सादर प्रणाम सम्पूर्णानन्द संस्कृत वि


सवाल

सादर प्रणाम सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्‍यालय वाराणसी में पालीवाल समिति द्वारा प्रस्तुत 122 पद नाम नियुक्ति हेतु उल्लेख्य किया गया था जिसमें प्रार्थी का नाम क्रम सं0 19 पर अंकित है किन्तु प्रार्थी द्वारा सन् 2008 से अपनी नियुक्ति हेतु निरन्तर प्रार्थना पत्र विश्वविद्‍यालय में प्रस्तुत करने के उपरान्त भी विश्वविद्‍यालय द्वारा भ्रामक टिप्पणी के साथ प्रार्थी के प्रार्थना पत्रों को निस्तारित कर दिया जा रहा है और स्वयं विश्वविद्‍यालय द्वारा पालीवाल समिति की आख्या में कूटरचना होने के तथ्य को स्वीकार किया गया है किन्तु कूटरचना कारित करने वाले कर्मचारि के विरुद्व कोई कार्यवाही नही किया गया जबकि प्रार्थी का नाम स्पष्ट रुप से पालीवाल समिति के रिपोर्ट पर अंकित है जबकि 2008 में चार कर्मचारियो को नियुक्त कर दिया गया उसी आधार पर एक कर्मचारि ने 2008 में उच्चन्यायालय इलाहाबाद में वाद दाखिल कर दिया जिसका निर्णय कर्मचारि के पक्ष में आया उसके बाद विश्वविद्‍यालय सर्वाेच्च न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया है जिनको विश्वविद्‍यालय ने अभी तक नियुक्ति नही की अब उस स्थिति में प्रार्थी को क्या करना चाहिए।

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पुनः याचिका दाखिल की जाएगी इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज इसके उपरांत आपको वहां से एक अपनी मॉडल के कंप्लेंट हेतु आदेश प्राप्त होगा आदेश कहां प्रस्तुत करें उसके आधार पर आपकी नौकरी लग जाएगी अधिक जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं धन्यवाद


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