अगर मैं लीगल नोटिस का जवाब नहीं दूंगा तो क्या होगा


सवाल

मैं जमशेदपुर में घर बनवा रहा हूँ। अचानक ठेकेदार ने काम के दौरान 220 रूपए प्रति वर्ग फीट की दर से ज़्यादा मज़दूरी माँगी, जबकि हमने 170 रूपए प्रति वर्ग फीट की दर तय की थी। जब मैंने ज़्यादा पैसे देने से मना किया, तो उसने काम करने से मना कर दिया। मैंने उसे अब तक 2,80,000 का भुगतान कर दिया है। हमारे बीच कोई लिखित समझौता (Contract) नहीं है। अब वह मुझे धमकी दे रहा है कि मेरे खिलाफ दीवानी अदालत और फौजदारी अदालत दोनों में मुकदमा करेगा, और उसने मुझे कानूनी नोटिस भी भेजा है। मेरे पिता को वह नोटिस मिला है। फिलहाल मैं कोई जवाब नहीं दे रहा हूँ। मैं जानना चाहता हूँ कि मुझे क्या करना चाहिए?

उत्तर (2)


391 votes

यह ज़रूरी है कि आप इस कानूनी नोटिस को हल्के में न लें और तुरंत सही कदम उठाएँ।

1. कानूनी नोटिस का जवाब न देने के परिणाम

  • कमज़ोर बचाव पक्ष: कानूनी नोटिस का जवाब न देने पर भविष्य में अदालत में यह माना जा सकता है कि आपके पास ठेकेदार के आरोपों का कोई ठोस जवाब (Solid Defence) नहीं था। अदालत इसे आपके खिलाफ इस्तेमाल कर सकती है।

  • आरोप कबूल करना: हालाँकि, केवल नोटिस का जवाब न देना ही यह साबित नहीं करता कि आपने ठेकेदार के दावों को स्वीकार कर लिया है। लेकिन यह आपके केस को कमज़ोर ज़रूर करता है।

2. आपको क्या करना चाहिए (आगे की कार्रवाई)

  • तुरंत जवाब दें: आपको तुरंत एक वकील के माध्यम से उस कानूनी नोटिस का जवाब भेजना चाहिए। नोटिस का जवाब आपके पक्ष को मज़बूत करेगा और अदालत में साबित करेगा कि आप इस मामले को लेकर गंभीर हैं।

  • जवाब में क्या लिखें:

    • यह स्पष्ट करें कि मज़दूरी की दर 170 रूपए प्रति वर्ग फीट तय हुई थी, न कि 220 रूपए प्रति वर्ग फीट।

    • बताएँ कि उसने बिना किसी सूचना के काम रोक दिया।

    • बताएँ कि आपने उसे 2,80,000 रूपए का भुगतान किया है।

    • उसे तुरंत काम शुरू करने या काम छोड़ने के कारण बाकी हिसाब देने के लिए कहें।

  • दस्तावेज़ जुटाएँ: आपके पास भले ही लिखित समझौता न हो, लेकिन भुगतान की रसीदें (Payment Receipts), बैंक स्टेटमेंट और दोनों के बीच हुई बातचीत के मैसेज (जैसे WhatsApp या SMS) या गवाहों (Witnesses) के नाम इकट्ठा करें। ये सभी मौखिक अनुबंध को साबित करने में मदद करेंगे।

  • उपभोक्ता आयोग का विकल्प: चूँकि ठेकेदार ने बिना कारण काम बीच में छोड़ दिया है, जिससे आपको नुकसान हुआ है, आप ठेकेदार के खिलाफ ज़िला उपभोक्ता आयोग (District Consumer Commission) में शिकायत दर्ज करा सकते हैं ताकि आपको हुए नुकसान की भरपाई हो सके।

3. ठेकेदार की धमकी पर कानूनी राय

ठेकेदार का यह कहना कि वह दीवानी और फौजदारी दोनों में मुकदमा करेगा:

  • दीवानी मुकदमा: वह पैसे के लिए मुकदमा (Suit for Money Recovery) दर्ज कर सकता है, लेकिन आपको अपने वकील के माध्यम से मज़बूती से इसका बचाव करना होगा।

  • फौजदारी मुकदमा: यह एक दीवानी विवाद है। मजदूरी बढ़ाने या काम छोड़ने के मामले में आपराधिक केस दर्ज होने की संभावना बहुत कम होती है, जब तक कि उसने कोई धोखाधड़ी साबित न कर दी हो।

91 votes

कानूनी नोटिस का जवाब देना हमेशा जरूरी नहीं होता है, लेकिन भविष्य के संदर्भों के लिए यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज हो सकता है। एक याचिकाकर्ता के नोटिस और उसके आनन्द का उद्देश्य सिर्फ यह बताना है कि पार्टियों के बीच एक उचित संचार किया गया है। कानूनी नोटिस का जवाब नहीं भेजने के विपरीत परिणाम हो सकते हैं। उसके मामला दर्ज करने से पहले, भुगतान रसीदों और अन्य सभी दस्तावेजों के साथ राज्य उपभोक्ता आयोग में मामला दर्ज करें। जो आपकी बहुत मदद करेगा।


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