सर शुभ प्रभात। महोदय वाद शिक्षा विभाग


सवाल

सर शुभ प्रभात। महोदय, मेरा वाद शिक्षा विभाग हरियाणा में स्कूल स्तर तक के टीचिंग स्टाफ की संबंधित है जिसका संक्षेप में विवरण निम्न से है - 1.टीजीटी साइंस, सामाजिक विज्ञान, सी & वी के पदों पर वर्ष 1990 से 2000 तक के शिक्षक वर्ग ने विभागीय पदोन्नति का लाभ हासिल करने के लिए हरियाणा राज्य से परे अन्य राज्यों में संचालित विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की शिक्षा बिना शिक्षा विभाग की अनुमति लिए हासिल की ओर उसी स्नातकोत्तर की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर विभागीय पदोन्नति से पीजीटी का पद हासिल कर लिया ओर वही शिक्षक आज शिक्षा विभाग में पीजीटी, प्राचार्य, खण्ड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी के पदों पर पदासीन हैं इस मूल विषय के संबंध में मेरे पास जो प्रमाण हैं उनका विवरण भी निम्न से है -1.अपने मूल शिक्षा विभाग से अध्ययन करने की अनुमति नहीं लेना 2.टीजीटी पद पर कार्यरत रहते हुए संबंधित विश्वविद्यालय के विधि नियमों का भी उलघ्घन किया गया जैसे राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से बतौर प्राइवेट व स्वयंपाठी परीक्षार्थी के लिए वही अभ्यर्थी पात्र हो सकता है जो राजस्थान का मूल निवासी है या कम से कम 2.5 वर्ष

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जरूरत नहीं बिल्कुल भी आपको घबराने की . आपके साथ मैं हूं ना . आपकी कानूनी सहायता में करूंगा . आपको इस मुसीबत से निकाल लूंगा . ता की कोई फजीहत ना हो आप की . आप भारत के संविधान पर विश्वास रखिए. आप भारत की न्याय व्यवस्था पर विश्वास रखिए . आपको इंसाफ जरूर मिलेगा . सत्यमेव जयते


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