


सवाल

Jaise ki mera tenu ghat Mein kaisa hai 420 120 bi 406 aur ismein hamara highcourt se Dale ho chuka hai parantu 3 tarikh Mein hajir nahin hone ke Karan Dil Tut Gaya jabki hamare vakil sahab ka kahana hai ki main har tarikh ko aapke taraf se hajar hajri lagaya hun uske bad bhi Dil Tut Gaya ab mujhe bhi lena hai to uske liye unka kahana kya aapko cylinder karna padega aur ho sakta hai ki aapko ismein custody bhi ho jaaye BEL ki guarantee nahin hai kyunki do ek do din aapko andar rahana pad sakta hai to ismein main Kya karun

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जैसे कि आपने वर्णन किया है, उससे यह पता चलता है कि आप पर संगीन धाराएं लगाई गई है, सेक्शन 120 बी क्रिमिनल कौनस्पीरेसी है, सेक्शन 406 क्रिमिनल ब्रीच आफ ट्रस्ट है , सेक्शन 420 चीटिंग अथवा ठगी है, आप पर इन सभी धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है, इसी को मद्देनजर रखते हुए, आप लोगों ने एंटीसिपेटरी बैल के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली होगी, हालांकि आपकी एंटीसिपेटरी बेल हाई कोर्ट से रिजेक्ट अथवा खारिज हो गई होगी. आपके वकील का यह कहना कि वह तो 3 तारीख को कोर्ट में हाजिर रहा परंतु फिर भी निराशा ही हाथ लगी, इसका मतलब यह है कि आपके वकील ने प्रयास तो बहुत किए होंगे, परंतु सामने वाले वकील ने यह दलीलें रखी होगी कि अगर आप छूट जाएंगे तो चश्मदीदों के साथ एवं गवाहों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं, उन्हें बहला-फुसलाकर अपने पक्ष में कर सकते हैं, या आप अगर बेल पाने में कामयाब हो जाते है तो आप कानून के दायरे से बचते हुए भाग निकलेंगे और कई अन्य आधारों पर, इन बातों को मद्देनजर रखते हुए आप की बेल खारिज हो जाए, इसलिए आप की बेल खारिज हो गई.
आपका यह कहना कि अगर आप सभी दिन सुनवाई हो में हाजिर रहते तो शायद जैसा कि आप के वकील ने कहा आप आज रिहा होते,आप को बेल मिल जाती, यह सब दकियानूसी बातें हैं, क्योंकि कानून के मुताबिक, जब भी आप कोर्ट में एंटीसिपेटरी बेल के लिए गुहार करते हैं, तो वह याचिका को वकील के द्वारा ही लगानी होती है कोर्ट में, ना कि स्वयं हाजिर होना होता है कोर्ट में, क्योंकि स्वयं के हाजिर होने पर, उस व्यक्ति की फौरन गिरफ्तारी हो जाती है. हालांकि आपके वकील का अब यह कहना बिल्कुल सही है कि आपका सरेंडर करना होगा और तुरंत ही आपको ले जाया जाएगा और स्टडी की कोर्ट से दरख्वास्त की जाएगी. इसलिए आपके लिए बेहतर यही होगा कि आप सुप्रीम कोर्ट से अदवा हाईकोर्ट से फिर से आपको बेल दी जाए इसके लिए एंटीसिपेटरी बेल पिटिशन डालके गुहार लगाइए.


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