सर मैं दीनानाथ मथुरा निवासी हूंमेरे न


सवाल

सर मैं दीनानाथ मथुरा का निवासी हूं,मेरे नाम से एक वसीयत है,हमारे साथ एक ताऊजी रहते थे जिनकी देखभाल मैं कर्ता था जो कि जाती से कोरिया थे उनके नाम एक जमीन पट्टा था उन्होने मेरी सेवा से प्रसन्न होकर वो पट्टा मेरे लिये बसियत कर दिया ,वो ताऊजी का स्वर्गवास हो चुका है कुछ साल बाद हम एक लिखिया से तहसील मैं मिले तो वह कहता है की ये वसीयत तुम्हारे नाम नहीं हो सकती ओर 8000रु भी ले लीए है कृपया मुझे सलाह दें ।

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अगर तहसील आपकी पेश की गई वसीयत को नहीं मान रहे हैं तो आप उस वसीयत को प्रोबेशन के लिए डाल सकते हैं . प्रोबेशन के लिए किसी सिविल वकील से मिले जो कि उस वसीयत को प्रोबेट करा कर आपके नाम पर उसकी एग्जीक्यूशन को दायर करेगा .
वसीयत की रजिस्ट्री भी प्रोबेशन के लिए अनिवार्य रहेगी .
वसीयत के रजिस्ट्रेशन और प्रोबेशन के लिए किसी सिविल वकील से तुरंत संपर्क करें .


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