मैंने पिता मृत्यु पश्चात उत्तराधिकार
सवाल
उत्तर (2)
हेलो सर मैडम आपका प्रश्न का उत्तर अति महत्वपूर्ण है और आपके लिए इसको जानना जरूरी है तथा इससे संबंधित सभी कानून तथा कानून से बचाव तथा कैसे आप अपनी कार्यवाही उचित और सही तरीके से करें तथा आपके लिए क्या सही होगा अधिक जानकारी के लिए आप हमसे संपर्क कीजिए हम एक एक्सपर्ट एडवोकेट है तथा कई सारे मुकदमों और कार्यवाही के एक्सपर्ट है तथा हजारों प्रश्नों के जवाब ऑनलाइन दे चुके हैं तथा न्यायिक सेवा से संबंधित एग्जाम भी हमने पास किए हैं उचित मार्गदर्शन के लिए हमसे संपर्क कीजिए हम ऑनलाइन तथा ऑफलाइन एडवोकेट है और सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के निर्णय और आदेशों के अनुसार उचित सलाह प्राप्त करें
अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में श्रम एवं सेवा वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।
श्रम एवं सेवा कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- अनुकंपा नीति के तहत अगर उत्तराखंड होमगार्ड में पिता की मृत्यु के बाद माता की मृत्यु पहले ही हो चुकी है तो क्या बड़ी बहन अपने दोनों छोटे भाई बहन की दोनों छोटे भाई बहन नाबालिक हैं तो क्या उनकी अनुमति लेना अनिवार्य है अगर उसने अनुमति नहीं ली है तो इस पर क्या एक्शन हो सकता है
- मेरा नाम जगवेश सिंह है और मेरे पिताजी की मृत्यु होने लगती में कार्य करते हुए हो गई थी और हमने नौकरी के लिए अप्लाई किया तो उन्होंने कहा कि मेरी आयु 10 है और मैं जब 18 साल को हो जाऊंगा तो वह मुझे नौकरी पर ले लेंगे ऑर्डिनेंस फैक्ट्री वालों ने यही कहकर हमें बहकाया दिखाई और उसके बाद में हमने जानकारी नहीं थी हम अनपढ़ पर जब मेरी आयु 24 25 साल की हुई तब मेरा एक्सीडेंट हो गया था फिर हम कर्ज में डुब गए थे कर्ज होने के पक्ष में पढ़ाई भी नहीं कर पाया बहुत गरीब हूं इसीलिए अब हमें नौकरी की जरूरत है और मैने आवेदन नौकरी के लिए करा तो उन्होंने कहा कि मेरी आयु 36 हो चुकी है इसी पश्चात वह मुझे नौकरी नहीं दे सकते आप अतः मुझे बताएं कि मैं क्या करूं
- नमस्ते सर मेरा नाम सचिन शुक्ला, मै प्रयागराज का निवासी हूं. श्रीमान जी मै पिछले 26/09/2024 से राजकीय उद्यान विभाग मे संविदा पर टिकट वितरक के रूप काम करता था, श्रीमान जी इस बार जो नया टेंडर हुआ उसमे हमारे पुराने स्टाफ मे 18 मे से 14 आदमी रखे गए और मुझे निकाला गया, यह टेंडर 10/04/2026 से सुरु हुआ हैँ,.. श्रीमान कृपया मुझे उचित मार्गदर्शन प्रदान करें की अब हम क्या करें, मेरे 18 माह के कार्यकाल मे मेरे खिलाफ ना लिखित ना मौखिक कोई शिकायत नहीं आयी थी
- हाल ही में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने एक wp 9546 of 2026 में विभाग को 30 दिनों के अंदर सभी वास्तविक पात्रों का सत्यापन करने का आदेश दिया है, कुछ ऐसी ही स्थिति इसी भर्ती परीक्षा में अतिथि शिक्षक संवर्ग से शामिल योग्य और अयोग्य अभ्यर्थियों की है, दरअसल आवेदन के समय कोई डॉक्यूमेंट अपलोड ना होने से कई ऐसे अभ्यर्थियों ने अतिथि शिक्षक संवर्ग से आवेदन कर दिया जो इसके लिए आवश्यक योग्यता पूर्ण ही नहीं करते, किन्तु मेरिट में आकर ना केवल मेरिट को प्रभावित किया बल्कि वास्तविक पात्र अभ्यर्थी का हक़ भी छीन लिया, यह सही है कि ऐसे अभ्यर्थी DV में बाहर हो जायेंगे, किन्तु बाहर हुये अभ्यर्थियों के स्थान पर अन्य अभ्यर्थियों को वेटिंग से मौका दिया जायेगा किन्तु इसमें भी भ्रम है कि वेटिंग से आने बाले कितने अभ्यर्थी पात्र होंगे ही और फिर उनका DV होगा फिर वो बाहर होंगे फिर अन्य को मौका मिलेगा इस प्रकार यह प्रक्रिया तो अंतहीन समझ आती है, इस प्रक्रिया को माननीय न्यायलय की wp 9546/2026 की भांति पहले सभी पात्रों का वेरिफिकेशन करके सभी अपात्रों को हटाते हुये मेरिट और वेटिंग सूची बनाने के लिए wpलगना