बिहार राज्य सूचना आयोग सिर्फ सूचना दे


सवाल

बिहार राज्य सूचना आयोग द्वारा सिर्फ सूचना देने का आदेश देकर द्वितीय अपील के वाद को बंद कर दिया जाता है। 1 साल तक लगातार बार-बार लोक सूचना पदाधिकारी को मौका दिया जाता है लेकिन कभी किसी लोक सूचना पदाधिकारी पर प्रावधानों के अनुरूप अर्थदंड, कार्रवाई की अनुशंसा व सेवा पुस्तिका में इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं की जाती जिससे बार-बार लोक सूचना पदाधिकारी द्वारा जानबूझकर सूचना देने में टालमटोल और विलंब किया जाता है। इस विषय पर मैंने 20 अप्रैल 2022 को शाम 7:46 पर केंद्रीय सूचना आयोग, राज्य सूचना आयोग, लोकायुक्त पटना, राज्यपाल बिहार, मुख्यमंत्री बिहार को अनुलग्नक संलग्न कर मेल किया कि सिर्फ सूचना देने का आदेश देकर अपील/शिकायत को बंद करना कोर्ट की अवमानना व नियम के खिलाफ है। 27 दिसंबर 2022 को इस विषय पर स्मार पत्र भी ईमेल के माध्यम से भेजा गया है। चंडीगढ़ में पंजाब हरियाणा के उच्च न्यायालय में CWC NO. 17758 का 2014 आदेश दिनांक 19.05.2016 चंद्रकांता बनाम राज्य सूचना आयोग के निर्णय अनुसार लोक सूचना अधिकारी को विलम्ब से सूचना देने पर केवल चेतावनी देकर नहीं छोड़ा जा सकता, विलम्ब से सूचना देने

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यह आपका मामला सूचना राज्य सूचना आयोग का है आपको उन्होंने उस आपको प्रॉपर्टी इन फॉर्म न देकर उसके बाद आपने अपनी केंद्रीय सेंटर इन इंफॉर्मेशन में पर अगर यह नहीं दे रहे हैं तो आप इसकी अपील दोबारा से करिए और आप पर युवक कोर्ट में भी जा सकते हैं दूसरा इसमें सेक्शन 761 ऑफ इंडियन एविडेंस एक्ट में फाइल करते हैं तो इन को सूचना देने का अधिकार बहुत जल्दी मिलता है आपको बहुत जल्दी आपको कॉपी मिल जाती है इसलिए आप उसके द्वारा भी आप कॉपी ले सकते हैं


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