जल्दी सुनवाई की तारीख के लिए आवेदन कैसे करें
सवाल
उत्तर (4)
हाँ, आप दिल्ली हाई कोर्ट में निश्चित रूप से सुनवाई की जल्दी तारीख (Early Hearing Date) के लिए कानूनी आवेदन दाखिल कर सकते हैं।
आपका यह संदेह कि सरकारी पक्ष जानबूझकर अनुपस्थित रहकर देरी कर रहा है, यह आपके लिए जल्दी सुनवाई प्राप्त करने का एक मजबूत आधार है।
जल्दी सुनवाई के लिए कानूनी प्रक्रिया
आपको अपने वकील के माध्यम से तुरंत निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:
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आवेदन दाखिल करना: आपको 'दीवानी प्रक्रिया संहिता' (Civil Procedure Code - CPC) की धारा 151 के तहत 'सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाने के लिए आवेदन' या 'शीघ्र सुनवाई के लिए आवेदन' दाखिल करना होगा।
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आवेदन के आधार: आपके आवेदन में निम्नलिखित कारणों का स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए:
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मामले की तात्कालिकता (Urgency): यह उल्लेख करें कि मामला ट्रिब्यूनल के आदेश से जुड़ा है और लंबी देरी से आपको काफी हो रहा है।
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सरकारी वकील की अनुपस्थिति: यह स्पष्ट रूप से बताएं कि पिछली सुनवाई में सरकारी वकील (Government Counsel) जानबूझकर अनुपस्थित रहे, जिसके कारण 7 महीने बाद की लंबी तारीख दी गई।
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न्याय का हित: यह अनुरोध करें कि मामले में देरी न्याय के हित (Interest of Justice) के खिलाफ है और न्यायालय को अपने अंतर्निहित अधिकार (Inherent Powers) का उपयोग करके तारीख आगे बढ़ानी चाहिए।
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मेंशनिंग (Mentioning): आवेदन दाखिल करने के बाद, आपके वकील को तुरंत संबंधित न्यायाधीश (Judge) के सामने मौखिक रूप से 'मेंशन' (Mention) करना चाहिए। यह एक औपचारिक अनुरोध है, जिसमें वकील न्यायाधीश को लंबी तारीख की समस्या और मामले की तात्कालिकता के बारे में बताते हैं।
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न्यायालय का आदेश: यदि न्यायालय आपके द्वारा बताए गए कारणों (विशेषकर सरकारी पक्ष की लापरवाही) से संतुष्ट होता है, तो वह पहले से दी गई 7 महीने बाद की तारीख को रद्द करके मामले को जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध (List) करने का आदेश दे सकता है।
यह प्रक्रिया आपको सरकारी देरी से निपटने और अपने मजबूत मामले को जल्दी निपटाने में मदद करेगी।
नमस्ते सर / मैम, इस स्थिति में आपको उच्च न्यायालय के समक्ष एक प्रारंभिक सुनवाई आवेदन दायर करना होगा जिसमें आपको एक विशेष अवधि से बी विशेष अवधि तक की अपनी पसंदीदा तारीखों का उल्लेख करना होगा। आपको जल्द सुनवाई की मांग करने के अपने कारण का भी उल्लेख करना होगा। तदनुसार, आपका आवेदन सूचीबद्ध किया जाएगा, न्यायाधीश यदि उचित समझे तो विरोधी पक्ष को नोटिस जारी करेगा और तदनुसार विरोधी पक्ष न्यायाधीश द्वारा निर्धारित तिथि पर उपस्थित होगा और यदि न्यायाधीश आपकी और विरोधी पक्ष की सुनवाई के बाद संतुष्ट है, तो वह आपको एक प्रारंभिक तिथि प्रदान करेगा।
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
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