नकदी में कार खरीदने पर आयकर में उत्पन्न होने वाली समस्याएं
सवाल
उत्तर (2)
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सिविल कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- दिनांक 14-07-2026 सेवा में, विषय: बिना कारण बताए सामाजिक बहिष्कार करने के संबंध में स्पष्टीकरण एवं लिखित जवाब बाबत। महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं विनोद पांडे पिता परमानंद जी पण्डया, ठाकरड़ा आपके ही समाज का एक सम्मानित और नियमबद्ध सदस्य हूँ। अत्यंत खेद और मानसिक पीड़ा के साथ मुझे यह लिखना पड़ रहा है कि पिछले कुछ समय से समाज के कुछ लोगों द्वारा सामूहिक रूप से मेरा और मेरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। समाज के कार्यक्रमों में हमें आमंत्रित न करना, हमसे बातचीत बंद करना और समाज से निष्कासित जैसी स्थिति पैदा करना पूरी तरह से अनुचित और अमानवीय है। मैंने सदैव समाज के नियमों और मर्यादाओं का पालन किया है। इसके बावजूद, मुझे या मेरे परिवार को आज तक इस बहिष्कार का कोई भी ठोस, स्पष्ट या लिखित कारण नहीं बताया गया है। किसी भी व्यक्ति को बिना उसका पक्ष सुने या बिना किसी प्रमाणित आधार के समाज से बाहर करना भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्ल
- दिनांक 14-07-2026 सेवा में, विषय: बिना कारण बताए सामाजिक बहिष्कार करने के संबंध में स्पष्टीकरण एवं लिखित जवाब बाबत। महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं विनोद पांडे पिता परमानंद जी पण्डया, ठाकरड़ा आपके ही समाज का एक सम्मानित और नियमबद्ध सदस्य हूँ। अत्यंत खेद और मानसिक पीड़ा के साथ मुझे यह लिखना पड़ रहा है कि पिछले कुछ समय से समाज के कुछ लोगों द्वारा सामूहिक रूप से मेरा और मेरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। समाज के कार्यक्रमों में हमें आमंत्रित न करना, हमसे बातचीत बंद करना और समाज से निष्कासित जैसी स्थिति पैदा करना पूरी तरह से अनुचित और अमानवीय है। मैंने सदैव समाज के नियमों और मर्यादाओं का पालन किया है। इसके बावजूद, मुझे या मेरे परिवार को आज तक इस बहिष्कार का कोई भी ठोस, स्पष्ट या लिखित कारण नहीं बताया गया है। किसी भी व्यक्ति को बिना उसका पक्ष सुने या बिना किसी प्रमाणित आधार के समाज से बाहर करना भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्ल
- दिनांक 14-07-2026 सेवा में, विषय: बिना कारण बताए सामाजिक बहिष्कार करने के संबंध में स्पष्टीकरण एवं लिखित जवाब बाबत। महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं विनोद पांडे पिता परमानंद जी पण्डया, ठाकरड़ा आपके ही समाज का एक सम्मानित और नियमबद्ध सदस्य हूँ। अत्यंत खेद और मानसिक पीड़ा के साथ मुझे यह लिखना पड़ रहा है कि पिछले कुछ समय से समाज के कुछ लोगों द्वारा सामूहिक रूप से मेरा और मेरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। समाज के कार्यक्रमों में हमें आमंत्रित न करना, हमसे बातचीत बंद करना और समाज से निष्कासित जैसी स्थिति पैदा करना पूरी तरह से अनुचित और अमानवीय है। मैंने सदैव समाज के नियमों और मर्यादाओं का पालन किया है। इसके बावजूद, मुझे या मेरे परिवार को आज तक इस बहिष्कार का कोई भी ठोस, स्पष्ट या लिखित कारण नहीं बताया गया है। किसी भी व्यक्ति को बिना उसका पक्ष सुने या बिना किसी प्रमाणित आधार के समाज से बाहर करना भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्ल
- पहले ग्राम समाज की जमीन होने के कारण उसे प्रशासन राजेश्वर विभाग की टीम ने छुड़वा दिया अब उसे पर फिर से कब्जा हो गया स्टे मिलने के कारण स्टै को कैसे तुड़वाएं इलाहाबाद उच्च न्यायालय में केस चल रहा है और उसे पर वकील भी लगा दिया है दूसरे पक्ष से