श्रीमान जी प्रणाम हमारे गांव चकबंदी 2001


सवाल

श्रीमान जी प्रणाम हमारे गांव का चकबंदी 2001 में हुआ था जिसमें चकबंदी अधिकारी हमारे गाटा संख्या 64 तथा 65 को चकबंदी फार्म 23 पर एक फर्जी मुकदमा नंबर डाल कर के आदेश पारित किया गया की फर्जी वसीयत वसीयत दिखा करके मेरी जमीन दूसरे के नाम स्थानांतरित कर दी गई जिसकी सूचना में चकबंदी अधिकारी के यहां एक रेस्टोरेशन प्रार्थना पत्र दियाजिस पर उन्होंने कॉल बाधित मानते हुए उस को खारिज कर दिया फिर मैंने उस उसकी अपील बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी के यहां किया उन्होंने भी limitation काल बाधित मानते हुए खारिज कर दी है मैं पुनः उस आदेश का डीडीसी के यहां अपील किया हूं मामला उच्च न्यायालय में लंबित है अधिकारी पैसा लेकर के एक गलत आदेश को कायम रख रहे हैं जबकि मैं रिकॉर्ड रूम में प्रपत्र का मुआयना किया वहां से लिख कर दिया गया है कीइस नंबर नाम अथवा यह मुकदमा नंबर कहीं चलाया ही नहीं गया है मुकदमा नंबर जो फार्म 23पर डाला गया है टोटल फर्जी है ऐसी दशा में मैं क्या करूं कृपया मुझे उचित सलाह देने की कृपा करें क्या मुझे हाई कोर्ट जाना उचित पड़ेगा पूरा स्पष्ट व्याख्या करें

उत्तर (2)


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प्रिय प्रश्न करता सबसे पहले तो आप बिल्कुल चिंता ना करें क्योंकि चिंता करने से किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है आप अपनी पूरी कानूनी परेशानियों को विस्तार पूर्वक मुझे बताएं उसके पश्चात मैं जो भी कानूनी उपाय होगा मैं उसे आपको बताऊंगा ज्यादा जानकारी के लिए आप मुझसे मेरे मोबाइल ईमेल आईडी पर भी संपर्क कर सकते हैं


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