पति की मृत्यु के बाद बच्चे पर किसका अधिकार होगा - माँ का या दादा-दादी का
सवाल
उत्तर (2)
कानूनन, पति की मृत्यु के बाद बच्चे पर सबसे पहला और पूरा अधिकार बच्चे की माँ का होता है। भारत के गार्जियनशिप कानून (Hindu Minority and Guardianship Act) के अनुसार, माता-पिता बच्चे के 'प्राकृतिक संरक्षक' (Natural Guardians) होते हैं। पिता के न रहने पर माँ ही बच्चे की इकलौती कानूनी गार्जियन मानी जाती है।
आपकी स्थिति में यहाँ कुछ ज़रूरी कानूनी बातें दी गई हैं:
1. माँ का पहला हक: जब तक माँ जीवित है और बच्चे की देखभाल करने में सक्षम है, दादा-दादी या कोई भी अन्य रिश्तेदार बच्चे को उसकी माँ से जबरदस्ती नहीं छीन सकता। कोर्ट भी हमेशा बच्चे की भलाई (Welfare of the Child) को देखता है और छोटे बच्चों के मामले में माँ का साथ सबसे सुरक्षित माना जाता है।
2. दहेज और धमकी: यदि दादा-दादी दहेज के बदले बच्चे की मांग कर रहे हैं, तो यह एक गंभीर अपराध है। दहेज मांगना (Dowry Prohibition Act) और बच्चे को जबरन छीनने की धमकी देना, दोनों ही कानूनी रूप से गलत हैं। आप इनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
3. दूसरी शादी और अधिकार: आपने कहा कि आप दूसरी शादी नहीं करना चाहतीं, लेकिन आपको यह जानना चाहिए कि अगर आप भविष्य में शादी करती भी हैं, तब भी बच्चे पर आपका अधिकार खत्म नहीं होता। कानून माँ को पुनर्विवाह के बाद भी बच्चे की कस्टडी रखने की इजाजत देता है।
4. कानूनी कदम:
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पुलिस शिकायत: अगर वे बच्चा छीनने की कोशिश करें, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत (FIR) दर्ज करें।
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कस्टडी केस: आप अदालत में बच्चे की कस्टडी के लिए आवेदन कर सकती हैं ताकि दादा-दादी भविष्य में कोई कानूनी दावा न कर सकें।
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सुरक्षा का आदेश: दहेज की मांग और प्रताड़ना के लिए आप 'घरेलू हिंसा अधिनियम' (Domestic Violence Act) के तहत कोर्ट से अपने और अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए आदेश ले सकती हैं।
मेरी सलाह है कि आप डरे नहीं। कानून पूरी तरह से आपके साथ है। दादा-दादी बच्चे के हकदार तभी हो सकते हैं जब वे कोर्ट में यह साबित कर दें कि माँ बच्चे के लिए खतरा है या वह उसकी देखभाल बिल्कुल नहीं कर सकती, जो कि साबित करना बहुत मुश्किल होता है।
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- नमस्कार, दिवाणी दाव्यामध्ये प्रतिवादीचा सध्याचा पोस्टल पत्ता मिळत नसल्यामुळे कोर्टाची नोटीस/समन्स बजावण्यात अडचण येत आहे. कृपया प्रतिवादीचा पत्ता कायदेशीर मार्गाने शोधण्यासाठी आणि नोटीस/समन्स बजावण्यासाठी योग्य ती कायदेशीर प्रक्रिया करता येईल का, याबाबत मार्गदर्शन करावे. धन्यवाद.
- Namaste sir mera jo case Hai 2015 ka hai yah case close ho gaya hai aur yah jhutha case ka chakkar mein Hai ismein se naam hatwana hai kyunki mujhe clearance certificate banvane mein problem aati Hai application rejected ho jati h
- Sir ji Mera case act ka hai jismein mera bhai fasaya gaya hai usko Saja ho gai hai 25 sal ki usmein criminal appeal karni hai ki jankari chahie Thi iske liye help chahie Thi aapki main bahut Garib aadami hun mujhe aapki help chahie
- मेरा नाम सुरेंद्र कुमार हैं और मेरे पिता जी का नाम श्री नब्बू आदिवासी हैं मेने 3 महीने एक कंपनी में लेवर सप्लाई का काम किया अभी 2 महीने होने जा रहे है ठेकेदार और कंपनी ने पेमेंट नहीं किया है में 2 महीने से बहुत ज्यादा परेशान हु